hajipur news. मुख्य स्तूप का गेट बंद रहने से पर्यटक हुए निराश

Author Rahul ray
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hajipur news. मुख्य स्तूप का गेट बंद रहने से पर्यटक हुए निराश

विशेषकर थाईलैंड से आए विदेशी पर्यटकों में निराशा देखने को मिली, जो विशेष रूप से भगवान बुद्ध की अस्थि कलश के दर्शन और पूजा-अर्चना के उद्देश्य से वैशाली आए थे

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वैशाली. नववर्ष पर वैशाली स्थित बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय सह स्मृति स्तूप परिसर में पहुंचे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को निराशा हाथ लगी. परिसर में बने मुख्य स्तूप, जिसमें भगवान बुद्ध की पावन अस्थि कलश स्थापित है, को 31 दिसंबर और 1 जनवरी के लिए बंद कर दिया गया. इस कारण 31 दिसंबर को बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालु मुख्य स्तूप का दर्शन नहीं कर सके.

श्रद्धालु परिसर में ही घूमकर वापस लौट गए. दिन भर देश-विदेश से आए पर्यटक बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय पहुंचे, लेकिन मुख्य स्तूप का गेट बंद मिलने से वे मायूस नजर आए. विशेषकर थाईलैंड से आए विदेशी पर्यटकों में निराशा देखने को मिली, जो विशेष रूप से भगवान बुद्ध की अस्थि कलश के दर्शन और पूजा-अर्चना के उद्देश्य से वैशाली आए थे. स्तूप बंद होने के कारण वे अंदर प्रवेश नहीं कर सके.

हालांकि श्रद्धालुओं और पर्यटकों ने स्तूप के मुख्य द्वार के बाहर ही भगवान बुद्ध को नमन किया और शांति की कामना की. इसके बाद उन्होंने वैशाली के अन्य ऐतिहासिक एवं धार्मिक पर्यटक स्थलों का भ्रमण किया.

पर्यटकों का कहना था कि यदि पहले से ही स्तूप बंद रहने की सूचना स्पष्ट रूप से दी जाती, तो उन्हें असुविधा नहीं होती. बावजूद इसके, वैशाली की ऐतिहासिक और आध्यात्मिक विरासत ने पर्यटकों को आकर्षित किया और उन्होंने अन्य स्थलों का आनंद लिया.

इस संबंध में संग्रहालय अध्यक्ष विमल तिवारी ने बताया कि अत्यधिक भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था के कारण दो दिनों के लिए मुख्य स्तूप को बंद किया गया था.

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