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hajipur news. चार दिवसीय दशहरा मेले का शुभारंभ आज

Updated at : 28 Sep 2025 10:56 PM (IST)
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hajipur news. चार दिवसीय दशहरा मेले का शुभारंभ आज

पंडाल सज-धज कर तैयार, दर्शन-पूजन के लिए मां दुर्गा का पट खुलेगा आज, भक्तों की लगेगी कतार

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हाजीपुर. दुर्गा पूजा को लेकर शहर गुलजार हो गया है. पूजा पंडाल सज-धज कर तैयार हो गये हैं. जगह-जगह दुर्गा पूजा की तैयारी में पूजा समितियों के सदस्य और भक्तजन रविवार की देर रात तक जुटे रहे. आज सोमवार को सप्तमी पूजन और देवी प्रतिमाओं में नेत्र संस्कार के बाद पूजा-पंडालों में दर्शन-पूजन के लिए मां दुर्गे का पट खुलेगा और भक्तों की कतार लगनी शुरू हो जायेगी. इसी के साथ चार दिवसीय दशहरा मेले का शुभारंभ होगा. दुर्गा पूजा उत्सव की परवान चढ़ी तैयारियों के बीच दुर्गा सप्तशती के श्लोकों, वैदिक मंत्रों और शंख ध्वनि से शहर के चौक-चौराहों से लेकर गली-मोहल्लों तक गुंजायमान रहे. रविवार को शारदीय नवरात्र के सातवें दिन और षष्ठी तिथि को भगवती के छठे स्वरूप मां कात्यायनी की उपासना की गयी. पंचांग के अनुसार आश्विन शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि रविवार को 2.27 बजे दिन तक रही. इसलिए उदया तिथि के अनुसार इस दिन माता के छठे स्वरूप कात्यायनी की पूजा हुई. शहर के कोनहारा घाट, मस्जिद चौक, थाना चौक, गुदरी बाजार, राजेंद्र चौक, अनवरपुर चौक, स्टेशन चौक, डाकबंगला रोड, गांधी चौक, जौहरी बाजार, नखास चौक, रामजीवन चौक, हथसारगंज, अंजानपीर चौक, बागमली, पासवान चौक, जढुआ, चौहट्टा समेत अन्य जगहों पर बने पूजा-पंडालों के अलावा मठ-मंदिरों, जगदंबा स्थानों और आवासीय परिसरों में भक्तों ने नियम-निष्ठा और श्रद्धा के साथ मां कात्यायनी की पूजा-अर्चना की. शास्त्रों के अनुसार जो भक्त मां कात्यायनी की आराधना करते हैं, उन पर मां की कृपा सदैव बनी रहती है.

दिन में सप्तमी पूजा और रात्रि में होगा महानिशा पूजन

दुर्गा पूजा को लेकर लोगों में उल्लास और उत्साह बना हुआ है. हर जगह लोग शक्ति की अधिष्ठात्री देवी मां की उपासना-आराधना में पूरे मनोयोग से लगे हुए हैं. भगवती स्थानों और मंदिरों में भक्तों व श्रद्धालुओं की चहल-पहल बनी हुई है. शहर के मस्जिद चौक पर छोटी दुर्गा पूजा की तैयारी पूरी हो चुकी है. यहां आज दोपहर 12.26 के पहले सप्तमी पूजन होगा और नेत्र संस्कार के बाद माता का पट खोल दिया जायेगा. मस्जिद चौक पर 102 वर्षों से दुर्गा पूजा की परंपरा चली आ रही है. यहां की पूजा संस्था छोटी दुर्गा पूजा समिति के नाम से जानी जाती है. शहर में सबसे पहले कोनहारा घाट पर 1835 में दुर्गा पूजा शुरू होने के बाद मस्जिद चौक पर ही 1923 में दुर्गा पूजा की शुरुआत हुई. बताते हैं कि स्थानीय व्यवसायी स्व महावीर चौधरी ने यहां पूजा की शुरुआत कर इसे छोटी दुर्गा पूजा का नाम दिया. तब से आज तक परंपरागत तरीके से हर साल पूजा होती है. आचार्य पंडित अरविंद जी महाराज ने बताया कि सोमवार की सुबह से शाम तक सप्तमी पूजन के साथ मूर्तियों की प्राण-प्रतिष्ठा होगी तथा रात्रि में अष्टमी संयोग बनने से महानिशा पूजन होगा. मंगलवार को महाअष्टमी तथा सूर्यास्त से नवमी प्रवेश और बुधवार को सूर्यास्त तक नवमी का हवन-पूजन किया जा सकेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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Shashi Kant Kumar

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By Shashi Kant Kumar

Shashi Kant Kumar is a contributor at Prabhat Khabar.

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