ePaper

पांच वर्षों में साढ़े तीन हजार महिलाओं ने बनवाया डीएल

Updated at : 12 Aug 2025 10:34 PM (IST)
विज्ञापन
पांच वर्षों में साढ़े तीन हजार महिलाओं ने बनवाया डीएल

जिले की सड़कों पर अब बड़ी संख्या में महिलाएं दोपहिया, तिपहिया और कार चलाते हुए नजर आ रही हैं.

विज्ञापन

रत्नेश कुमार शर्मा, हाजीपुर. जिले की सड़कों पर अब बड़ी संख्या में महिलाएं दोपहिया, तिपहिया और कार चलाते हुए नजर आ रही हैं. इसका सबूत हैं बीते पांच वर्षों के परिवहन विभाग के आंकड़े, जो एक नया सामाजिक ट्रेंड बयां कर रहे हैं. परिवहन विभाग के अनुसार, वर्ष 2021 से महिलाओं द्वारा ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की संख्या में तेजी आई है. पिछले 5 वर्षों में कुल साढ़े तीन हजार से अधिक महिलाओं ने लाइसेंस बनवाए हैं. अब वे ऑफिस, स्कूल, बाजार और घर के कामों में वाहन चलाकर खुद को साबित कर रही हैं. चालक सीट पर महिलाओं की बढ़ती संख्या आधी आबादी की बढ़ी भागीदारी का संकेत है. जानकारी के अनुसार परिवहन विभाग से वर्ष 2021 से अब तक 1 लाख 33 हजार 556 डीएल निर्गत किया गया है. जिसमें 1 लाख 30 हजार 18 पुरुष एवं 3563 महिलाएं और 5 ट्रांसजेंडर शामिल है.

मालूम हो कि आज के दौड़ में महिलाएं किसी भी सेक्टर में पुरुष से पीछे नहीं है. सरकार भी महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए कई योजनाएं चला रखी है. जिसका लाभ लेकर महिलाएं अब अबला नहीं सबला बन रही है. बैंक, निजी या सरकारी दफ्तर, पुलिस बल, अर्द्धसैनिक बल सभी जगह महिलाएं अपनी जिम्मेदारी निभा रही है. अब महिलाएं ड्राइविंग के क्षेत्र में भी अपने को साबित कर रही है. सड़कों पर बाइक, स्कूटी और चार पहिया वाहन चलाते महिला दिख रही है. वहीं विभागीय आंकड़े के अनुसार महिलाएं डीएल भी बनवा रही है. वहीं बड़े शहरों की तरह आधी आबादी अब सड़कों पर दो पहिया, चार पहिया वाहनों पर फर्राटा भर रही है.

डीटीओ धीरेंद्र कुमार ने बताया कि विगत पांच वर्षों में डीएल बनवाने में महिलाओं की संख्या बढ़ी है. समाज में आई जागरूकता व नौकरी से जुटे होने के कारण उनका आत्मविश्वास बढ़ा है. महिलाएं खुद गाड़ी चलाकर अपने ऑफिस आती-जाती है. बच्चों को स्कूल छोड़ने से लेकर घर के बुजुर्ग को लेकर भी खुद कार या स्कूटी चलाकर निकलती दिखाई देती है.

सुबह सड़कों पर चार पहिया वाहन चलाती नजर आती है महिलाएं

महिलाएं अब केवल दो पहिया वाहन और स्कूटी तक ही सीमित नहीं है, चार पहिया वाहन चलाने की तरफ भी उनका रुझान काफी बढ़ा है. जिसका परिणाम है कि सुबह में शहर की सड़कों पर महिलाएं मोटर ड्राइविंग स्कूल की कार चलाना सीखती नजर आती है. कार में मोटर स्कूल के कर्मी सवार रहकर महिला को कार चलाने से संबंधित आवश्यक जानकारी देते रहते है. एक मोटर ड्राइविंग स्कूल के संचालक ने बताया कि धीरे-धीरे हाजीपुर शहर की महिलाओं में भी चार पहिया वाहन चलाने को लेकर रुचि बढ़ी है. हालांकि महानगरों की अपेक्षा छोटा शहर होने के कारण संख्या कम है.

वर्ष 2025 में अब तक 815 महिलाओं ने बनवाया डीएल

डीटीओ ने बताया कि वर्ष 2025 में 11 अगस्त तक 815 महिलाओं ने डीएल बनवाया है. चार महीने बाकी है, और इतनी ही डीएल और बनने की संभावना है. जो विगत पांच वर्षों के रिकॉर्ड के अनुसार सबसे अधिक है. उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 में 725, वर्ष 2023 में 478, वर्ष 2022 में 875, वर्ष 2021 में 670 महिलाएं अपना डीएल बनवा चुकी है.

विगत पांच वर्षों में परिवहन विभाग द्वारा जारी डीएल का जेंडर वाइज रिपोर्ट

– वर्ष – पुरुष – महिलाएं – ट्रांसजेंडर – कुल

– 2025 – 21691 – 815 – 1 – 22507

– 2024 – 25984 -725 -1 – 26710

– 2023 – 19388 -478 -0 – 19866

– 2022 – 30894 -875 – 1 – 31770

– 2021 – 32061 -670 – 2 – 32733

——————————————————–

कुल – 1,30,018 – 3563 – 5 – 1,33,556

क्या कहते है डीटीओ

विगत पांच वर्षों में 3563 महिलाओं का डीएल बना है. पहले की तुलना में अब महिलाओं की भागीदारी काफी बढ़ी है. लाइसेंस टेस्टिंग के दौरान उनके लिए विशेष सुविधाएं दी जाती हैं ताकि उन्हें लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़े. महिलाएं जिस तरह से निजी वाहन चलाने में रुचि दिखा रही है, उसी प्रकार कॉमर्शियल वाहन की तरफ भी उनका रुझान बढ़े इसके लिए विभाग प्रयासरत है.

धीरेंद्र कुमार, डीटीओ

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
AMLESH PRASAD

लेखक के बारे में

By AMLESH PRASAD

AMLESH PRASAD is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन