राजापाकर. राजापाकर प्रखंड की विभिन्न पंचायतों में नीलगाय के आतंक से किसान परेशान हैं. ग्रामीणों का आराेप है कि प्रखंड प्रशासन द्वारा इसके निदान की कोई व्यवस्था नहीं की जा रही है. पूर्व के वर्षों में नीलगाय को कम करने के लिए शूटर आते थे और पंचायत में जाकर नीलगाय को शूट करते थे. लेकिन, इधर एक वर्ष से फिर नीलगाय का आतंक बढ़ गया है. ये नीलगाय झुंडों में आते हैं और किसानों के खेतों में लगे साग, सब्जी, दलहन, मकई, गेंहू जैसी फसल को बर्बाद कर रहे हैं. किसान हरि मंगल राय, रघुनाथ सिंह, लालबाबू राय, राम शंकर राय, अशोक राय, चंद्रदीप राय, लक्ष्मण राय, जवाहर राय आदि ने बताया कि बखरी बराई पंचायत, जाफरपट्टी पंचायत आदि के चौर इलाके में नीलगाय का भारी आतंक है. इससे ज्यादा नुकसान गेहूं की फसल, तिलहन व आलू की फसल को हो रही है. नीलगाय झुंडों में आते हैं एवं हरे-भरे पौधों को चर जाते हैं. किसान काफी मेहनत से गेहूं की खेती खाद बीज पानी देकर करते हैं. लेकिन, उन्हें सबसे ज्यादा चिंता नीलगाय की होती है. विभिन्न पंचायत के जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों, प्रगतिशील किसानों ने डीएम से मांग की है कि पूर्व की तरह फिर से जिले से शूटरों की व्यवस्था कर पंचायतों में भेजा जाये, ताकि किसानों को नीलगाय से राहत मिल सके.
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