बाढ़ के कारण फसल नहीं लगा पाये तो अब उसे माना जायेगा क्षति, सीएम नीतीश बोले- पशु क्षति का भी ठीक से आकलन कराएं

Updated at : 09 Sep 2021 8:35 AM (IST)
विज्ञापन
बाढ़ के कारण फसल नहीं लगा पाये तो अब उसे माना जायेगा क्षति, सीएम नीतीश बोले- पशु क्षति का भी ठीक से आकलन कराएं

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि बाढ़ से जहां फसल नहीं लगी है, उसे भी फसल क्षति मानें. साथ ही आकलन कर किसानों को सहायता उपलब्ध कराएं.

विज्ञापन

पटना. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि बाढ़ से जहां फसल नहीं लगी है, उसे भी फसल क्षति मानें. साथ ही आकलन कर किसानों को सहायता उपलब्ध कराएं. उन्होंने कहा कि कृषि विभाग, आपदा प्रबंधन विभाग और सभी जिलों के डीएम बाढ़ के कारण हुई क्षति का पंचायतवार आकलन तीन से चार दिनों में करें, ताकि उसके आधार पर सभी पीड़ितों की मदद की जा सके.

इसके बाद जिलों के प्रभारी मंत्री संबंधित जिलों में जाकर डीएम के साथ बैठक कर इसे अंतिम रूप दें. मुख्यमंत्री ने यह निर्देश बुधवार को अधिकारियों को बैठक के दौरान दिया. मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित संवाद में राज्य में बाढ़, आपदा और अल्पवृष्टि से उत्पन्न स्थिति को उच्चस्तरीय समीक्षा की.

साढ़े पांच घंटे से अधिक समय तक चली बैठक में वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के डीएम भी शामिल हुए. इसमें भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के प्रतिनिधि ने अब तक की वर्षापात की स्थिति और आने वाले दिनों के बारिश पूर्वानुमान के संबंध में विस्तृत जानकारी दी.

उन्होंने कहा कि मौसम पूर्वानुमान के अनुसार भविष्य के लिए सचेत रहते हुए पूरी तैयारी रखें. इससे पहले आपदा प्रबंधन विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने राज्य में बाढ़ एवं अल्पवृष्टि को लेकर विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने बताया कि इस वर्ष अब तक तीन चरणों 13 से 17 जून, एक से सात जुलाई व आठ से 22 अगस्त तक में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हुई है.

आपदा पीड़ितों के लिए सभी प्रकार के राहत व बचाव कार्य किये गये. अब तक 7,95,538 परिवारों के बीच 477.32 करोड़ रुपये ग्रैच्युट्स रिलीफ की राशि बांटी जा चुकी है और बचे लोगों में जीआर का वितरण 25 सितंबर तक कर दिया जायेगा. बाढ़ से 20 जिलों के 16.50 लाख परिवारों के 69.53 लाख लोग पीड़ित हुए हैं, जिन्हें हर संभव मदद की जा रही है.

पशु क्षति का भी ठीक से आकलन कराएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में पशु क्षति का भी ठीक से आकलन कराये और पशुपालकों की सहायता करे. जल संसाधन विभाग बाढ़ के स्थायी समाधान के लिए दीर्घकालीन योजना बनाकर काम करे, ताकि बाढ़ का असर कम-से-कम हो.

उन्होंने कहा कि जिलों के उन विशिष्ट क्षेत्रों का भी आकलन कर लें, जहां अल्पवृष्टि की स्थिति बन रही हो. हर वर्ष बाढ़ से बहुत बड़ा क्षेत्र प्रभावित होता है, उससे बचाव व राहत के लिए हमलोग लगातार काम कर रहे हैं.

ये रहे मौजूद

बैठक में उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद और जल संसाधन मंत्री संजय कुमार झा समेत कैबिनेट के कई मंत्री मौजूद थे. साथ ही मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव त्रिपुरारि शरण और मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे.

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उद्योग मंत्री शाहनवाज हुसैन, संबंधित विभागों के अन्य वरीय पदाधिकारी, सभी प्रमंडलीय आयुक्त, रेंज के आइजी व डीआइजी, सभी जिलों के डीएम, एसएसपी व एसपी जुड़े हुए थे.

Posted by Ashish Jha

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन