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एक्टिव मजदूरों का 78.19 प्रतिशत इ-केवाइसी कर कैमूर बना राज्य का सिरमौर

जिले में कार्य नहीं करने वाले 241531 लोगों ने बनवा रखा है मनरेगा जॉबकार्ड

# कार्य नहीं करने वाले जॉब कार्डधारियों का इ-केवाइसी करना दे सकता है भ्रष्टाचार को बढ़ावा # अप्रैल में फेस हाजिरी लागू होने की प्रबल संभावनाओं के बीच रिकार्ड स्तर पर पहुंचा इ-केवाइसी # जिले में कार्य नहीं करने वाले 241531 लोगों ने बनवा रखा है मनरेगा जॉबकार्ड ————- जिले में मनरेगा मजदूरों की संख्या 430264 आधार सीडिंग 406808 इ-केवाइसी 237106 इ-केवाइसी का प्रतिशत 58.28 जिले में एक्टिव मजदूरों की संख्या 188733 आधार सीडिंग 188581 इ-केवाइसी 147445 इ-केवाइसी का प्रतिशत 78.19 ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल् # प्रभात खास # मोहनिया सदर. विकसित भारत जी राम जी (मनरेगा) योजनाओं को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए जॉब कार्डधारी मजदूरों का इ-केवाइसी करने में 11 जनवरी 2026 तक कैमूर राज्यभर में पहले स्थान पर बना हुआ है. राज्य में कैमूर पहला ऐसा जिला है, जिसने एक्टिव मजदूरों का सबसे अधिक 78.19 फीसदी इ-केवाइसी करने का रिकाॅर्ड अपने नाम किया है. जिले की 147 पंचायतों में 430264 लोगों ने मनरेगा से जाॅब कार्ड बनवा रखा है, जबकि धरातल पर कार्य करने वाले वास्तविक मजदूरों की संख्या मात्र 188733 ही है. ऐसे में 241531 लोग मनरेगा में मजदूरी का कार्य करते ही नहीं हैं, इसके बावजूद कार्य नहीं करने वाले लोगों का आधार सीडिंग व इ-केवाइसी रिकाॅर्ड स्तर पर किया जाना चिंता का विषय हो सकता है. हालांकि, आशा व्यक्त की जा रही है कि अप्रैल में धरातल पर कार्य करने वाले मनरेगा मजदूरों की फेस स्क्रीनिंग के माध्यम से उपस्थिति दर्ज की जायेगी. ऐसा माना जा रहा है कि यह प्रक्रिया लागू होने से मनरेगा में बिचौलियों व दलालों की दाल अब नहीं गलेगी. मनरेगा योजनाओं में व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर प्रभात खबर ने मनरेगा में हावी बिचौलियों व दलालों का समय-समय पर पर्दाफाश किया, जिससे विभाग की खूब किरकिरी हुई थी. इसको लेकर मनरेगा आयुक्त ने पत्र जारी कर मनरेगा में हो रही लूट पर लगाम लगाने की दिशा में कई ठोस कदम उठाये, जिसके बाद मनरेगा को पारदर्शी बनाने की दिशा में निरंतर नये प्रयोग किये जा रहे हैं. जाॅब कार्डधारकों का फेस इ-केवाइसी शुरु होते ही मनरेगा योजनाओं में बिचौलियों व दलालों को प्रश्रय देकर गड़बड़ी कर अपनी जेब का वजन बढ़ाने वाले अधिकारियों, कर्मियों, बिचौलियों व दलालों में हड़कंप मचा है, उनको अभी से इस बात की चिंता सताने लग गयी है कि अब मनरेगा में अवैध कमाई कैसे होगी. हालांकि, फेस हाजिरी की काट निकालने के लिए भी ऐसे लोगों ने माथापच्ची शुरु कर दी है. # मनरेगा में