पुलिस से बढ़ती नजदीकी ने ली जान
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
Updated:
विज्ञापन
पत्थर व्यवसायी विजय वर्णवाल नक्सलियों से दूरी बनाने लगा था. माओवादियों द्वारा फेंके गये परचे में लिखा है कि संगठन से गद्दारी करने वालों की यही सजा होती है. इससे जाहिर होता है कि नक्सली उनसे खफा थे. चकाई : बीते शुक्रवार की रात चंद्रमंडीह थाना के ठाढ़ी गांव के पहाड़ी पर माओवादियों द्वारा मारा […]
विज्ञापन
पत्थर व्यवसायी विजय वर्णवाल नक्सलियों से दूरी बनाने लगा था. माओवादियों द्वारा फेंके गये परचे में लिखा है कि संगठन से गद्दारी करने वालों की यही सजा होती है. इससे जाहिर होता है कि नक्सली उनसे खफा थे.
चकाई : बीते शुक्रवार की रात चंद्रमंडीह थाना के ठाढ़ी गांव के पहाड़ी पर माओवादियों द्वारा मारा गया पत्थर व्यवसायी विजय वरणवाल पांच माह पूर्व तक संगठन में शामिल था़ विजय वरणवाल भाकपा माओवादी कमांडर सुरंग दा का काफी करीबी माना जाता था़ सूत्रों की मानें तो लेवी वसूली में हुई गड़बड़ी व पत्थर के अवैध कारोबार में पुलिस से बढ़ती निकटता ही उसके मौत का कारण बना है. इसकी पुष्टि माओवादियों द्वारा घटना स्थल पर फेंके गए पर्चा से भी होती है. जिसमें लिखा है कि संगठन से गद्दारी करने वालों की यही सजा होती है. जानकारी के अनुसार विजय वरणवाल झारखंड के भेलवाघाटी थाना के रामपुरा गांव का रहने वाला था.
वह पिछले कई वर्षों से माआवादी संगठन के लिए अप्रत्यक्ष रूप से काम किया करता था़ नक्सली कमांडर सुरंग दा का काफी करीबी होने के कारण संगठन के लिए लेवी वसूलने से लेकर पुलिस पर नजर रखने सहित अन्य कार्यों की जिम्मेवारी संगठन द्वारा उसे सौंपी गयी थी. सूत्रों की मानें तो बीते 12 फरवरी को माओवादियों द्वारा भेलवाघाटी मुखिया प्रभावती देवी के पुत्र सुभाष वरणवाल व शिक्षक श्याम सुन्दर पंडित की हत्या मामले में विजय वर्णवाल ने संगठन के लिए सक्रिय भूमिका निभायी थी. उक्त घटना में उसकी संलिप्तता पाकर पुलिस द्वारा इसे नामजद भी किया गया था लेकिन पिछले कुछ दिनों से वह संगठन से अलग होकर स्वतंत्र रूप से लेवी वसूली से लेकर पत्थर का अवैध कारोबार में लिप्त था. सूत्रों की मानें तो संगठन के साथ धोखाधड़ी ही उसकी मौत का कारण बना है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










