पीएमजीएसवाइ पर ग्रहण राज्य की मनमानी के चलते : छेदी
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
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भभुआ (कार्यालय) : बिहार में पीएमजीएसवाइ के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क नहीं बनाये जाने का ठीकरा सासाराम के सांसद छेदी पासवान ने बिहार सरकार पर फोड़ा है. उन्होंने कहा कि नियम को दरकिनार कर बिहार सरकार ने पीएमजीएसवाइ के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में बनने वाले सड़क को सांसदों के बजाय जदयू विधायकों की अनुशंसा […]
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भभुआ (कार्यालय) : बिहार में पीएमजीएसवाइ के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क नहीं बनाये जाने का ठीकरा सासाराम के सांसद छेदी पासवान ने बिहार सरकार पर फोड़ा है. उन्होंने कहा कि नियम को दरकिनार कर बिहार सरकार ने पीएमजीएसवाइ के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में बनने वाले सड़क को सांसदों के बजाय जदयू विधायकों की अनुशंसा पर सड़क का निर्माण कराया गया.
केंद्र सरकार द्वारा पीएमजीएसवाइ योजना के लिए बिहार को दिये गये नौ सौ करोड़ रुपये की पहली किस्त का उपयोगिता प्रमाण पत्र आज तक नहीं भेजा गया. दो साल बीत जाने के बाद भी सांसदों के साथ पीएमजीएसवाइ को लेकर एक भी बैठक नहीं की गयी. इसके कारण केंद्र सरकार ने पीएमजीएसवाइ की अगली किस्त पर रोक लगा दिया है. इससे बिहार में पीएमजीएसवाइ योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों के सड़क निर्माण पर ग्रहण लग गया है.
श्री पासवान ने कहा कि केंद्र में जब सप्रंग की सरकार थी तो केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री ने बिहार सरकार को पांच हजार करोड़ रुपये पीएमजीएसवाइ में देने का वादा किया था. उस वादे के आधार पर बिहार सरकार ने पांच हजार करोड़ रुपये की लागत से उक्त योजना के तहत राज्य में विभिन्न सड़कें बनवायी. लेकिन, पांच हजार करोड़ का वादा कर तत्कालीन सप्रंग सरकार ने बिहार सरकार को महज चार सौ करोड़ रुपया उपलब्ध कराया.
इसके कारण बिहार के कई ठेकेदारों के पैसे पीएमजीएसवाइ में फंस गया. 2014 में राजग गठबंधन की केंद्र में सरकार बनी, तो पीएमजीएसवाइ के तहत बिहार में सड़क निर्माण के लिए 22 सौ करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया व इसके लिए मौजूदा केंद्र सरकार में नौ सौ करोड़ की पहली किस्त भी जारी कर दी. साथ ही राज्य सरकार को निर्देश दिया कि पीएमजीएसवाइ के तहत सड़कों के चयन सांसदों की अनुशंसा पर ही की जायेगी. लेकिन, बिहार सरकार में बगैर सांसदों के साथ बैठक किये जदयू विधायकों की अनुशंसा पर बिहार विधानसभा के चुनाव को देखते हुए राज्य में सड़क का निर्माण कराया.
दो साल बीत जाने के बाद भी पीएमजीएसवाइ को लेकर बिहार के किसी भी सांसद के साथ संबंधित विभाग द्वारा कोई बैठक नहीं की गयी और न ही केंद्र सरकार द्वारा नौ सौ करोड़ रुपये की पहली किस्त का उपयोगिता प्रमाण पत्र ही बिहार सरकार द्वारा केंद्र को भेजा गया. इसको लेकर एक तरफ जहां बिहार के सांसदों ने प्रधानमंत्री से संसदीय दल की बैठक में पूरे मामले की शिकायत की, वहीं दूसरी तरफ उपयोगिता प्रमाणपत्र नहीं भेजे जाने के कारण केंद्र ने पीएमजीएसवाइ योजना की दूसरी किस्त देने पर रोक लगा दी है. इसके कारण आज बिहार में उक्त योजना के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क निर्माण का कार्य पूरी तरह से ठप है.
दो साल में आधा किलोमीटर सड़क का नहीं हो सका निर्माण : श्री पासवान ने बताया कि हमलोगों को सांसद बने दो साल होने जा रहे हैं. लेकिन, अब तक अपने क्षेत्र में आधे किलोमीटर सड़क का निर्माण हमलोग बिहार सरकार की उपेक्षा व नियमों को ताक पर रखे जाने से नहीं करा सके हैं. क्षेत्र भ्रमण के दौरान हमलोग जहां भी जाते हैं लोग हम से ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क बनवाने की मांग करते हैं. लेकिन बिहार सरकार द्वारा अड़ंगा लगाये जाने के कारण बिहार में पीएमजीएसवाइ के तहत सड़क निर्माण का कार्य पूरी तरह से ठप है.
हालांकि, उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोगों द्वारा जो भी सड़क बनाने का आवेदन दिया जाता है, उसकी अनुशंसा कर मेरे द्वारा भारत सरकार व राज्य सरकार के संबंधित विभाग को भेज दिये जाते हैं. लेकिन, बिहार सरकार सांसदों के कार्य में बाधा उत्पन्न कर रही है, ताकि सांसद कोई काम न करा सके. इसके चक्कर में बिहार की जनता सफर कर रही है.
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