चैती नवरात्र की तैयारी शुरू, 30 को कलश स्थापना के साथ शुरू होगा नवरात्र
Published by : AMLESH PRASAD Updated At : 27 Mar 2025 9:51 PM
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चैत नवरात्रि की शुरूआत 30 मार्च से होगा. 30 मार्च को कलश स्थापना के साथ नवरात्र की शुरूआत होगी. नवरात्र की तैयारी होने लगा है.
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जहानाबाद नगर.
चैत नवरात्रि की शुरूआत 30 मार्च से होगा. 30 मार्च को कलश स्थापना के साथ नवरात्र की शुरूआत होगी. नवरात्र की तैयारी होने लगा है. इस बार नवरात्र आठ दिनों का होगा. पंचमी तिथि का क्षय होने के कारण आठ दिनों का नवरात्र होगा. इन आठ दिनों तक श्रद्धालु मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना करेंगे. 30 मार्च से नवरात्र आरंभ होगा. जबकि सात अप्रैल को इसका समापन होगा. पांच अप्रैल को महाष्टमी और छह अप्रैल को रामनवमी मनायी जायेगी. चैत नवरात्र चैत माह की प्रतिपदा तिथि 29 मार्च को शाम 04:30 बजे के बाद शुरू हो रहा है. ऐसे में उदया तिथि के अनुसार नवरात्रि का श्रीगणेश और कलश स्थापन 30 मार्च को होगा. नवरात्रि के दौरान दुर्गा सप्तसती, दुर्गा चालीसा के साथ ही रामचरितमानस का भी पाठ होगा. नवरात्र की तैयारी आरंभ हो गया है. कलश स्थापना के लिए लोग कलश की खरीदारी करने लगे हैं. वहीं पूजन सामग्री की भी खरीदारी हो रही है. नवरात्रि के दौरान जिले के विभिन्न देवी मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना आयोजित होगा. इस दौरान मां दुर्गा के भक्त अपनी श्रद्धा के साथ पूजा व उपवास रखकर सुख-समृद्धि की कामना करेंगे. आचार्य के अनुसार इस बार कलश स्थापना 30 मार्च को सुबह 06:30 मिनट से 08:13 मिनट तक शुरू मुहूर्त बताया गया है. हालांकि 10:30 तक कलश स्थापना किया जा सकता है. अभिजीत मुहूर्त 11:36 से दोपहर 12:36 तक रहेगा.इस बार हाथी पर सवार होकर आ रही मां दुर्गा : चैत नवरात्र 30 मार्च से प्रारंभ होगा. इस बार नवरात्र पर देवी दुर्गा का आगमन हाथी पर हो रहा है, यह अत्यंत शुभ माना जाता है. इससे वर्ष भर देश के लिए शुभ फलदायक स्थिति बनी रहेगी. इस वर्ष नवरात्र आठ दिनों का है. वैसे तो मां दुर्गा का वाहन शेर है लेकिन हर वर्ष नवरात्र में देवी अलग-अलग वाहनों पर सवार होकर आती हैं. नवरात्र में देवी जिस वाहन पर सवार होकर आती हैं, इससे दिन तय होता है. रविवार या सोमवार के दिन कलश की स्थापना होने पर देवी दुर्गा हाथी पर सवार होकर आती हैं. शनिवार या मंगलवार के दिन नवरात्र प्रारंभ होने से देवी का वाहन घोड़ा होता है. गुरुवार या शुक्रवार के दिन नवरात्र प्रारंभ हो तो देवी पालकी में बैठकर आती हैं. इसी प्रकार बुधवार के दिन नवरात्र की शुरूआत हो तो देवी नाव पर सवार होकर आती हैं.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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