फतेहपुर में पांच जगह हुई बोरिंग, पानी नहीं मिला तो चार को खुला छोड़ा, विभाग के कर्मियों पर भी कार्रवाई की मांग

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पीयूष मांझी के फंसे रहने वाले बोरवेल को किया भराव | Prabhat Khabar Network

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फतेहपुर के रंगुनगर में तीन वर्षीय पीयूष मांझी के 300 फीट गहरे बोरवेल में गिरने की घटना ने जिला प्रशासन को अलर्ट कर दिया है. संवेदक पर लापरवाही का आरोप है और अन्य असुरक्षित बोरवेलों की तत्काल जांच के निर्देश दिए गए हैं.

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फतेहपुर के रंगुनगर में तीन वर्षीय पीयूष मांझी के 300 फीट गहरे बोरवेल में गिरने की घटना के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है. शनिवार को गया के जिलाधिकारी शशांक शुभंकर ने बोरिंग कराने वाले संवेदक की पहचान कर उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया है. साथ ही फतेहपुर प्रखंड के अन्य क्षेत्रों में भी ऐसे खुले और असुरक्षित बोरवेलों की जांच कराने के निर्देश दिए हैं.

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ग्रामीणों के अनुसार, रंगुनगर में नल-जल योजना के तहत पांच स्थानों पर बोरिंग कराई गई थी. इनमें केवल एक स्थान पर पानी मिला, जबकि चार स्थानों पर बोरिंग असफल रही. आरोप है कि संवेदक ने असफल बोरवेलों को न तो मिट्टी से भरा और न ही उन्हें सुरक्षा कवर से बंद किया, जिससे यह गंभीर हादसा हुआ.

आनन-फानन में भरे गए खुले बोरवेल

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि घटना के बाद कार्रवाई से बचने के उद्देश्य से संवेदक ने गुरुवार रात ही आनन-फानन में अन्य खुले बोरवेलों को भरवा दिया. मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित संवेदक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है. इसके अलावा डीएम ने अधिकारियों को फतेहपुर प्रखंड के सभी क्षेत्रों का सर्वे कर ऐसे खुले या असुरक्षित बोरवेलों की पहचान करने तथा उन्हें तत्काल सुरक्षित कराने का आदेश दिया है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके.

ग्रामीणों ने लगाया कार्रवाई के नामपर खानापूर्ति का आरोप

इधर ग्रामीणों में इस बात की नाराजगी देखी जा रही है कि सिर्फ संवेदक पर ही कारवाई कर खानापूर्ति किया जा रहा है, जबकि इस मामले पीएचइडी विभाग के अधिकारी एवं कर्मी भी दोषी है. उन्होंने यह जांच आखिर किन वजहों से नहीं किया कि संवेदक ने काम को सही ढंग से पूरा किया या नहीं. अगर पीयूष के साथ हादसा नहीं होता तो आज भी बोरवेल खुला छुड़ने का मामला सामने नहीं आता. ग्रामीणों का कहना है कि जितना संवेदक इस मामले में दोषी है उससे अधिक संबंधित विभाग के अधिकारी एवं कर्मी दोषी है.

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