ऑस्ट्रेलिया बेस्ड BTL ग्रुप चलाएगा सासामुसा शुगर मिल? NCLT में पक्षकारों की बहस पूरी, अब आदेश का इंतजार
सासामुसा का बंद पड़ा चीनी मिल
कोलकाता स्थित एनसीएलटी में सासामुसा चीनी मिल के भविष्य को लेकर सुनवाई पूरी हो गई है. बीटीएल ग्रुप, किसान प्रतिनिधि और पुराने मालिक सभी ने अपना पक्ष रखा. अब सभी पक्षों को एनसीएलटी के फैसले का इंतजार है, जो मिल के संचालन और किसानों के बकाए का मार्ग प्रशस्त करेगा.
Sasamosa Sugar Mill: सासामुसा चीनी मिल के मामले में कोलकाता स्थित एनसीएलटी में सुनवाई पूरी हो गयी. पीठ ने सभी पक्षों की बात सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया. सुनवाई के दौरान चीनी मिल को दोबारा चलाने, किसानों के बकाये और मिल के पुराने मालिकों की हिस्सेदारी से जुड़े मामले में पक्ष रखा गया.
बीटीएल ग्रुप ने मिल चलाने की मांगी अनुमति
गन्ना उद्योग विभाग की ओर से ऑस्ट्रेलिया बेस कंपनी बीटीएल ग्रुप को चीनी मिल चलाने के लिए सरकार के साथ हुए एग्रीमेंट के आधार पर एनसीएलटी में पक्ष रखा गया. गन्ना उद्योग विभाग के ज्वाइंट कमिश्नर वेदव्रत कुमार और बीटीएल कंपनी के प्रतिनिधि एसपी मिश्रा ने एनसीएलटी में चीनी मिल को चलाने के लिए अपनी बात रखी और मिल को दोबारा संचालित करने की अनुमति देने की अपील की.
किसानों की ओर से भी मिल चालू कराने की मांग
सुनवाई के दौरान किसानों की ओर से प्रतिनिधि विजय सिंह भी शामिल हुए. उन्होंने किसानों के हित में चीनी मिल को दोबारा चालू कराने की मांग रखी. उन्होंने किसानों के बकाये का मुद्दा भी पीठ के सामने उठाया.
पुराने मालिकों की ओर से नगमा बेगम ने मांगा हिस्सा
दिवालिया घोषित हो चुके सासामुसा चीनी मिल के मालिक साजिद अली और शाहिद अली के साथ उनकी बुआ नगमा बेगम ने भी एनसीएलटी के समक्ष अपना पक्ष रखा. नगमा बेगम ने चीनी मिल में अपनी हिस्सेदारी बताते हुए पहले अपने हिस्से को अलग करने की मांग की.
सुनवाई के दौरान चंपारण से एक किसान प्रतिनिधि को भी बुलाया गया था. पीठ ने सभी पक्षों की बात सुनने के बाद मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया.
42.99 करोड़ रुपये से अधिक बकाया का उठाया मुद्दा
किसान प्रतिनिधि विजय सिंह ने गन्ना किसानों की बकाया राशि का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने बताया कि पेराई सत्र 2017-18, 2018-19 एवं 2020-21 की वैध बकाया राशि 42,99,09,095 रुपये मेसर्स सासामुसा शुगर मिल वर्क्स प्रा. लि. द्वारा अब तक अदा नहीं की गयी है. किसानों की मांग है कि उनके बकाये का भुगतान सुनिश्चित किया जाये.
फैसला सुरक्षित, अब आदेश का इंतजार
एनसीएलटी में सुनवाई पूरी होने के बाद फैसला सुरक्षित रखे जाने से अब सभी पक्षों को आदेश का इंतजार है. चीनी मिल के दोबारा संचालन, किसानों के बकाये और हिस्सेदारी से जुड़े मुद्दों पर एनसीएलटी के फैसले के बाद आगे की स्थिति स्पष्ट होगी.
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