वर्ल्ड हैंड हाइजीन डे पर परिचर्चा, बच्चों में आदत विकसित करने पर जोर

हाथ धोना कोई छोटी आदत नहीं, बल्कि जीवन की सुरक्षा का मजबूत कवच है. यह बात वर्ल्ड हैंड हाइजीन डे के अवसर पर महाराजगंज स्थित प्रभात कुंज में आयोजित लघु परिचर्चा में वक्ताओं ने कही
जमुई. हाथ धोना कोई छोटी आदत नहीं, बल्कि जीवन की सुरक्षा का मजबूत कवच है. यह बात वर्ल्ड हैंड हाइजीन डे के अवसर पर महाराजगंज स्थित प्रभात कुंज में आयोजित लघु परिचर्चा में वक्ताओं ने कही. मानव जीवन में हस्त प्रक्षालन का महत्व विषय पर आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ गौरी शंकर पासवान ने की. वरिष्ठ अधिवक्ता प्रभात कुमार भगत ने कहा कि स्वस्थ जीवन की कुंजी हमारे अपने हाथों में है. यदि नियमित रूप से हाथ धोने की आदत अपनायी जाये तो कई बीमारियों से बचाव संभव है. उन्होंने विशेष रूप से बच्चों में बचपन से ही यह आदत विकसित करने को अपरिहार्य बताया. अध्यक्षीय संबोधन में डॉ गौरी शंकर पासवान ने कहा कि स्वच्छ हाथ ही स्वस्थ जीवन की नींव है. उन्होंने बताया कि हैंड हाइजीन का अर्थ केवल हाथ धोना नहीं, बल्कि साबुन और स्वच्छ जल से बैक्टीरिया और कीटाणुओं को दूर करना है. भोजन से पहले हाथ धोने की आदत को उन्होंने अत्यंत आवश्यक बताया. कार्यक्रम में वक्ताओं ने पारंपरिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से भी हाथों की स्वच्छता के महत्व को रेखांकित किया. उन्होंने कहा कि नियमित हस्त प्रक्षालन न केवल स्वास्थ्य की रक्षा करता है, बल्कि यह हमारी दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा होना चाहिए. अधिवक्ता मुरारी झा, रामचंद्र रवि, शिक्षक मंटू पासवान सहित अन्य वक्ताओं ने भी हाथ धोने को जीवन रक्षक आदत बताते हुए इसे दैनिक जीवन में शामिल करने का आह्वान किया. वहीं, शिक्षकों दिनेश मंडल और बसंत झा ने बार-बार हाथ धोने की आदत को बेहतर स्वास्थ्य का आधार बताया.कार्यक्रम के अंत में वक्ताओं ने कहा कि वर्ल्ड हैंड हाइजीन डे हमें यह संदेश देता है कि छोटी-छोटी अच्छी आदतें, जैसे हाथ धोना और स्वच्छता बनाए रखना, बड़े बदलाव ला सकती हैं. स्मॉल हैबिट, बिग प्रोटेक्शन के संदेश के साथ लोगों को जागरूक किया गया.
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