दिलीप कुमार, महुआ. महुआ में निर्बाध बिजली आपूर्ति को लेकर कुशहर में 132 केवी पॉवर ग्रिड निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण करने के बाद भी कार्य शुरू नहीं हो सका है, जिससे जून में ग्रिड चालू हो पाना मुश्किल लग रहा है. समसपुरा पंचायत के कुशहर चंवर में ग्रिड निर्माण को लेकर मई 2025 में भूमि अधिग्रहण कर लिया गया था़ इसके बाद जून में टेंडर के बाद सुजामा इलेक्ट्रिकल कंपनी को ग्रिड बनाने की जिम्मेदारी दी गयी थी़ ग्रिड का निर्माण कार्य जुलाई 2025 में शुरू कर देना था और इस साल जून तक ग्रिड को चालू कर देना था, लेकिन ग्रिड निर्माण वाली भूमि पर जलजमाव के कारण अभी तक कार्य शुरू नहीं किया गया है.
हालांकि, कार्य शुरू कराने को लेकर प्रयास तेज किया है. जनवरी के अंतिम सप्ताह तक कार्य शुरू होने की संभावना जतायी जा रही है. ग्रिड का निर्माण कार्य पूरा होते ही 33 किमोमीटर दूर सलहा से लायी जा रही बिजली के स्थान पर महुआ पावर ग्रिड से ही बिजली मिलनी शुरू हो जायेगी.आठ एकड़ में बनेगा ग्रिड
कुशहर में आठ एकड़ जमीन में विद्युत ग्रिड बनेगा. चंवर में बनने वाला ग्रिड से आम लोगों को किसी प्रकार का कोई खतरा होने की आशंका नहीं है. सुरक्षा को देखते हुए विद्युत विभाग द्वारा ग्रिड के लिए अच्छे जगह पर पर्याप्त भूमि का चयन किया गया है. जिसकी चर्चा भी क्षेत्र के लोगों के बीच हो रही है. जलजमाव के कारण कार्य शुरू नहीं हुआ है. कार्य एजेंसी जल निकासी में लगी है.नये ग्रिड के निर्माण से आठ सब स्टेशनों को मिलेगी बिजली
कुशहर ग्रिड निर्माण कार्य पूरा होते ही महुआ, पिरोई, चेहराकला, पातेपुर, मौदह, डभैछ, मोहनपुर धनराज और ताजपुर बुजुर्ग सब स्टेशन को मिलेगी पावर. सलहा से महुआ 33 किलोमीटर दूरी से पावर की सप्लाइ से छुटकारा मिल जाएगा.ग्रिड से होगा फायदा
कुशहर में ग्रिड का निर्माण कार्य पूरा होते ही महुआ वासियों को निर्बाध बिजली मिलेगी. वर्तमान में सलहा ग्रिड से महुआ तथा आसपास के क्षेत्रों में स्थित सब स्टेशन को पावर की सप्लाई की जाती है. तेज आंधी और बारिश के दिनों में तार टूट जाने या फिर शॉट सर्किट के कारण ग्रिड से सब स्टेशन में पॉवर की सप्लाई बंद हो जाने से घंटों विद्युत आपूर्ति ठप हो जाता है. जिससे उपभोक्ताओं को काफी परेशानी होती है.
विधायक ने सदन में उठाया था मुद्दा
महुआ में बिजली की समस्याओं को लेकर प्रभात खबर लगातार खबर प्रकाशित करता रहा है. वर्ष 2024 में इसे गंभीरता से लेते हुए तत्कालीन विधायक डॉ मुकेश रौशन ने ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र यादव से मिलकर महुआ में ग्रिड बनाने की मांग की. डॉ रौशन ने सदन में भी बिजली की समस्या रखते हुए ग्रिड निर्माण की बात रखी. इसके बाद महुआ में ग्रिड निर्माण की मंजूरी मिल गयी.
क्या कहते हैं पदाधिकारी
कुसहर चंवर में जलजमाव के कारण निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है. विद्युत कंपनी और कार्य एजेंसी द्वारा ग्रिड निर्माण स्थल का निरीक्षण कर जल निकासी का निर्देश दिया गया है.
रमेश कुमार, कार्यपालक विद्युत अभियंता, महुआडिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

