छोटे सिलिंडर से न हो जाये बड़ा धमाका!

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जिले में धड़ल्ले से गैस रीफिलिंग का काम हो रहा है. ऐसा करना कानूनन जुर्म है. जमुई : हर घर की जरूरत और भोजन का आधार रसोई गैस मामूली खामियों या अनदेखी की वजाह से विस्फोटक रूप ले लेती है. मामूली चुक से एलपीजी सिलिंडर भारी नुकसान पहुंचा सकती है. आए दिन कहीं न कही […]

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जिले में धड़ल्ले से गैस रीफिलिंग का काम हो रहा है. ऐसा करना कानूनन जुर्म है.
जमुई : हर घर की जरूरत और भोजन का आधार रसोई गैस मामूली खामियों या अनदेखी की वजाह से विस्फोटक रूप ले लेती है. मामूली चुक से एलपीजी सिलिंडर भारी नुकसान पहुंचा सकती है. आए दिन कहीं न कही गैस सिलिंडर फटने की घटना सामने आ जाती है.
यह घटना प्रशासन और पेट्रोलियम कंपनी द्वारा जन सुरक्षा के उपाय में कमी की ओर इशारा करती है. शहर में खैरा मोड़ पर एलपीजी सिलिंडर की अपूर्ति होती है. बावजूद इसके शहर की दुकानों में नियमों की अनदेखी कर छोटे सिलिंडर में गैस रिफिलिंग का काम धड़ल्ले से किया जाता है. जिसके इस्तेमाल से लगातार जान और माल का खतरा बना रहता है. स्थिति यह है कि थाना के आसपास के व्यवसायी भी गैस रिफिलिंग कार्य धड़ल्ले से कर रहे हैं और प्रशासन बेपरवाह बना हुआ है. बताते चलें कि छोटे सिलिंडरों में गैस रिफिल करना कानूनन जुर्म है और ऐसा करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का भी प्रावधान है.
दुर्घटना के कारण
महिलाओं के लिए गैस का इस्तेमाल रसोई घरों को धुआं से मुक्त तो किया है, लेकिन उनके लिए खतरा भी बढ़ा है. कभी-कभी एक्सपायरी सिलिंडर घर में पहुंच जाता है तो कभी नोजल से लीकेज वाला. इन सबसे भी अधिक खतरा उन छोटे सिलिंडर से होता है जो बिना सुरक्षा मानक के स्थानीय दुकानदारों द्वारा भर दिये जाते हैं. हालिया घटना क्रम पर नजर डाले तो गैस सिलिंडर फटने से जितनी भी दुर्घटनाएं हुई है उसका कारण छोटे सिलिंडर का इस्तेमाल ही सामने आया है.
कहते हैं अनुमंडलाधिकारी
इस बाबत पूछे जाने पर अनुमंडल पदाधिकारी सुरेश प्रसाद बताते हैं कि गैस रिफिलिंग कर खरीद-बिक्री किया जाना कानूनी तौर अपराध है. रोकथाम लगाने को लेकर कार्रवाई किया जाता है. इसके बावजूद दुकानदारों के द्वारा रिफिलिंग कार्य किया जा रहा है तो उस पर कानूनी कार्रवाई किया जायेगा.
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