अधिगृहीत मकान मुक्त करने का आदेश

Published at :28 Aug 2017 10:36 AM (IST)
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अधिगृहीत मकान मुक्त करने का आदेश

अधिग्रहण के दौरान जब्त था पीड़ित का भी घर गोपालगंज : पटना हाईकोर्ट ने खजूरबानी कांड के बाद जब्त किये गये छठु पासी के भतीजे के घर को तत्काल प्रभाव से अधिग्रहणमुक्त करने का आदेश दिया है. साथ ही डीएम को हलफनामा दाखिल करने और अपीलार्थी को पांच पांच लाख के दो जमानतदार देने को […]

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अधिग्रहण के दौरान जब्त था पीड़ित का भी घर
गोपालगंज : पटना हाईकोर्ट ने खजूरबानी कांड के बाद जब्त किये गये छठु पासी के भतीजे के घर को तत्काल प्रभाव से अधिग्रहणमुक्त करने का आदेश दिया है. साथ ही डीएम को हलफनामा दाखिल करने और अपीलार्थी को पांच पांच लाख के दो जमानतदार देने को कहा है. मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति राजेंद्र मेनन तथा अनिल कुमार उपाध्याय की बेंच ने अपीलार्थी राजेश चौधरी की अपील की सुनवाई के दौरान डीएम के शिलबंद अधिग्रहण से मुक्त करने का आदेश दिया है.
हाईकोर्ट के आदेश से प्रशासन को जोरदार झटका लगा है. ध्यान रहे कि खजूरबानी कांड में 18 अक्तूबर, 2016 तथा 15 नवंबर, 2016 को अधिग्रहण उत्पाद वाद 47/16 में खजूरबानी के 10 लोगों के मकान को सील कर अधिगृहीत कर लिया गया था. इस कांड के नामजद अभियुक्त छठु पासी के भाई जटू पासी के बेटा राजेश पासी जो पिछले 14 वर्षोँ से विदेश में रहता था. घटना के एक माह पूर्व ही गांव आया था.
इस अधिग्रहण के दौरान छठु पासी तथा उसके भाई बाबू लाल पासी तथा राजेश पासी के हिस्से की संपत्ति भी जब्त कर ली गयी थी. इसको लेकर राजेश पासी ने पटना उच्च न्यायालय में डीएम के आदेश को चुनौती दे रखी थी.
डीएम के कोर्ट में भी बताया था निर्दोष : खजूरबानी कांड के अधिग्रहण वाद के सुनवाई के दौरान छठु पासी के अधिवक्ता वेद प्रकाश तिवारी ने जठु पासी के बेटे राजेश पासी को निर्दोष बताते हुए स्पष्ट किया था कि छठु पासी से राजेश अलग रह कर काम करता है. वह विदेश वर्षों से रहा है. पासी होने के कारण छठु की संपत्ति को जब्त करने के दौरान इसके हिस्से की भी जमीन को जब्त कर लिया गया है, जिसके कारण राजेश और उसका परिवार फुटपाथ पर एक साल बिताया है.
आज भी फरार है कांड का मास्टरमाइंड पंडित
खजूरबानी शराब का मास्टर माइंड रूपेश शुक्ला उर्फ पंडित का सुराग पुलिस नहीं ढूंढ़ पायी है. सीवान जिले के जामो बाजार थाने के जलालपुर के रहनेवाले पंडित के द्वारा सप्लाई किये गये केमिकल से खजूरबानी में जहरीली शराब तैयार की गयी थी. इस मामलेमें पुलिस ने 14 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी. पंडित की गिरफ्तारी आज भी गोपालगंज पुलिस के लिए चुनौती बनी हुई है.
इनको मिल चुकी है हाईकोर्ट से जमानत : खजूरबानी कांड में नामजद आरोपित छठु चौधरी, ग्रहण चौधरी, रीता देवी, सनोज पासी, रंजय पासी, मुन्ना पासी, लाल बाबू चौधरी, कैलाशो देवी, लालझरी देवी, कन्हैया पासी को जमानत मिल चुकी है. जमानत मिलने के साथ ही ये जेल से बाहर आ चुके हैं.
वही दूसरी तरफ नगीना पासी, इंदू देवी तथा संजय चौधरी को जमानत के मामले में अभी कोर्ट में मामला विचाराधीन है, जबकि शराब की बरामदगी में इनको जमानत मिल चुकी है.
क्या है खजूरबानी कांड: शहर के वार्ड नं 26 में स्थित खजूरबानी में शराबबंदी के बाद भी बड़े पैमाने पर जहरीली शराब बना कर बेची जाती थी. गत 15 और 16 अगस्त को खजूरबानी में शराब पीने से 19 लोगों की मौत तथा आधा दर्जन से अधिक लोग बीमार हो चुके थे, जिसमें दो लोगों ने अपनी आंखों की रोशनी गंवा दी है. इस मामले में नगर थाने में दो अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गयी थी.
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