सावन की पहली सोमवारी पर गिद्धेश्वरनाथ धाम में उमड़ा आस्था का जनसैलाब

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सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते बीडीओ व अन्य | Prabhat Khabar Network

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जमुई के ऐतिहासिक गिद्धेश्वरनाथ धाम में सावन की पहली सोमवारी पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा. तड़के सुबह से ही कतारें लग गईं और 'बोल बम' के जयकारों से पूरा परिसर गूंज उठा. रामायण काल से जुड़े इस पावन स्थल पर भक्तों ने सुख-समृद्धि की कामना की.

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सावन माह की पहली सोमवारी के पावन अवसर पर जमुई जिले के खैरा प्रखंड स्थित पौराणिक व ऐतिहासिक गिद्धेश्वरनाथ धाम में आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला. तड़के सुबह 4 बजे से ही भगवान आशुतोष के दर्शन और जलाभिषेक के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. श्रद्धालुओं ने पवित्र क्युल नदी से जल भरकर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया और सुख-समृद्धि की कामना की.

रामायण काल से जुड़ा है मंदिर का पौराणिक इतिहास

मंदिर के पुजारी पंकज पांडेय ने गिद्धेश्वरनाथ धाम के रामायणकालीन इतिहास और महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया:

पौराणिक मान्यता: जब लंकापति रावण माता सीता का हरण कर ले जा रहा था, तब इसी पर्वत पर पक्षीराज वीर जटायु ने रावण से भीषण युद्ध किया था. युद्ध में रावण द्वारा पंख काटे जाने के बाद जटायु का एक पंख इसी पर्वत पर गिरा था और यहीं उन्हें मोक्ष की प्राप्ति हुई थी. इसी पावन स्मृति के कारण यह स्थान सनातन धर्मावलंबियों के लिए अटूट आस्था का केंद्र है.

भोर से लगीं कतारें, बोल-बम के जयकारों से गूंजा परिसर

मंदिर समिति के सचिव बीरो यादव ने बताया कि पहली सोमवारी को लेकर मंदिर में श्रद्धालुओं के सुगम दर्शन के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे:

  • जलार्पण: सुबह 4 बजे से ही भक्तों का पहुंचना शुरू हो गया था. पूरे दिन मंदिर परिसर "हर-हर महादेव" और "बोल बम" के उद्घोष से गुंजायमान रहा.
  • पूजन सामग्री: श्रद्धालुओं ने बेलपत्र, भांग, धतूरा, दूध और फल-फूल चढ़ाकर परिवार की खुशहाली की मन्नतें मांगीं.

प्रशासनिक व्यवस्था: BDO और थानाध्यक्ष ने संभाला मोर्चा

मेले में सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आया:

  • बीडीओ ने लिया जायजा: प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) शेखर सुमन ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मेला क्षेत्र का निरीक्षण किया और सुरक्षा संबंधी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए.
  • पुलिस बल तैनात: गरही थाना प्रभारी बिपिन चंद्र पालटा के नेतृत्व में पर्याप्त संख्या में पुलिस बल और महिला पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई थी, जिससे श्रद्धालुओं ने सुरक्षित और शांतिपूर्ण माहौल में पूजा-अर्चना की.


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गुलशन कश्यप

लेखक के बारे में

By गुलशन कश्यप

गुलशन कश्यप प्रिंट माध्यम में 15 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. सामाजिक सरोकार, शिक्षा, अनुसंधान, राजनीति, कला-संस्कृति व सिनेमा में रुचि रखते हैं.

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