वजीरगंज में रेलवे ट्रैक के पास मिला अज्ञात महिला का शव, पहचान में जुटी पुलिस

Author Amrendra kumar|Edited by Yuvraj Ratan
Updated:
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ट्रेन की चपेट में आकर अधेड़ महिला  की हुई मौत

प्रतीकात्मक तस्वीर

Gaya Ji News : वजीरगंज रेलवे हॉल्ट के पास एक अधेड़ महिला का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई. पुलिस शव की पहचान और मौत के कारणों का पता लगाने में जुटी है.

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Gaya Ji News : गया-किउल रेलखंड पर वजीरगंज थाना क्षेत्र के पूरा रेलवे हॉल्ट के निकट बुधवार की दोपहर एक अज्ञात अधेड़ महिला का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई. सूचना मिलने के बाद वजीरगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव की पहचान करने में जुट गई.

पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव, पहचान का प्रयास जारी

वजीरगंज थानाध्यक्ष नीरज कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया महिला की मौत ट्रेन की चपेट में आने से होने की आशंका है. शव को पोस्टमार्टम के लिए अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एएनएमएमसीएच) भेज दिया गया है. उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव को पहचान के लिए शीतगृह में सुरक्षित रखा जाएगा. पहचान होने के बाद शव को उसके परिजनों को सौंप दिया जाएगा.

अतरी थाना क्षेत्र की महिला होने की जताई जा रही आशंका

वहीं, स्थानीय सूत्रों के अनुसार महिला की पहचान अतरी थाना क्षेत्र के सूखे बिगहा गांव निवासी उमेश चौधरी के परिवार की सदस्य सोनमंती देवी के रूप में बताई जा रही है. हालांकि, पुलिस की ओर से अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.

वजीरगंज में शुरू हुआ मिशन प्रज्ञा शक्ति परीक्षण शिविर

वजीरगंज प्रखंड के बाल विकास परियोजना कार्यालय स्थित कम्युनिटी हॉल में बुधवार से बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता और सर्वांगीण विकास को लेकर 'मिशन प्रज्ञा शक्ति परीक्षण' शिविर शुरू हुआ. तीन दिवसीय इस कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों की बौद्धिक क्षमता, स्मरण शक्ति, एकाग्रता, तार्किक सोच और सीखने की दक्षता का आकलन कर उन्हें आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है.

अधिकारियों और आंगनबाड़ी कर्मियों ने लिया हिस्सा

शिविर में बाल विकास परियोजना कार्यालय के अधिकारी, पर्यवेक्षिकाएं, आंगनबाड़ी सेविकाएं और अन्य कर्मियों ने भाग लिया. इस दौरान बच्चों के मानसिक विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई और उनके बेहतर भविष्य के लिए आवश्यक कदम उठाने पर जोर दिया गया.

मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना जरूरी : सीडीपीओ

सीडीपीओ अपर्णा ने बताया कि वर्तमान समय में बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देना बेहद जरूरी है. समय-समय पर इस तरह के शिविरों के आयोजन से बच्चों के विकास में मदद मिलेगी और उनकी छिपी हुई प्रतिभाओं को निखारने का अवसर मिलेगा. उन्होंने कहा कि बच्चों की क्षमता की पहचान कर उन्हें उचित दिशा और मार्गदर्शन देना इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य है.

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