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hajipur news. हरिहरपुर में मिले चिकेन पॉक्स के 19 संभावित मरीज, नौ का लिया गया ब्लड सैंपल

Updated at : 07 May 2025 11:23 PM (IST)
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hajipur news. हरिहरपुर में मिले चिकेन पॉक्स के 19 संभावित मरीज, नौ का लिया गया ब्लड सैंपल

लोगों के प्रभावित होने की सूचना पर पहुंची मेडिकल टीम ने की जांच, गर्मी से बढ़ा चिकेन पॉक्स का प्रकोप

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हाजीपुर. गर्मी बढ़ने के साथ ही जिले में मिजिल्स एवं चिकेनपॉक्स का प्रकोप बढ़ता जा रहा है. स्वास्थ्य विभाग की जिला सर्वेक्षण इकाई के मुताबिक जिले के विभिन्न क्षेत्रों में इसके केस मिल रहे हैं. सदर प्रखंड की दौलतपुर देवरिया पंचायत के हरिहरपुर गांव में चिकेनपॉक्स से पीड़ित 19 मरीज पाये गये हैं. जिला एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ महेश्वरी सिंह महेश ने बताया कि सदर प्रखंड पीएचसी के क्षेत्र में दौलतपुर देवरिया पंचायत के हरिहरपुर, वार्ड नंबर 11 में चिकेनपॉक्स से लोगों के प्रभावित होने की सूचना मिली थी. बुधवार को वहां मेडिकल टीम गयी और पीड़ितों के बारे में विस्तृत जानकारी ली. मेडिकल टीम ने हाउस टू हाउस सर्विलांस में 19 संभावित मरीज पाये. उनमें से नौ लोगों के ब्लड सैंपल लिये गये, जिन्हें जांच के लिए पीएमसीएच के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में भेजा गया है. सभी प्रभावित मरीजों को विटामिन ए की खुराक दी गयी है. साथ ही बुखार वाले बच्चों को पैरासिटामोल की सिरप व टैबलेट दिये गये हैं.

इंवेस्टिगेशन टीम में जिला एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ महेश्वरी सिंह महेश, बीएचएम अनीश कुमार, लैब टेक्नीशियन विजेता, आशा सीता देवी एवं आशा फैसिलिटेटर बबिता कुमारी शामिल थीं. जिन नौ पीड़ितों के ब्लड सैंपल लिये गये, उनमें 45 वर्षीय महिला से पांच साल तक के बच्चे हैं. सुधीर कुमार के पुत्र शौर्य राज (9), श्रेयांश राज (6), सत्येंद्र यादव के पुत्र परिन राज (8), पृथ्वी राज (8), साक्षी कुमारी (12), जितेंद्र कुमार की पत्नी कंचन देवी (45), पुत्री अमीषा कुमारी (12), पुत्र हर्ष राज (5) तथा विशुनदेव राय की पुत्री जानवी कुमारी (9) के ब्लड सैंपल लिये गये.

इन लक्षणों के मिलने पर बरतें सावधानी

जिला एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ माहेश्वरी सिंह महेश ने बताया कि गर्मी के मौसम में मिजिल्स या चिकेनपॉक्स का प्रकोप फैलने की संभावना रहती है. इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग की ओर से सतर्कता बरती जा रही है. बुखार, सूखी खांसी, नाक बहना, गले में खराश, आंखों में जलन, त्वचा पर लाल चकत्ते होना आदि इसके लक्षण हैं. चिकित्सक बताते हैं कि मिजल्स या खसरा रोग एक वायरल संक्रमण है, जो रूबेला वायरस के कारण होता है. यदि किसी एक व्यक्ति को मिजल्स हो जाये, तो उसके आसपास रहने वाले लोगों के भी संक्रमित होने की संभावना रहती है. ये लक्षण वायरस के संपर्क में आने के एक सप्ताह से अधिक समय बाद दिखने शुरू होते हैं. छोटे बच्चों के लिए यह खतरनाक स्थिति उत्पन्न कर देती है. कई मामलों में मिजल्स से निमोनिया, इंसेफलाइटिस आदि होने का खतरा रहता है. यह ब्रोंकाइटिस और गंभीर दस्त जैसी स्थिति भी पैदा कर सकती है. इसलिए मिजिल्स के लक्षण दिखने पर सावधानी बरतने की जरूरत है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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Shashi Kant Kumar

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By Shashi Kant Kumar

Shashi Kant Kumar is a contributor at Prabhat Khabar.

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