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hajipur news. जीविका में कार्यरत डेढ़ लाख से अधिक कैडरों को बंधुआ मजदूरी जैसा दिया जा रहा मानदेय

Updated at : 13 Apr 2025 10:56 PM (IST)
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hajipur news. जीविका में कार्यरत डेढ़ लाख से अधिक कैडरों को बंधुआ मजदूरी जैसा दिया जा रहा मानदेय

जंदाहा प्रखंड के चांद सराय में संविधान आपके द्वार कार्यक्रम का आयोजन किया गया, वक्ताओं ने संविधान और जीविका कैडरों की समस्याओं को लेकर विचार व्यक्त किये

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जंदाहा. बाबा साहेब डॉ भीमराव अंबेडकर की जयंती की पूर्व संध्या पर रविवार को जंदाहा प्रखंड के चांद सराय में संविधान आपके द्वार, कार्यक्रम का आयोजन किया गया. यह आयोजन बिहार प्रदेश जीविका कैडर संघ, जिला इकाई वैशाली के तत्वावधान में किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष कृष्णनंदन कुमार ने की, जबकि संचालन कुंदन कुमार ने किया. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जीविका कैडर संघ के संरक्षक एवं पूर्व विधायक डॉ. अच्युतानंद और विशिष्ट अतिथि के रूप में बिहार राज्य संविदा कर्मी महासंघ एवं जीविका कैडर संघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप कुमार सिंह मौजूद थे. कार्यक्रम की शुरुआत बाबा साहेब की तस्वीर पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर की गयी. इसके बाद वक्ताओं ने संविधान और जीविका कैडरों की समस्याओं को लेकर विचार व्यक्त किये.

कई बार अनुरोध के बावजूद ठोस कदम नहीं उठाया गया

कार्यक्रम को संबाेधित करते हुए पूर्व विधायक डॉ अच्युतानंद ने कहा कि जीविका कैडर की मांगों को उनका पूर्ण समर्थन है. उन्होंने कहा कि सरकार और प्रबंधन द्वारा की जा रही दमनात्मक कार्रवाई को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जायेगा. यदि ऐसी कार्रवाइयां वापस नहीं ली गयीं, तो जंदाहा में बड़े स्तर पर प्रदर्शन किया जायेगा. प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप कुमार सिंह ने कहा कि जीविका मुख्यमंत्री की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसने बिहार की ग्रामीण तस्वीर बदलने में अहम भूमिका निभायी है. लेकिन आज इसमें कार्यरत डेढ़ लाख से अधिक कैडरों को बंधुआ मजदूरी जैसी मानदेय व्यवस्था में रखा गया है, जिसमें 90% महिलाएं शामिल हैं. उन्होंने कहा कि कई बार अनुरोध के बावजूद अब तक सरकार या प्रबंधन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है, जिससे असंतोष बढ़ता जा रहा है. कार्यक्रम में प्रदेश उपाध्यक्ष नैना यादव ने कहा कि अधिकतर कैडर अल्प मानदेय पर काम करने वाले गरीब तबके से आते हैं और उनके सामने अब गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है. उन्होंने सरकार से संघ की 10 सूत्री मांगों पर विचार करने की अपील की.

इस मौके पर अमरेंद्र कुमार मंटू, दिलीप कुमार, डॉ. राम विनय दास, संतोष राय, राजकुमार पासवान, संगीता सिंह, विनिता कुमारी, गीता देवी और मंजुला देवी समेत कई नेताओं ने संबोधित किया. कार्यक्रम में आशा देवी, सरोज देवी, रीमा कुमारी, भारती कुमारी, शबाना खातून, विक्की कुमार, राधा देवी, शकुंतला कुमारी, सरिता कुमारी, अनीता कुमारी, रेणु कुमारी, प्रियंका कुमारी, शीला कुमारी, नीलू कुमारी सहित सैकड़ों कैडर एवं दीदी उपस्थित रहीं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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Shashi Kant Kumar

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By Shashi Kant Kumar

Shashi Kant Kumar is a contributor at Prabhat Khabar.

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