महुआ में 108 में से अधिकांश CCTV कैमरे खराब, अपराध की जांच और निगरानी व्यवस्था पर उठे सवाल

Published by : Vivek Pandey Updated At : 11 Jun 2026 12:37 PM

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Hajipur News: वैशाली के महुआ में नगर परिषद द्वारा लगाए गए 108 सीसीटीवी कैमरों में अधिकांश खराब पड़े हैं. फुटेज नहीं मिलने से पुलिस को अपराध की जांच और साक्ष्य जुटाने में दिक्कत हो रही है.

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Hajipur News: (दिलीप कुमार) महुआ थाना क्षेत्र में अपराध नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से नगर परिषद द्वारा लगाए गए अधिकांश सीसीटीवी कैमरे खराब पड़े हैं. इससे आपराधिक घटनाओं की जांच में पुलिस को साक्ष्य जुटाने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है और निगरानी व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है.

108 कैमरों में कई लंबे समय से बंद

जानकारी के अनुसार नगर परिषद ने महुआ बाजार और विभिन्न वार्डों के प्रमुख चौक-चौराहों पर कुल 108 सीसीटीवी कैमरे लगाए थे. इनमें से कई कैमरे स्थापना के कुछ समय बाद ही खराब हो गए और अब आधे से अधिक कैमरे काम नहीं कर रहे हैं.

चोरी और मारपीट की घटनाओं में नहीं मिल रही फुटेज

कैमरे बंद रहने के कारण चोरी, झपटमारी, मारपीट और अन्य आपराधिक घटनाओं के मामलों में पुलिस को सीसीटीवी फुटेज नहीं मिल पाती. इससे पीड़ितों को न्याय दिलाने और आरोपियों की पहचान करने में मुश्किलें बढ़ रही हैं.

पुलिस ने जताई चिंता

इस संबंध में पूछे जाने पर महुआ थानाध्यक्ष अरविंद प्रसाद ने बताया कि कैमरों के खराब होने की सूचना संबंधित एजेंसी को दी जाती है, लेकिन कई बार इस पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होती. इससे जांच कार्य प्रभावित होता है.

शिकायत मिलने पर होगी कार्रवाई: कार्यपालक पदाधिकारी

नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी सोनू कुमार राय ने कहा कि उन्हें इस संबंध में कोई औपचारिक शिकायत नहीं मिली है. उन्होंने आश्वासन दिया कि शिकायत प्राप्त होते ही खराब पड़े सीसीटीवी कैमरों की मरम्मत कराई जाएगी.

स्थानीय लोगों ने की जल्द सुधार की मांग

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि शहर की सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए सभी सीसीटीवी कैमरों का सुचारु रूप से चालू रहना जरूरी है. लोगों ने नगर परिषद से जल्द मरम्मत कर कैमरों को फिर से चालू करने की मांग की है.

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विवेक रंजन पांडेय का जन्म और पालन-पोषण बिहार के गौरवशाली इतिहास और ज्ञान की भूमि नालंदा में हुआ. इसी पावन धरती के संस्कारों ने उन्हें समाज और व्यवस्था को गहराई से देखने का नजरिया दिया. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर बदलने के लिए उन्होंने पटना के आर्यभट्ट विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. पिछले 7 वर्षों से टीवी चैनल के जरिए रिपोर्टिंग फील्ड में लगातार सक्रिय हैं. Network 10 National News Channel से करियर की शुरुआत की. उसके बाद कई संस्थानों में काम किया. शिक्षा और राजनीति के साथ कृषि, महिला सुरक्षा से जुड़े मुद्दे पर विशेष रूचि रखते हैं. पत्रकारिता की बारीकियों को सीखा और ग्राउंड जीरो पर रहकर जनता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया. वर्तमान में Prabhat Khabar के माध्यम से बिहार की खबरों को एक नया आयाम दे रहे हैं. वे बिहार की राजनीति के साथ-साथ देश की सियासी हलचलों पर भी पैनी नजर रखते हैं. अपने शानदार करियर में उन्होंने ​बिहार के वर्तमान मुख्यमंत्री जब वह उप मुख्यमंत्री थे तब इंटरव्यू किया. इसके साथ कैबिनेट के अधिकांश प्रमुख मंत्रियों का विशेष इंटरव्यू किया है. ​बिहार के शीर्ष नेताओं और नौकरशाहों को बहुत करीब से देखा, समझा और उनकी नीतियों का निष्पक्ष विश्लेषण किया. ​जटिल राजनीतिक घटनाक्रमों को बेहद सरल भाषा में जनता के सामने पेश किया है.

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