किस तरह किया जाता है घालमेल यह किसी से छुपा नहीं है, बल्कि जगजाहिर है कि मनरेगा में कार्य करने वाले मजदूरों की संख्या बहुत कम होती है. लेकिन, बड़ी संख्या में लोगों का एमआर निकाला जाता है. धरातल पर कार्य 10 मजदूर करते हैं, लेकिन अलग-अलग मास्टर रोल पर फर्जी तरीके से दर्जनों लोगों की उपस्थिति दर्ज कर उनके बैंक खातों में मजदूरी की राशि का भुगतान अवैध रूप से किया जाता है. इसके बाद बिचौलियों व दलालों के माध्यम से कार्य नहीं करने वाले जिन लोगों के खाते में राशि भेजी गयी होती है, उनसे रुपये निकलवा कर 500-1000 रुपये उनको देकर शेष राशि संबंधित लोगों के बीच बंदरबांट कर लिया जाता है. कुछ तो ऐसे भी लोगों का नाम इस बार सामने आया है जिनके खाते में मनरेगा का अवैध राशि जाने के बाद उन लोगों द्वारा राशि की निकासी कर बिचौलियों को दिया ही नहीं गया, जिसको लेकर कई गांवों में बिचौलियों व दलालों ने उन ग्रामीणों से गाली गलौज तक किया और स्थिति हाथापाई तक भी पहुंच गयी थी. # मनरेगा मजदूरों के आकड़ों पर एक नजर अधौरा प्रखंड— यदि अधौरा प्रखंड की 11 पंचायतों की बात करें तो यहां कुल मजदूरों की संख्या 25157 है, जिसमें 24116 का आधार सिडिंग, 13187 का इ-केवाइसी व इ-केवाइसी का प्रतिशत 54.58 है. यहां कार्य करने वाले एक्टिव मजदूरों की संख्या 16893, आधार सीडिंग 16871 व 10695 का इ-केवाइसी किया गया है. इ-केवाइसी का प्रतिशत 63.39 है. भगवानपुर प्रखंड ::: भगवानपुर प्रखंड की नौ पंचायतों में कुल जाॅब कार्डधारी मजदूरों की संख्या 32759, 32306 का आधार सिडिंग व 18924 का इ-केवाइसी किया गया है. इ-केवाइसी का प्रतिशत 58.58 है. यहां कार्य करने वाले एक्टिव मजदूरों की संख्या 12630, आधार सीडिंग 12623, इ-केवाइसी 10131, जिसका प्रतिशत 80.26 है. भभुआ प्रखंड::::::: भभुआ प्रखंड की 22 पंचायतों में मनरेगा मजदूरों की संख्या 78483, आधार सीडिंग 73227, इ-केवाइसी 42787 तथा इ-केवाइसी का प्रतिशत 58.43 है. यहां एक्टिव मजदूरों की संख्या 31763, आधार सीडिंग 31753, इ-केवाइसी 24828 व इ-केवाइसी का प्रतिशत 78.19 है. चैनपुर प्रखंड:::::: चैनपुर प्रखंड की 16 पंचायतों में मजदूरों की संख्या 59229, आधार सीडिंग 57998, इ-केवाइसी 33818 व इ-केवाइसी का प्रतिशत 58.31 है. यहां एक्टिव मजदूरों की संख्या 25590, आधार सीडिंग 25581, इ-केवाइसी 20711, इ-केवाइसी का प्रतिशत 80.96 है. चांद प्रखंड::::::: चांद प्रखंड की 12 पंचायतों में मजदूरों की संख्या 36009, आधार सिडिंग 34985, इ-केवाइसी 19292, इ-केवाइसी का प्रतिशत 55.14 है, यहां एक्टिव मजदूरों की संख्या 13887, आधार सिडिंग 13883, इ-केवाइसी 11074, तथा इ-केवाइसी का प्रतिशत 79.77 है. दुर्गावती प्रखंड::::::::: दुर्गावती प्रखंड की 13 पंचायतों में मजदूरों की संख्या 28100, आधार सीडिंग 25196, इ-केवाइसी 14242 व इ-केवाइसी का प्रतिशत 56.52 