डीएम का सख्त आदेश: हाजीपुर में अवैध हॉस्टलों पर चला प्रशासन का डंडा, संचालकों पर कसा नकेल

डीएम की तस्वीर
Bihar News: वैशाली जिले में बिना निबंधन संचालित निजी विद्यालयों के हॉस्टलों पर जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है. डीएम वर्षा सिंह ने छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को देखते हुए बिना रजिस्ट्रेशन वाले हॉस्टलों के संचालन पर तत्काल रोक लगाने का निर्देश दिया है.
Bihar News:(कैफ अहमद की रिपोर्ट) हाजीपुर समेत वैशाली जिले में संचालित निजी विद्यालयों के हॉस्टलों की सुरक्षा और निबंधन को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है. जिला प्रशासन ने उन सभी हॉस्टलों के संचालन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है, जिन्होंने अब तक निबंधन के लिए आवेदन नहीं किया है.
कब और क्यों लिया गया फैसला?
जिला प्रशासन के अनुसार, पिछले वर्ष नवंबर में निजी स्कूलों के हॉस्टल संचालकों के साथ बैठक की गई थी. उस दौरान सभी संचालकों को 15 दिनों के भीतर आवश्यक दस्तावेजों के साथ निबंधन आवेदन जमा करने का निर्देश दिया गया था. इसके बाद 6 अप्रैल को हुई दूसरी बैठक में भी हॉस्टल संचालकों को 11 मई तक हर हाल में आवेदन जमा करने को कहा गया था. लेकिन निर्धारित समय सीमा खत्म होने के बाद भी केवल छह स्कूलों ने ही आवेदन किया.
सुरक्षा के प्रति असंवेदनशीलता
वैशाली की जिला पदाधिकारी वर्षा सिंह ने इस मामले को गंभीरत मानते हुए कड़ा आदेश जारी किया है. उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राओं की सुरक्षा से किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा. इसे बच्चों की सुरक्षा के प्रति असंवेदनशीलता, वरीय पदाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना तथा कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही माना गया है. जिन निजी विद्यालयों के हॉस्टलों द्वारा अब तक निबंधन हेतु आवेदन प्रस्तुत नहीं किया गया है, उनके संचालन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है.
डीएम का आदेश
डीएम ने स्पष्ट कहा कि जिन निजी स्कूलों के हॉस्टलों ने अब तक निबंधन के लिए आवेदन नहीं किया है, उनके संचालन पर तत्काल रोक लगा दी जाए. उन्होंने चेतावनी दी कि आदेश के बावजूद यदि कोई हॉस्टल चलता पाया गया, तो उसे अवैध घोषित कर बंद कराया जाएगा. साथ ही संबंधित संचालकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी.
प्रशासन की चिंता क्या है?
जिला प्रशासन का मानना है कि बिना निबंधन चल रहे हॉस्टलों में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं हो रहा है. ऐसे में छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को खतरा हो सकता है. प्रशासन ने इसे बच्चों की सुरक्षा के प्रति लापरवाही और सरकारी आदेशों की अवहेलना माना है.
हॉस्टल संचालकों से अपील
जिला प्रशासन ने सभी निजी विद्यालयों और हॉस्टल संचालकों से निर्देशों का पालन करने की अपील की है. साथ ही कहा गया है कि छात्र-छात्राओं की सुरक्षा और कल्याण को प्राथमिकता देते हुए जल्द से जल्द निबंधन प्रक्रिया पूरी करें.
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By रागिनी शर्मा
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