जमुई में 45 लाख के सौंदर्यीकरण कार्य पर उठे सवाल, टेंडर से बचने को किया गया ‘टुकड़ा-टुकड़ा खेल’

Published by : AMIT KUMAR SINH Updated At : 24 May 2026 9:15 AM

विज्ञापन

Jamui News : जमुई के ऐतिहासिक रावनेश्वर हॉल के जीर्णोद्धार में बड़ा खेल सामने आया है. आरोप है कि 45 लाख की योजना को तीन हिस्सों में बांटकर टेंडर प्रक्रिया से बचने की कोशिश की गयी.

विज्ञापन

जमुई से पंकज सिंह की रिपोर्ट : जमुई शहर के ऐतिहासिक रावनेश्वर हॉल के जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण कार्य को लेकर नगर परिषद की कार्यशैली सवालों के घेरे में आ गई है. करीब 45 लाख रुपये की योजना को कथित तौर पर तीन अलग-अलग हिस्सों में बांटकर विभागीय कार्य के रूप में कराया जा रहा है, ताकि खुली निविदा प्रक्रिया से बचा जा सके. मामला सामने आने के बाद स्थानीय लोगों, बुद्धिजीवियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं में नाराजगी बढ़ती जा रही है.

टेंडर नियमों को दरकिनार करने का आरोप

जानकारी के अनुसार सरकारी नियमों के तहत 15 लाख रुपये से अधिक की योजनाओं के लिए खुली निविदा यानी टेंडर प्रक्रिया अनिवार्य होती है. लेकिन रावनेश्वर हॉल के जीर्णोद्धार में लगभग 45 लाख रुपये की लागत को 15-15 लाख रुपये के तीन हिस्सों में बांट दिया गया. आरोप है कि ऐसा जानबूझकर किया गया ताकि टेंडर प्रक्रिया से बचा जा सके और विभागीय स्तर पर ही काम कराया जाए.

सूचना पट्ट तक नहीं लगाया गया

सबसे बड़ा सवाल यह है कि निर्माण कार्य अंतिम चरण में पहुंचने के बावजूद कार्यस्थल पर अब तक कोई सूचना पट्ट नहीं लगाया गया है. आम लोगों को यह तक जानकारी नहीं है कि योजना किस विभाग के तहत चल रही है, लागत कितनी है और निर्माण एजेंसी कौन है. स्थानीय लोगों का कहना है कि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता की भारी कमी दिख रही है.

चहेते संवेदकों को लाभ पहुंचाने का आरोप

स्थानीय लोगों और बुद्धिजीवियों का आरोप है कि योजना को टुकड़ों में बांटकर चहेते संवेदकों को फायदा पहुंचाने की कोशिश की गई है. विभागीय सूत्रों के मुताबिक कनीय अभियंता और सहायक अभियंता को पहले से पूरी लागत की जानकारी थी, इसके बावजूद एक ही भवन में तीन अलग-अलग विभागीय कार्यों का इकरारनामा किया गया.

डीएम आवास के पास चलता रहा निर्माण, फिर भी नहीं हुई कार्रवाई

हैरानी की बात यह है कि रावनेश्वर हॉल जिला पदाधिकारी आवास और समाहरणालय के ठीक बीच स्थित है. इसके बावजूद निर्माण के दौरान किसी अधिकारी ने कथित अनियमितता पर ध्यान नहीं दिया. अब शहर के सामाजिक कार्यकर्ता और बुद्धिजीवी पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं.

ऐतिहासिक धरोहर पर भ्रष्टाचार का आरोप

रावनेश्वर हॉल शहर की सांस्कृतिक पहचान माना जाता है. ऐसे में इसके जीर्णोद्धार के नाम पर यदि वित्तीय अनियमितता हुई है तो यह गंभीर मामला है. लोगों ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई और निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच की मांग की है.

विज्ञापन
AMIT KUMAR SINH

लेखक के बारे में

By AMIT KUMAR SINH

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन