कई सड़कों पर रात में नहीं जलती स्ट्रीट लाइट, अंधेरे में सफर करने को मजबूर लोग

Published by : Vivek Pandey Updated At : 31 May 2026 9:30 AM

विज्ञापन

Hajipur News: कहीं लाइट नहीं लगी, तो कहीं लाइट खराब होने से बढ़ रही राहगीरों की परेशानी, हाजीपुर शहर में अंधेरे में सफर करने को मजबूर लोग

विज्ञापन

Hajipur News: ( देवेंद्र गुप्त) हाजीपुर शहर की कई प्रमुख सड़कों और मोहल्लों में स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था बदहाल होने से रात के समय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. कहीं स्ट्रीट लाइटें वर्षों से खराब पड़ी हैं तो कहीं अब तक लाइट लगाने की व्यवस्था ही नहीं की गई है. इसके कारण शाम ढलते ही कई इलाकों में अंधेरा पसर जाता है और राहगीरों को जोखिम उठाकर आवागमन करना पड़ता है.

प्रमुख मार्गों पर भी अंधेरे का साया

उत्तर बिहार का प्रवेश द्वार कहे जाने वाले रामआशीष चौक पर ओवरब्रिज के समीप लगी हाईमास्ट लाइट तो जलती है, लेकिन चौक से दक्षिण दिशा की ओर बढ़ते ही कई स्थानों पर अंधेरा दिखाई देता है. त्रिमूर्ति चौक से गांधी चौक, डाकबंगला रोड, स्टेशन रोड होते हुए रामआशीष चौक तक जाने वाले मार्ग पर डिवाइडर में लगी अधिकांश स्ट्रीट लाइटें खराब हैं.

स्थिति यह है कि समाहरणालय के आसपास कुछ दूरी तक ही रोशनी दिखाई देती है, जबकि डाकबंगला रोड से रामआशीष चौक तक डिवाइडर पर लगी लाइटें बंद रहने से रात में पूरा मार्ग अंधेरे में डूबा रहता है.

जौहरी बाजार रोड पर वर्षों से स्ट्रीट लाइट का इंतजार

शहर के जौहरी बाजार रोड की स्थिति और भी चिंताजनक है. त्रिमूर्ति चौक से जौहरी बाजार होते हुए पुराने गंडक पुल तक जाने वाले मार्ग पर आज तक स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था नहीं हो सकी है. यह सड़क हाजीपुर और सोनपुर को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है, लेकिन शाम होते ही यहां घना अंधेरा छा जाता है.

स्थानीय लोगों का कहना है कि लगभग पांच वर्ष पहले सड़क के बीचोंबीच बिजली के पोल लगाए गए और डिवाइडर का निर्माण भी कराया गया, लेकिन आज तक इन पोलों पर स्ट्रीट लाइट नहीं लगाई गई.

जनप्रतिनिधियों और नगर परिषद पर उपेक्षा का आरोप

जौहरी बाजार निवासी पप्पू कुमार, विजय कुमार, सतीश कुमार, जगदीश सिंह, मिथिलेश राय, सुबोध कुमार साह एवं प्रभात कुमार साह समेत अन्य लोगों ने बताया कि वर्षों से पोल खड़े हैं, लेकिन उन पर लाइट लगाने की दिशा में कोई पहल नहीं हुई. उन्होंने नगर परिषद और जनप्रतिनिधियों पर इस समस्या की अनदेखी करने का आरोप लगाया.

गली-मोहल्लों में भी अंधेरे से बढ़ रही परेशानी

नगर के विभिन्न वार्डों में भी स्ट्रीट लाइट की स्थिति खराब बनी हुई है. वार्ड संख्या 16, 19, 32 और 36 समेत कई क्षेत्रों में पोलों पर लगी लाइटें खराब पड़ी हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत के बावजूद इन्हें बदला नहीं गया.

इसके अलावा हाजीपुर-महनार रोड पर बाजार समिति से जढुआ तक आधा दर्जन से अधिक पोलों की लाइटें बंद हैं. जढुआ स्थित ऐतिहासिक मामू-भांजा मजार के पश्चिमी हिस्से में भी रात के समय अंधेरा बना रहता है.

सुरक्षा और आवागमन पर पड़ रहा असर

स्थानीय लोगों का कहना है कि मुख्य सड़कों और मोहल्लों में अंधेरा रहने से दुर्घटनाओं और आपराधिक घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है. खासकर महिलाओं, बुजुर्गों और विद्यार्थियों को रात में आवागमन करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है.

जल्द समाधान की मांग

शहरवासियों ने नगर परिषद और संबंधित विभाग से खराब स्ट्रीट लाइटों को अविलंब बदलने तथा जहां लाइट नहीं लगी है वहां नई स्ट्रीट लाइट लगाने की मांग की है. लोगों का कहना है कि शहर के प्रमुख मार्गों और मोहल्लों में पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था होने से आवागमन सुरक्षित और सुगम हो सकेगा.

Also Read: गया के 15 केंद्रों पर आज बीसीईसीई-2026 प्रवेश परीक्षा, 7400 से अधिक परीक्षार्थी होंगे शामिल

विज्ञापन
Vivek Pandey

लेखक के बारे में

By Vivek Pandey

विवेक रंजन पांडेय का जन्म और पालन-पोषण बिहार के गौरवशाली इतिहास और ज्ञान की भूमि नालंदा में हुआ. इसी पावन धरती के संस्कारों ने उन्हें समाज और व्यवस्था को गहराई से देखने का नजरिया दिया. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर बदलने के लिए उन्होंने पटना के आर्यभट्ट विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. पिछले 7 वर्षों से टीवी चैनल के जरिए रिपोर्टिंग फील्ड में लगातार सक्रिय हैं. Network 10 National News Channel से करियर की शुरुआत की. उसके बाद कई संस्थानों में काम किया. शिक्षा और राजनीति के साथ कृषि, महिला सुरक्षा से जुड़े मुद्दे पर विशेष रूचि रखते हैं. पत्रकारिता की बारीकियों को सीखा और ग्राउंड जीरो पर रहकर जनता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया. वर्तमान में Prabhat Khabar के माध्यम से बिहार की खबरों को एक नया आयाम दे रहे हैं. वे बिहार की राजनीति के साथ-साथ देश की सियासी हलचलों पर भी पैनी नजर रखते हैं. अपने शानदार करियर में उन्होंने ​बिहार के वर्तमान मुख्यमंत्री जब वह उप मुख्यमंत्री थे तब इंटरव्यू किया. इसके साथ कैबिनेट के अधिकांश प्रमुख मंत्रियों का विशेष इंटरव्यू किया है. ​बिहार के शीर्ष नेताओं और नौकरशाहों को बहुत करीब से देखा, समझा और उनकी नीतियों का निष्पक्ष विश्लेषण किया. ​जटिल राजनीतिक घटनाक्रमों को बेहद सरल भाषा में जनता के सामने पेश किया है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन