जिले के 10 विधानसभा क्षेत्रों में 3866 मतदान केंद्रों पर होगी वोटिंग

कैसे कराये वोटिंग, पोलिंग पार्टियों को दिया गया प्रशिक्षण
कैसे कराये वोटिंग, पोलिंग पार्टियों को दिया गया प्रशिक्षणफोटो- गया रोशन- 505 व 506- प्रशिक्षण के दौरान निर्देश देते डीएम शशांक शुभंकर.
मुख्य संवाददाता, गया जी़जिले के 10 विधानसभा क्षेत्रों में 3866 मतदान केंद्रों पर वोटिंग होगी. चुनाव आयोग ने मतदान प्रक्रिया को बेहतर तरीके से संपन्न कराने के लिए गाइडलाइन जारी की है. इसी के तहत मतदानकर्मियों को प्रशिक्षण देने के लिए तीन दिवसीय शिविर का आयोजन गुरुवार से शुरू हुआ. जिला निर्वाची पदाधिकारी सह डीएम शशांक शुभंकर और प्रेक्षक की मौजूदगी में जिला स्कूल परिसर में दो पालियों में प्रशिक्षण दिया गया. इस दौरान सभी विधानसभा क्षेत्रों के पीठासीन पदाधिकारियों व मतदान पदाधिकारियों को उनके कार्य व दायित्वों की जानकारी दी गयी. मास्टर ट्रेनरों ने इवीएम का हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण दिया और मतदान से संबंधित आवश्यक प्रपत्रों को भरने की प्रक्रिया समझायी. साथ ही सभी पीठासीन पदाधिकारियों व प्रथम मतदान पदाधिकारियों को इसीआइ नेट प्रो एप व अन्य एप के उपयोग की जानकारी भी दी गयी.
डीएम ने पीठासीन पदाधिकारियों को कराया कार्यों से अवगत
डीएम शशांक शुभंकर ने बताया कि पीठासीन पदाधिकारी मतदान की तिथि से दो दिन पहले अपने योगदान स्थल पर पहुंचकर अपने दल के साथ योगदान करेंगे. मतदान से संबंधित सभी कागजात प्राप्त कर चेक लिस्ट से मिलान करेंगे. मतदान के एक दिन पूर्व निर्धारित रास्ते से अपने केंद्र पर पहुंचकर परिसर की निगरानी करेंगे और मतदान संपन्न कराने की कार्ययोजना बनायेंगे. मतदान के दिन सुबह 5.30 बजे से सात बजे के बीच मॉक पोल प्रक्रिया पूरी कर मशीन को वास्तविक मतदान के लिए तैयार करेंगे. सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक मतदान का संचालन स्वच्छ तरीके से करेंगे. इस दौरान पीठासीन पदाधिकारी मतदान कर्मियों का निरीक्षण करेंगे. 17ए रजिस्टर व कंट्रोल यूनिट में दो-दो घंटे पर मतदान की संख्या दर्ज कर उच्च अधिकारियों व कंट्रोल रूम को सूचित करेंगे. इसीआइ नेट ऐप पर समय-समय पर वीआइआर रिपोर्ट भी ऑनलाइन भेजेंगे. मतदान समाप्त होने के बाद वीटीआर रिपोर्ट पूरी करने के उपरांत ही केंद्र छोड़ेंगे और निर्धारित रूट चार्ट के अनुसार इवीएम संग्रहण केंद्र (बाजार समिति) पर जमा करेंगे.
प्रथम, द्वितीय व तृतीय मतदान कर्मियों को बताया गया दायित्व
डीएम ने कहा कि प्रथम मतदान पदाधिकारी आवश्यकतानुसार पीठासीन पदाधिकारी के दायित्वों का निर्वहन करेंगे, इसलिए उन्हें निर्वाचन प्रक्रिया की पूरी जानकारी होनी चाहिए. वे निर्वाचक नामावली की चिह्नित प्रति के प्रभारी होंगे और मतदाता की पहचान ईपिक या अन्य 11 फोटोयुक्त विकल्पों में से किसी एक से करेंगे. मतदाता सूची में मतदाता को चिह्नित करने की जिम्मेदारी भी उनकी होगी. द्वितीय मतदान कर्मी अमिट स्याही और मतदाता पंजी 17ए के प्रभारी रहेंगे. प्रथम मतदान पदाधिकारी के पहचान सत्यापित करने के बाद मतदाता की सूचना 17ए रजिस्टर में दर्ज करेंगे और मतदाता का हस्ताक्षर या अंगूठे का निशान लेंगे. मतदाता की बायीं तर्जनी पर नाखून के अंत तक स्याही लगाएंगे. जो मतदाता इपिक या वोटर स्लिप से मतदान करते हैं, उनके सामने 17ए रजिस्टर में ‘ईपी’ या ‘वीएस’ लिखेंगे. अन्य पहचान पत्र के मामले में अंतिम चार अंक दर्ज करेंगे. मतदाता को मत देने के लिए पर्ची जारी करेंगे. तृतीय मतदान कर्मी का दायित्व होगा कि वह मतदाता से पर्ची लेकर क्रमवार रखे और यह जांच करे कि मतदाता की तर्जनी पर स्याही लगी है या नहीं. वह कंट्रोल यूनिट का प्रभारी रहेगा और बटन दबाकर मतदाता को वोटिंग कम्पार्टमेंट में जाने की अनुमति देगा.
डीएम और प्रेक्षक ने ली जानकारी, किया रैंडम प्रश्न
प्रशिक्षण के दौरान प्रेक्षक व डीएम ने रैंडम तरीके से मतदानकर्मियों से प्रश्न पूछे और उनकी शंकाओं का समाधान कराया. डीएम ने कहा कि सभी कर्मी ईवीएम का हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग अच्छे से करें ताकि मतदान के दौरान कोई दिक्कत न हो. फॉर्म 17सी भरने की प्रक्रिया को भी ध्यान से सीखें. उन्होंने कहा कि प्रिजाइडिंग ऑफिसर मोबाइल एप का उपयोग बहुत महत्वपूर्ण है, इसलिए इसे सही तरीके से समझें और सभी संदेहों को प्रशिक्षण के दौरान दूर करें.
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