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जिले के 477 राजस्व ग्राम में त्रिसीमाना एवं सीमा सत्यापन के बाद शुरू हुआ किस्तवार का कार्य

Updated at : 01 Dec 2025 9:17 PM (IST)
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जिले के 477 राजस्व ग्राम में त्रिसीमाना एवं सीमा सत्यापन के बाद शुरू हुआ किस्तवार का कार्य

हाजीपुर. जिले के 477 राजस्व ग्राम में त्रिसीमाना एवं सीमा सत्यापन की प्रक्रिया होने के बाद सोमवार से दिसंबर से किस्तवार का कार्य तेजी से शुरू हो गया है.

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हाजीपुर. जिले के 477 राजस्व ग्राम में त्रिसीमाना एवं सीमा सत्यापन की प्रक्रिया होने के बाद सोमवार से दिसंबर से किस्तवार का कार्य तेजी से शुरू हो गया है. बंदोबस्त विभाग ने सर्वेक्षण की प्रक्रिया अब तय समय-सीमा के भीतर पूरा करने के लिए व्यापक योजना बनायी है. इसके लिए सभी 16 अंचलों के लिए विस्तृत माइक्रो-प्लान तैयार किया गया है. भूमि सर्वेक्षण कार्य में अब तक 477 राजस्व ग्राम की त्रिसीमाना व सीमा सत्यापन की प्रक्रिया संपन्न हो चुकी. इन राजस्व ग्राम में सोमवार से किस्तवार का कार्य शुरू गया. सर्वेक्षण टीम गांवों में रैयतों की भूमि का सीमांकन और माप-जोख का काम आरंभ कर दी है. सर्वे टीम रैयतों की मौजूदगी में उनकी जमीनों को चिह्नित करने के साथ ही नक्शे पर पेंसिल से नया खाता नंबर और प्लॉट नंबर अंकित करेगी. अधिकारियों के अनुसार, दावा-आपत्ति की प्रक्रिया पूरी होने के बाद रैयतों की भूमि का नया नंबर दर्ज होगा और इसके आधार पर नया खतियान तैयार किया जायेगा. इस संबंध में जिला बंदोबस्त पदाधिकारी विपिन कुमार यादव ने बताया कि भू-सर्वेक्षण को लेकर सोमवार से किस्तवार की प्रक्रिया शुरु हो गयी है. ये पूरे 6 माह में पूरा किया जाना है. इसके लिए 1503 राजस्व ग्राम में 341 अमीन, 32 स्पेशल सर्वेक्षण कानूनगों, 16 अंचलों में एएसओ आदि को लगाया गया है. इन्होंने कहा कि जिले में कुल 22 चरणों में सर्वेक्षण का काम पूरा होगा. इन्होंने रैयतों से अपील करते हुए कहा कि आप सर्वे के लिए प्रपत्र 2 व प्रपत्र 3(1) ऑनलाइन कर दे या अपने अंचल शिविर में जमा कर दें.

क्या है किस्तवार प्रक्रिया

किस्तवार का कार्य भूमि के छोटे-छोटे खंडों या खेतों को परिभाषित करना है जो मेड़ों से घिरे होते हैं. इसका मुख्य उद्देश्य प्रत्येक रैयत (काश्तकार) के भूमि स्वामित्व के अधिकार को संरक्षित रखने के लिए एक सटीक मानचित्र बनाना है, जिसके आधार पर अधिकार-अभिलेख तैयार किये जाते हैं. यह सर्वेक्षण और बंदोबस्त प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और न्याय व्यवस्था तथा भूमि प्रबंधन में अहम भूमिका निभाता है. किस्तवार के माध्यम से हर खेत को दर्शाने वाला एक मानचित्र बनाया जाता है. प्रत्येक रैयत के स्वामित्व वाले भूमि के अधिकार को सुरक्षित और स्पष्ट करने के लिए यह कार्य किया जाता है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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Abhishek shaswat

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Abhishek shaswat is a contributor at Prabhat Khabar.

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