जरूरत. सीनियर सिटीजन व महिला यात्रियों को खल रही है टिकट काउंटर की कमी
दानापुर रेल मंडल के पटना-गया रेलखंड अंतर्गत जहानाबाद रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को महत्वपूर्ण जरूरतों की कमी से जूझना पड़ रहा है. काउंटरों की कमी के कारण यात्रियों को टिकट कटवाने में धक्का-मुक्की सहनी पड़ती है. ट्रेन से सफर करने के लिए खासकर महिला और सीनियर सिटीजन यात्रियों को उस स्थिति में टिकट कटाने में बेहद कठिनाई झेलनी पड़ती है. जब उनके साथ उनका कोई सहयोगी नहीं होता है. प्रतिदिन यात्रियों की अत्यधिक भीड़ के कारण वे टिकट नहीं कटा पाते और छूट जाती है उनकी ट्रेन. जहानाबाद रेलवे स्टेशन से तीन सौ गज की दूरी के भीतर खोले गये पूर्व मध्य रेलवे के तीन जेटीबीएस टिकट काउंटर में से फिलहाल दो ही संचालित है. एक केंद्र बंद है.
जहानाबाद : रेलवे स्टेशन से प्रतिदिन हजारों की संख्या में महिला और पुरुष यात्री पटना-गया रेलखंड के विभिन्न रेलवे स्टेशनों तक की यात्रा करते हैं. जहानाबाद शहरी क्षेत्र के अलावा काको, बंधुगंज, रतनी, शकुराबाद, कुर्था, किंजर, अरवल, करपी, घोसी, हुलासगंज के अलावा नालंदा जिला क्षेत्र के गांवों से लोग यहां स्टेशन पर आते हैं और पीजी रेल लाइन के नदौल, तारेगना, नदंवा, पुनपुन, पोठही, परसा, पटना, टेहटा, मखदुमपुर, बेला,
चाकंद और गया रेलवे स्टेशन तक की यात्रा करते हैं. प्रतिदिन इस रेलखंड पर तकरीबन छह हजार यात्रियों का आवागमन होता है. यहां संचालित अनारक्षित टिकट काउंटर से प्रतिदिन करीब दो लाख रुपये का राजस्व रेलवे को प्राप्त होता है. अनारक्षित के अलावा आरक्षित टिकट काउंटर से प्रतिदिन डेढ़ लाख रुपये तक की टिकट की बिक्री होती है.
रेलवे सूत्रों के अनुसार करीब एक करोड़ रुपये का मासिक स्टेटमेंट विभाग के पास भेजा जाता है. इसके बावजूद भी जहानाबाद रेलवे स्टेशन पर टिकट काउंटरों की कमी यात्रियों को खल रही है. यदि काउंटरों की संख्या बढ़ायी जाये तो यात्रियों को तो सुविधाएं मिलेगी ही रेलवे की आमदनी में बढ़ोतरी होगी.
भीड़ के कारण बस से यात्रा करने की होती है मजबूरी : जहानाबाद रेलवे स्टेशन पर अक्सर यह देखा जाता है कि टिकट काउंटरों पर भीड़ को देखते हुए सैकड़ों की संख्या में यात्री बस पड़ाव की ओर कूच कर जाते हैं. महंगी यात्रा होने के बावजूद भी सुकून पाने के लिए लोग ट्रेन के बजाय बस की सवारी करना ज्यादा मुनासिब समझते हैं. प्रतिदिन रेलवे स्टेशन परिसर से यात्रियों को अपने सामान के साथ वापस बस पड़ाव की ओर जाते देखा जाता है.
यात्री टिकट काउंटर पर भीड़ को देखकर भांप जाते हैं कि वे टिकट कटाने में असमर्थ रहेंगें और उनकी गाड़ी छूट जायेगी. उनके काम बाधित हो जायेगें. इस कारण सैकड़ों यात्री ट्रेन के बजाय बस, पियाजिओ टेंपो व चार पहिया अन्य वाहनों की सवारी करना ज्यादा उचित समझते हैं.
दो ही जेटीबीएस टिकट काउंटर हैं संचालित: रेलवे के मानक के अनुसार जहानाबाद स्टेशन से तीन सौ गज की परिधि के भीतर जेटीबीएस के तीन काउंटर खोले गये थे. इसमें एक बंद है. एक नंबर जेटीबीएस स्टेशन के दक्षिणी गेट के ठीक सामने हैं जबकि काउंटर नंबर दो काको मोड़ के समीप है. पूर्व मध्य रेलवे का यह दोनों काउंटर कार्यरत है. जहां प्रतिदिन लोगों को टिकट कटाने में सहुलियत मिल रही है. कांउटर नंबर तीन रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर तीन से सटे पश्चिम खोला गया था.
