देशभर से 250 युवक-युवतियां को पुलिस ने कराया मुक्त, गोपालगंज की 21 लड़कियां भी शामिल, साइबर ठग ऐसे चलाते थे अंतरराज्यीय गिरोह

पीड़ित लड़की
Gopalganj Cyber Gang : उत्तर प्रदेश पुलिस ने नौकरी का झांसा देकर साइबर अपराध कराने वाले बड़े अंतर्राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है. देशभर से 250 युवक-युवतियों को मुक्त कराया गया है, जिनमें गोपालगंज की 21 लड़कियां भी शामिल हैं. नशीली दवाओं का इस्तेमाल कर बनाया जाता था शिकार.
Gopalganj Cyber Gang : गोपालगंज जिले के भोरे प्रखंड की 21 युवतियों को कथित तौर पर नौकरी का झांसा देकर साइबर अपराध से जुड़े एक अंतरराज्यीय गिरोह के चंगुल में फंसाया गया था. उत्तर प्रदेश पुलिस की साइबर सेल ने कार्रवाई करते हुए देशभर से 250 युवक-युवतियों को मुक्त कराया है. मामले में अब तक 19 आरोपितों की गिरफ्तारी की गई है.
यूपी पुलिस की कार्रवाई में 250 युवक-युवतियों को कराया गया मुक्त
उत्तर प्रदेश पुलिस की साइबर सेल ने एसीपी के नेतृत्व में कार्रवाई करते हुए कथित तौर पर साइबर अपराध में संलिप्त एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया. पुलिस के अनुसार, इस अभियान में देश के विभिन्न राज्यों से 250 युवक-युवतियों को मुक्त कराया गया, जिनमें गोपालगंज जिले के भोरे प्रखंड की 21 युवतियां भी शामिल हैं. मामले में अब तक 19 आरोपितों को गिरफ्तार किया जा चुका है.
स्थानीय एजेंटों पर युवतियों को फंसाने का आरोप
पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि भोरे प्रखंड की कुछ स्थानीय युवतियां कथित तौर पर गिरोह के लिए एजेंट के रूप में काम कर रही थीं. आरोप है कि वे नौकरी का झांसा देकर ग्रामीण इलाकों की युवतियों को वाराणसी, लखनऊ और दिल्ली ले जाती थीं, जहां उन्हें कथित रूप से बंधक बनाकर साइबर अपराध से जुड़े कार्य कराने का दबाव बनाया जाता था. इन आरोपों की जांच जारी है.
कई गांवों की युवतियां बताई गईं पीड़ित
पुलिस के अनुसार, मुक्त कराई गई युवतियां भोरे प्रखंड के लुहसी, लामीचौर, बैरौना, पियरौटा सहित अन्य गांवों की रहने वाली हैं. जांच एजेंसियों का कहना है कि उन्हें नौकरी दिलाने के नाम पर अलग-अलग स्थानों पर ले जाया गया था.
पीड़िता ने बताई कथित आपबीती
गिरोह के चंगुल से मुक्त हुई लुहसी गांव की एक छात्रा (पहचान गोपनीय रखने के लिए बदला हुआ नाम काजल) ने बताया कि उसे नौकरी का लालच देकर वाराणसी बुलाया गया. वहां कथित तौर पर एक फॉर्म भरवाया गया और सुरक्षा राशि के नाम पर 26 हजार रुपये लिए गए. पीड़िता का यह भी आरोप है कि बाद में उसे अन्य युवतियों के साथ एक कमरे में रखा गया और प्रतिदिन संदिग्ध गोली देकर कथित रूप से मानसिक रूप से प्रभावित करने का प्रयास किया जाता था. इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस मामले की जांच कर रही है.
डायल 112 पर सूचना देकर बचाई गईं युवतियां
पुलिस के अनुसार, वाराणसी में कार्रवाई के दौरान गिरोह के सदस्य कुछ युवतियों को लखनऊ के एक अन्य ठिकाने पर ले गए. वहां से युवतियों ने अवसर मिलने पर डायल 112 पर कॉल कर अपनी लोकेशन साझा की. इसके बाद लखनऊ पुलिस ने छापेमारी कर गोपालगंज की 21 युवतियों को सुरक्षित मुक्त कराया और उनके बयान दर्ज किए.
स्थानीय स्तर पर भी जांच तेज
मुक्त कराई गई युवतियों ने कथित एजेंटों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने की बात कही है. वहीं, गोपालगंज और भोरे पुलिस उत्तर प्रदेश पुलिस से प्राप्त इनपुट के आधार पर स्थानीय नेटवर्क की भूमिका की जांच और आवश्यक कानूनी कार्रवाई में जुटी है.
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