अमृतसर रेल हादसा : शव लाने के लिए मांग रहे थे 40 हजार, पत्नी को व्हाट्सएप पर फोटो दिखा कर किया दाह-संस्कार
Updated at : 22 Oct 2018 1:32 AM (IST)
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बरौली (गोपालगंज) : पंजाब के अमृतसर में विजयादशमी के दिन रावण वध के दौरान के हुए ट्रेन हादसे में मारे गये मजदूरों के परिजनों ने पंजाब सरकार पर शव भेजने के लिए कोई इंतजाम नहीं करने का आरोप लगाया है. बरौली के सलोना निवासी मृत राजेश भगत के भाई भूलन भगत ने कहा कि अमृतसर […]
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बरौली (गोपालगंज) : पंजाब के अमृतसर में विजयादशमी के दिन रावण वध के दौरान के हुए ट्रेन हादसे में मारे गये मजदूरों के परिजनों ने पंजाब सरकार पर शव भेजने के लिए कोई इंतजाम नहीं करने का आरोप लगाया है. बरौली के सलोना निवासी मृत राजेश भगत के भाई भूलन भगत ने कहा कि अमृतसर जाने के लिए पैसे नहीं थे, वहां एंबुलेंस वाले शव घर पहुंचाने के लिए 40 हजार रुपये मांग रहे थे. ऐसी परिस्थिति में राजेश का शव नहीं लाया जा सका.
अमृतसर में रहनेवाले राजेश के रिश्तेदारों ने परिजनों की माली हालत को देख वहीं पर शव का दाह-संस्कार कर दिया. राजेश के परिजनों ने बताया कि हादसे के बाद शव को देखने के लिए भी मौका नहीं मिल सका. राजेश की पत्नी शारदा देवी को व्हाट्सएप पर तस्वीर भेजकर रिश्तेदारों ने दाह-संस्कार करा दिया. दाह-संस्कार में शामिल होने के लिए सलोना गांव से कोई नहीं पहुंचा. अपने पति के अंतिम दर्शन के लिए पत्नी शारदा देवी फूट-फूटकर रो रही थीं. उधर, हादसे के बाद तीसरे दिन भी राजेश के घर में चूल्हा नहीं जल सका. मृतक के भाई ने कहा कि परिवार की हालत इतनी दयनीय है कि बच्चों का पालन-पोषण और पढ़ाने के लिए पैसे तक नहीं है. मजदूरी करके राजेश पूरा परिवार चलाता था. राजेश के दो छोटे बच्चे हैं. मां-बाप की मौत के बाद परिवार में इकलौता कमाऊ सदस्य राजेश भगत ही था, जो अमृतसर की सूता फैक्टरी में मजदूरी करता था.
सदमे में गर्भवती पत्नी की स्थिति हुई गंभीर
राजेश की पत्नी शारदा देवी आठ माह की गर्भवती हैं. पति की मौत की खबर ने उसे सदमे में डाल दिया है. महिला की हालत को देख स्थानीय मुखियापति राकेश साह ने उसे बरौली पीएचसी में भर्ती कराया. चिकित्सा प्रभारी पदाधिकारी डॉ त्रिभुवन नाथ सिंह ने बताया कि महिला की हालत गंभीर है. दो दिनों से भोजन नहीं करने और अचानक हादसे की खबर मिलने से ऐसी स्थिति बनी है.
पंजाब सरकार ने शव भेजने के लिए नहीं किया कोई इंतजाम
बेटे ने अमृतसर में किया चंद्रिका का दाह-संस्कार
स्थानीय थाना क्षेत्र के मुजौना गांव के चंद्रिका यादव का शव अमृतसर से घर नहीं पहुंच सका. हादसे के बाद चंद्रिका के बेटे ने अमृतसर में ही दाह-संस्कार किया. उधर, पति की मौत के बाद अंतिम दर्शन नहीं होने पर लाइची देवी की हालत रविवार को बिगड़ गयी. डॉक्टरों ने इलाज के बाद महिला की स्थिति सामान्य बतायी. लाइची देवी ने बताया कि पुत्री सुगीता कुमारी की शादी के लिए छठपूजा में ही आने के लिए कहा था. रेल हादसे ने परिवार की सारी खुशियां छीन लीं. त्योहार में खुशियों की जगह घर में मातम पसरा है.
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