लेकिन फिलहाल यह कई दिनों से बंद है. इस कांउटर के बंद रहने से जिले के उतर-पश्चिमी क्षेत्र के इलाके से आने वाले यात्रियों को कठिनाई झेलनी पड़ रही है. उन्हें रेलवे स्टेशन के टिकट काउंटर से धक्का मुक्की के बीच टिकट कटाने को बाध्य होना पड़ रहा है. कई यात्रियों को इस बात की जानकारी नहीं है कि इसके अलावा दो और भी जेटीबीएस सेंटर हैं या फिर जल्दबाजी में उधर जाना नहीं चाहते.
एक रुपये अधिक टिकट शुल्क लेने का है प्रावधान : पूर्व मध्य रेलवे द्वारा संचालित कराये गये जेटीबीएस में रेलवे के द्वारा निर्धारित टिकट किराया के अलावा एक रुपये अधिक शुल्क लेने का प्रावधान है. यह प्रावधान यहां विधिसम्मत संचालित भी है. अबतक किसी भी यात्री ने जेटीबीएस केंद्र के संचालकों के द्वारा नाजायज ढंग से अतिरिक्त राशि वसूले जाने की शिकायत नहीं की है. स्टेशन प्रबंधन के पास भी ऐसी कोई शिकायत नहीं मिली है.
हालांकि इस प्रावधान से यहां के यात्री वाकिफ हैं.
अतिरिक्त टिकट काउंटर खोलने की है जरूरत : जहानाबाद रेलवे स्टेशन पर फिलहाल तीन अनारक्षित टिकट काउंटर की व्यवस्था है. इसके अलावा एक काउंटर आरक्षित टिकट के लिए है. जो यात्रियों की भीड़ को देखते हुए कम है. टिकट काउंटर की कमी रहने का खामियाजा यहां भुगतना पड़ रहा है यात्रियों को. दैनिक यात्रियों के अलावा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं भी इस स्टेशन पर ट्रेन से उतरते हैं या फिर यहां से प्रस्थान करते हैं.
अहले सुबह से ही छात्र-छात्राओं की बड़ी संख्या शहर स्थित विभिन्न कोचिंग सेंटरों में पढ़ने आते हैं. इसके अलावा आम यात्री एवं पटना-गया के विभिन्न संस्थानों और कल-कारखानों में काम करने वाले मजदूर भी पैसेंजर और एक्सप्रेस ट्रेन से विभिन्न स्थानों के लिए यहां से प्रस्थान करते हैं. ऐसी हालत में मात्र तीन अनारक्षित काउंटर का ही रहना यात्रियों के कष्ट को बढ़ा रहा है. महिला और बुजुर्ग यात्रियों के लिए अलग से काउंटर की कोई व्यवस्था नहीं है.
ऐसी हालत में यहां जरूरत महसूस की जा रही है कि कम से कम महिलाओं के लिए एक, सीनियर सिटीजन के लिए एक अतिरिक्त टिकट काउंटर की व्यवस्था होनी चाहिए. इसके अलावा आरक्षित काउंटर की भी संख्या बढ़ाने की जरूरत है ताकि आरक्षित टिकट कटाने वाले लोगों को मध्य रात्रि से ही काउंटर के पास लाइन लगाने की जरूरत न पड़े. आरक्षित काउंटर मात्र एक रहने से रिजर्वेशन कराने वाले लोगों की स्थिति यह रहती है कि वे रात बारह बजे से ही काउंटर पर जाकर लाइन में खड़े होते हैं. खासकर तत्काल टिकट कटाने वालों के साथ ऐसी स्थिति रहती है.
यदि जहानाबाद रेलवे स्टेशन पर एक आरक्षित टिकट काउंटर, महिलाओं व बुजुर्ग यात्रियों के लिए एक-एक काउंटर की सुविधा बहाल कर दी जाये तो जहानाबाद रेलवे स्टेशन से देश के किसी भी कोने में जाने के लिए टिकट कटाने में लोगों को बड़ी राहत मिलेगी.
यात्रियों की भीड़ को देखते हुए अनारक्षित अतिरिक्त काउंटर खोलने की है जरूरत
जहानाबाद से प्रतिदिन करीब छह हजार यात्रियों का पीजी रेल लाइन में होता है आवागमन
तकरीबन एक करोड़ रुपये का जाता है मासिक स्टेटमेंट
