सूबे से पीएलएफआइ का सफाया करेंगे सीआरपीएफ व एसटीएफ

Updated at :13 Jan 2016 6:38 PM
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सूबे से पीएलएफआइ का सफाया करेंगे सीआरपीएफ व एसटीएफ

सूबे से पीएलएफआइ का सफाया करेंगे सीआरपीएफ व एसटीएफ लगाम : पिछले छह महीनों में पीएलएफआइ ने राज्य में सबसे ज्यादा मचाया है उत्पात- पीएलएफआइ के लगातार बढ़ते अापराधिक गतिविधियों को रोकने के लिए लिया अहम फैसला- आइजी (ऑपरेशन) से अब तक की सभी गतिविधियों का अध्ययन करने को कहा गयासंवाददाता, पटनाराज्य में निर्माण कंपनियों […]

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सूबे से पीएलएफआइ का सफाया करेंगे सीआरपीएफ व एसटीएफ लगाम : पिछले छह महीनों में पीएलएफआइ ने राज्य में सबसे ज्यादा मचाया है उत्पात- पीएलएफआइ के लगातार बढ़ते अापराधिक गतिविधियों को रोकने के लिए लिया अहम फैसला- आइजी (ऑपरेशन) से अब तक की सभी गतिविधियों का अध्ययन करने को कहा गयासंवाददाता, पटनाराज्य में निर्माण कंपनियों और व्यापारियों से लेवी वसूलने में सबसे ज्यादा पीएलएफआइ का ही नाम सामने आया है. इस संगठन ने ही सबसे ज्यादा निर्माण कंपनियों के वाहनों को जलाकर एनएच समेत अन्य कई अहम निर्माण कार्यों को ठप कराया है. पीएलएफआइ (पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया) का सफाया करने और इसकी तमाम आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए सीआरपीएफ और एसटीएफ को इसकी कमान सौंप दी गयी है. नक्सली गतिविधियों की तरह ही पीएलएफआइ की गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए इन दोनों फोर्सों को संयुक्त रूप से लगाया गया है.व्यापारियों से लेवी वसूलने में लगे हैंराज्य में पिछले एक-डेढ़ साल से कोई बड़ी नक्सली गतिविधि नहीं हुई है. सीआरपीएफ के कोबरा फोर्स की तेजी से बढ़ रही गतिविधियों के कारण नक्सल ऑपरेशन काफी कम हुए हैं. इनके कई बड़े नेता या सरगना भी गिरफ्तार हुए हैं. काफी बड़ी मात्रा में इन्हें क्षति भी पहुंची है. वहीं, दूसरी तरफ पीएलएफआइ की गतिविधि राज्य में काफी बढ़ गयी है. खासकर निर्माण से जुड़ी कंपनियों और कुछ जिलों में व्यापारियों से लेवी वसूलने में. कुछ दिनों पहले ही पीएलएफआइ से जुड़ी खूफिया विभाग की तरफ से जारी रिपोर्ट के अनुसार, बिहार-झारखंड से पीएलएफआइ सालाना 300-350 करोड़ की लेवी वसूलता है, जिस पर अंकुश लगाना बेहद जरूरी है.तीन जिलों में सबसे ज्यादा आतंकपीएलएफआइ नक्सली संगठन से हटकर है. इसमें ज्यादातर संगठित रूप से अपराधियों की जमात है. इनका मुख्य काम लेवी वसूलना है. राज्य के तीन जिलों पटना, नालंदा और गया में इनकी गतिविधि सबसे ज्यादा है. हाल के कुछ महीनों में पटना-गया, गया-डोभी समेत अन्य सड़क निर्माण में लगी कंपनियों से लेवी वसूलने के लिए कई बार इनके वाहनों को फूंकने की घटना हो चुकी है. कुछ महीनों पहले नालंदा के हिलसा में स्थानीय व्यापारियों को लेवी के लिए लगातार धमकी दी गयी थी. इस दौरान एक की हत्या भी कर दी थी. बिहार में फिलहाल इन तीन जिलों में पीएलएफआइ का उत्पात ज्यादा है.कोट में …….पीएलएफआइ पर नकेल कसने के लिए आइजी (ऑपरेशन) को इनके सभी कांडों की गहन जांच कर जल्द कार्रवाई शुरू करने को कहा गया है. राज्य की तरफ से अब एसटीएफ इस तरह के ऑपरेशन को अंजाम देंगे. इनके खिलाफ ऑपरेशन में सीआरपीएफ को भी लगाया जायेगा. पीएलएफआइ का राज्य से जल्द सफाया कर दिया जायेगा. आलोक राज, एडीजी, लॉ एंड आॅर्डर

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