दो मासूम संतानों की मौत के दर्द ने मां को किया बेहाल

कुएं से सुरक्षित निकली रूबिशा को अपने दो मासूम संतान की मौत के दर्द ने बेहाल कर दिया है.
सोनो . बेलंबा पंचायत के छप्परडीह गांव में बीते गुरुवार की शाम पारिवारिक कलह के बाद अपने तीन बच्चों के साथ कुएं में डूबने वाली 30 वर्षीया रूबिशा खातून व उसकी बड़ी पुत्री तो बचा ली गयी लेकिन उसकी दो मासूम संतान अनिशा (7) व आमिर (5) की मौत पानी में डूबने से हो गयी थी. कुएं से सुरक्षित निकली रूबिशा को अपने दो मासूम संतान की मौत के दर्द ने बेहाल कर दिया है. उसकी आंख से आंसू सूख नहीं रहे हैं. वो रह रहकर दहाड़े मारकर रो रही है. संतान की मौत की पीड़ा में बिलखती रूबिशा को घर और पड़ोस की महिलाएं संभालने में लगी है. उसे मिली नयी जिंदगी की तनिक भी खुशी नहीं. जुमे की शाम तक भी उसके शौहर मो शमशीर सूरत से घर नहीं पहुंच पाये हैं. वहीं इस हादसे में अपनी मां के साथ सुरक्षित बड़ी पुत्री (9) सदमे में है. अपने छोटे भाई बहन की मौत से उसका नन्हा दिल बेहद दुखी है. दादा मो मुमताज बोलते बोलते फफक पड़ते हैं. दोनों मासूमों की मौत से गांव में शोक है.
बच्चों को बचाने के लिए कुएं में कूदी थी- रूबिशा
घटना को लेकर रूबिशा बताती है कि गुरुवार शाम में सास से मामूली कहासुनी के बाद वह अपने मायके भलसुमिया जाने के लिए घर से निकली. कुएं के पास बैठ गयी, तभी उसका बेटा और छोटी बेटी खेलते हुए कुएं में गिर पड़ी. उसे बचाने बड़ी बेटी व फिर मैं कुएं में कूद गयी. ग्रामीणों ने हमें बाहर निकाला. उधर, रूबिशा के ससुर मो मुमताज व उसकी सास जेफरुन खातून कहते हैं कि रूबिशा से उसका कोई कहासुनी नहीं हुई थी. वह तो अपने बच्चों के साथ अलग घर में रहती है जबकि बेटा शमशीर सूरत में काम करता है. बेटा शमशीर और बहू रूबिशा के बीच भी मधुर संबंध है. इधर, घर वालों ने बच्चों का पोस्टमार्टम करवाने से भी इंकार कर दिया गया है. मृतक बच्चों के पिता शमशीर सूरत से घर के लिए रवाना हो चुके हैं.
मौके पर पहुंचे थानाध्यक्ष व सीओ
घटना के बाद सोनो थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार और सीओ प्रशांत कुमार शांडिल्य घटनास्थल पर पहुंचे और पीड़ित परिवार से मिले. थानाध्यक्ष ने रूबिशा का बयान लिया और परिजन सहित ग्रामीणों से भी पूछताछ की. रूबिशा सहित अन्य घर वालों ने इसे एक हादसा करार देते हुए बताया कि मायके जाने के लिए निकली रूबिशा कुआं के पास रुकी तभी दोनों छोटे बच्चे कुआं में गिर गये जिसे बचाने के लिए बड़ी पुत्री और खुद रूबिशा कुआं में कूद गयी. सीओ व थानाध्यक्ष ने बताया कि परिवार सदस्यों ने इसे हादसा बताते हुए बच्चों के पोस्टमार्टम से इंकार कर दिया है.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