है. यहां एक्टिव मजदूरों की संख्या 9486, आधार सिडिंग 9479, इ-केवाइसी 7594, इ-केवाइसी का प्रतिशत 80.11 है. कुदरा प्रखंड:::::::: कुदरा प्रखंड की 14 पंचायतों में मजदूरों की संख्या 36462, आधार सीडिंग 34034, इ-केवाइसी 20952 व इ-केवाइसी का प्रतिशत 61.56 है. यहां एक्टिव मजदूरों की संख्या 17954, आधार सीडिंग 17950, इ-केवाइसी 14595 व इ-केवाइसी का प्रतिशत 81.31 है. मोहनिया प्रखंड:::::::: मोहनिया प्रखंड की 18 पंचायतों में मजदूरों की संख्या 49145, आधार सिडिंग 45529, इ-केवाइसी 27261, इ-केवाइसी का प्रतिशत 59.88 है. यहां एक्टिव मजदूरों की संख्या 19921, आधार सिडिंग 19907, इ-केवाइसी 15975, इ-केवाइसी का प्रतिशत 80.25 है. नुआंव प्रखंड:::::::: नुआंव प्रखंड की 10 पंचायतों में मजदूरों की संख्या 25702, आधार सीडिंग 23752, इ-केवाइसी 12669, इ-केवाइसी का प्रतिशत 53.34 है. यहां एक्टिव मजदूरों की संख्या 11808, आधार सीडिंग 11806, इ-केवाइसी 9039 व इ-केवाइसी का प्रतिशत 76.56 है. रामगढ़ प्रखंड:::::::: रामगढ़ प्रखंड की 13 पंचायतों में मजदूरों की संख्या 27604, आधार सीडिंग 26440, इ-केवाइसी 14376, इ-केवाइसी का प्रतिशत 54.37 है. यहां एक्टिव मजदूरों की संख्या 10944, आधार सीडिंग 10921, इ-केवाइसी 8407, इ-केवाइसी का प्रतिशत 76.98 है. रामपुर प्रखंड:::::: रामपुर प्रखंड की 09 पंचायतों में मजदूरों की संख्या 31614, आधार सीडिंग 29180, इ-केवाइसी 19598, इ-केवाइसी का प्रतिशत 67.16, यहां एक्टिव मजदूरों की संख्या 17857, आधार सीडिंग 17807, इ-केवाइसी 14396, व इ-केवाइसी का प्रतिशत 80.84 है. # 12 जुलाई को मनरेगा आयुक्त ने जारी किया था पत्र प्रभात खबर ने चालू वर्ष की पहली जुलाई को तपती धूप में गर्म कपड़े पहन मजदूरों ने किया मनरेगा में काम शीर्षक से खबर को प्रकाशित किया. यह खबर बिहार के संपूर्ण एडिशन में प्रथम पृष्ठ पर प्रकाशित हुई थी, जिससे राजधानी से लेकर जिले में हड़कंप मच गया. इसके बाद 12 जुलाई को मनरेगा आयुक्त अभिलाषा कुमारी शर्मा ने पत्र जारी कर अपने पत्र में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया कि लाइव फोटो की जगह फोटो से फोटो कैप्चरिंग, मास्टर रोल में महिलाओं का नाम शामिल किया जाना, लेकिन साइट पर अपलोड किये गये तस्वीर में सिर्फ पुरुष मजदूरों का दिखाना, मास्टर रोल में 10 मजदूरों का नाम, लेकिन फोटो में उनकी संख्या का कम होना, जिला और प्रखंड स्तर पर मनरेगा योजना के क्रियान्वयन की निगरानी पर प्रश्न चिह्न लग रहा है. साथ ही वित्तीय अनियमितताओं की प्रबल संभावना हो गयी है. इसके आलोक में उन्होंने प्रतिदिन अपलोड किये गये फोटो की जांच प्रखंड से जिला स्तर और राज्य स्तर पर सख्ती से लागू करने का आदेश जारी किया था.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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