दरभंगा में डेंगू मरीजों के लिए प्लेटलेट कंसंट्रेट की नहीं होगी कमी, सरकारी कार्यालयों में लगेंगे रक्तदान शिविर

Published by :Ashish Jha
Published at :12 Sep 2023 5:11 PM (IST)
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दरभंगा में डेंगू मरीजों के लिए प्लेटलेट कंसंट्रेट की नहीं होगी कमी, सरकारी कार्यालयों में लगेंगे रक्तदान शिविर

डीएम राजीव रौशन को पत्र भेजा है. इसमें कहा गया है कि डेंगू के मरीजों की संख्या में संभावित बढ़ोतरी के मद्देनजर मरीजों के उपचार के लिए पर्याप्त संख्या में प्लेटलेट कंसंट्रेट (आरडीपी) का उपलब्ध होना आवश्यक है. इसे लेकर ऐच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन करना है.

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दरभंगा. डेंगू के बढ़ते मामलों के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर है. इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत बेहतर चिकित्सा व्यवस्था के मद्देनजर मेडिकल कॉलेज के अधिकारियों को लगातार दिशा-निर्देश दे रहे हैं. खासकर डेंगू के मरीजों को सहजता से प्लेटलेट उपलब्ध कराने के लिए अब रक्तदान शिविर लगाने का निर्देश दिया है. इस संबंध में डीएम राजीव रौशन को पत्र भेजा है. इसमें कहा गया है कि डेंगू के मरीजों की संख्या में संभावित बढ़ोतरी के मद्देनजर मरीजों के उपचार के लिए पर्याप्त संख्या में प्लेटलेट कंसंट्रेट (आरडीपी) का उपलब्ध होना आवश्यक है. इसे लेकर ऐच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन करना है. सचिव ने इसके मद्देनजर विश्वविद्यालय, महाविद्यालय, विभिन्न संस्थान, पुलिस लाइन व गैर सरकारी संगठन के द्वारा सप्ताह में कम से कम एक स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन करने के लिए कहा है, ताकि प्लेटलेट्स की सहजता से उपलब्ध हो सके.

16 सैंपल की जांच में निकले तीन डेंगू के मरीज

दरभंगा मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में शुक्रवार को 16 मरीजों की एनएस-वन और आइजीएम जांच में तीन मरीज डेंगू पॉजिटिव पाये गये थे. रोजाना डीएमसी के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में 20 से 25 मरीज जांच के लिए आते हैं. इसमें तीन से चार डेंगू के पॉजिटिव मरीज मिल रहे हैं. माइक्रोबायोलॉजी विभाग में डेंगू जांच कराने वाले मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. विभाग के वीआरडीएल लैब में एलाइजा मशीन से ब्लड की जांच की जाती है. जांच के बाद डेंगू की पुष्टि होती है. बता दें कि डीएमसीएच के डेंगू वार्ड में फिलहाल चार मरीज भर्ती हैं, जिनका इलाज चल रहा है.

जांच कार्य में इन कर्मियों की सहभागिता

माइक्रोबायोलॉजी विभाग में डेंगू जांच की पुख्ता व्यवस्था है. विभागाध्यक्ष डॉ. आरएस प्रसाद, डॉ संजय कुमार, रिसर्च अस्सिटेंट बिंदिया कुमारी, मेडिकल लैब टेक्नीशियन अकील अहमद, रघुवेंद्र कुमार सिंह सहित सभी स्वास्थ्य कर्मी लगातार कार्य कर रहे है.

36 घंटे में डीएमसीएच में डेंगू के 3 मरीज भर्ती

डीएमसीएच के डेंगू वार्ड में 36 घंटे में फिर 3 मरीज को भर्ती कराया गया. पहले से भर्ती एक मरीज को स्वस्थ्य होने पर घर भेज दिया गया. पहली अगस्त से अब तक डीएमसीएच के डेंगू वार्ड में कुल 13 मरीजों को भर्ती कराया गया है. जिसमें से अगस्त माह में 8 और 6 सितंबर 5 डेंगू के मरीजों को भर्ती कराया गया है. जिसमें से मधुबनी जिला के 28 साल के दिनेश कुमार साफी 4 दिन पहले दिल्ली से वापस घर लौटा था. जांच में उसे डेंगू की पुष्टि होने पर घर वाले ने उसे बुधवार को डीएमसीएच के डेंगू वार्ड में भर्ती कराया गया. जिसका इलाज चल रहा है. वहीं, शहर के गुल्लोबाड़ा के 23 साल का अंशु महथा को चार दिनों से बुखार हो रहा था. जिसके बाद उसके परिजन ने उसे डीएमसीएच में इलाज के लिए भर्ती कराया. उसे उल्टी, सिर में दर्द, पूरे शरीर में दर्द के साथ-साथ तेज बुखार आ रहा था.

अस्पताल से दी जा रही हैं अधिकतर दवा

जयनगर की 60 वर्षीय ललिता देवी को भी अस्पताल में भर्ती कराया गया. उसकी बेटी नीतू कुमारी ने बताया कि 10 दिनों से बुखार आ रही थी. तेज बुखार के साथ ही शरीर में दर्द हो रहा था. प्राइवेट में कई डॉक्टर से दिखाए, पर सुधार नहीं होते देखकर फिर डीएमसीएच में लेकर आए. डीएमसीएच के उपाधीक्षक डॉ. सुरेंद्र कुमार ने शिशु वार्ड के पीकू और नीकू का निरीक्षण किया. जिसमें उन्होंने सभी जूनियर और सीनियर डॉक्टरों से कहा कि अधिकतर दवा अस्पताल से दी जा रही हैं. ऐसी जरूरी दवा जिसकी जरूरत हमेशा रहती है और वह अस्पताल से नहीं मिलती है, उसे लोकल स्तर पर खरीदारी की जाएगी. जिसकी तीन माह पहले ही लिस्ट हमें दें.

संक्रमित एडीज मच्छर के काटने से होता डेंगू

दरभंगा मेडिकल कॉलेज के वीआरडीएल लैब के साइंटिस्ट डॉ संजय कुमार ने बताया कि डेंगू की बीमारी संक्रमित एडिस मच्छर के काटने से होती है. यह मच्छर दिन में काटता है. डेंगू का मच्छर साफ पानी में पनपता है, इससे बचाव के लिए आसपास पानी न जमा होने दें, कूलर एवं गमले में पानी न जमने दे, जहां पानी जमा हो, वहां मिट्टी तेल का छिड़काव करें.

क्या कहते हैं अधिकारी

रक्त अधिकोष विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ संजीव ठाकुर ने कहा कि डीएमसीएच के क्षेत्रीय रक्त अधिकोष विभाग में रोजाना आधा दर्जन यूनिट प्लेटलेट्स बनाये जाते हैं. जरूरत के अनुसार मरीजों को प्लेटलेट्स उपलब्ध कराया जाता है. इसकी कमी नहीं है.

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Ashish Jha

लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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