Gopalganj News : देवभाषा संस्कृत कई भाषाओं की जननी, इसके विकास के लिए दृढ़ संकल्प जरूरी : प्राचार्य

Updated at : 10 Mar 2025 10:06 PM (IST)
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Gopalganj News  : देवभाषा संस्कृत कई भाषाओं की जननी, इसके विकास के लिए दृढ़ संकल्प जरूरी : प्राचार्य

Gopalganj News : संस्कृत भारती तथा कमला राय कॉलेज संस्कृत विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 10 दिवसीय संस्कृत संभाषण शिविर का समापन सोमवार को हुआ.

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गोपालगंज. संस्कृत भारती तथा कमला राय कॉलेज संस्कृत विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 10 दिवसीय संस्कृत संभाषण शिविर का समापन सोमवार को हुआ. शिविर के अंतिम दिन समापन समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें संस्कृत भाषा के इतिहास तथा भविष्य पर चर्चा की गयी. इसके साथ ही 10 दिनों के शिविर में बेहतर प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित भी किया गया.

वक्ताओं ने संस्कृत की महत्ता पर डाला प्रकाश

समापन समारोह में कॉलेज के प्राचार्य प्रो डॉ एके पांडेय, संस्कृत भारती के जिला संयोजक अंकुश कुमार झा, संस्कृत विभाग के डॉ जितेंद्र कुमार द्विवेदी तथा अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित किया. इसके बाद छात्राओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया. छात्र-छात्राओं ने संस्कृत भाषा में श्लोक तथा भाषण की प्रस्तुति दी. अतिथियों एवं वक्ताओं ने संस्कृत की महत्ता पर प्रकाश डाला. प्राचार्य ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि संस्कृत को देवभाषा कहा जाता है. संस्कृत से कई भाषाओं की उत्पत्ति हुई है. इसके विकास के लिए हमें दृढ़ संकल्पित होना चाहिए. वहीं, अन्य वक्ताओं ने कहा कि छात्र संस्कृत में बेहतर करियर बना सकते हैं.

संस्कृत में बेहतर करने वाले छात्रों को मिला सम्मान

शिविर में बेहतर प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं में यशोवर्धन द्विवेदी, अतुल दूबे, अर्पिता, अर्पणा, हर्षवर्धन, भवेश, कुमकुम, नीति, रीति, रिया, पुष्पा, प्रियंका आदि को मेडल देकर सम्मानित किया गया. प्राचार्य ने बताया कि सभी प्रतिभागियों को शिविर का प्रमाण पत्र भी जल्द ही दिया जायेगा.

पुरखों की थाती को संभालने के लिए आगे आएं युवा

संस्कृत विभाग के प्रो जितेंद्र कुमार द्विवेदी ने छात्रों से अपील करते हुए कहा कि आज संस्कृत को एक साजिश के तहत उपेक्षित किया जा रहा. इसी जिले के संस्कृत हाइस्कूलों की देख को देख लीजिए. अपनी संस्कृति को बचाने के लिए युवाओं को आगे आकर संस्कृत के प्रति गंभीर होना होगा. संस्कृत के साथ हम अंग्रेजी और तकनीकी शिक्षा भी ग्रहण करे, तभी अपनी पुरखों की थाती को संभाल पायेंगे. मौके पर प्रो डॉ रुखसाना खातून, प्रो डॉ मोहन कुमार लाल, प्रो श्याम शरण समेत कॉलेज के शिक्षक, शिक्षकेतरकर्मी तथा छात्र-छात्राएं मौजूद रहे.

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