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पितृपक्ष को लेकर गया में तैयारी शुरू, यजमानों से संपर्क साध रहे पंडा

By Prabhat Khabar Print Desk
Updated Date
सांकेतिक फोटो
सांकेतिक फोटो

गया : गयाजी में प्रत्येक वर्ष आयोजित होने वाले पितृपक्ष मेला इस वर्ष एक सितंबर से शुरू होना है. वैश्विक महामारी कोरोना के कारण शासन-प्रशासन द्वारा अब तक इस मेले को लेकर किसी तरह की तैयारियां शुरू नहीं की गयी है. वहीं, दूसरी तरफ पंडा समाज के लोगों में पितृपक्ष मेले को लेकर हलचल शुरू हो गयी है. गया पाल तीर्थ पुरोहित व श्री विष्णुपद मंदिर प्रबंधकारिणी समिति से जुड़े पंडा समाज के लोग अपने यजमानों से संपर्क शुरू कर दिये हैं. यदि मेला का आयोजन हुआ, तो इस वर्ष भी काफी संख्या में तीर्थयात्रियों के पहुंचने की संभावना बन रही है. इस बारे में गयापाल तीर्थ पुरोहित के महामंत्री मणिलाल बारीक, सुनील कुमार भईया व दीपू पंडा ने बताया कि पितृपक्ष मेला में आने को लेकर जिन तीर्थयात्रियों से संपर्क किया जा रहा है, उनमें से अधिकतर आने का मन बना रहे हैं. हालांकि इन लोगों ने यह भी बताया कि यदि लॉकडाउन नहीं रहा, तभी तीर्थयात्री आ सकेंगे. इन लोगों ने बताया कि जम्मू, पंजाब, हरियाणा, गुजरात, उत्तर प्रदेश, केरल बंगाल सहित कई राज्य के तीर्थयात्रियों से मेले में उनके आने को लेकर बातचीत हुई है.

करीब 30 प्रतिशत तीर्थयात्रियों ने आने की संभावना

बातचीत के दौरान अधिकतर तीर्थयात्रियों ने बताया कि यदि मेला का आयोजन हुआ व लॉकडाउन नहीं रहा, तो निजी वाहन से आकर अपने पितरों के लिए पिंडदान व तर्पण का कर्मकांड संपन्न कर सकेंगे. पंडों ने बताया कि जितने तीर्थयात्रियों से बात की गयी है, उनमें से करीब 30 प्रतिशत तीर्थयात्रियों ने आने की संभावना व्यक्त की है. बहरहाल पितृपक्ष मेला शुरू होने में अभी एक महीना से भी अधिक दिन बाकी है. वैश्विक महामारी के आंकड़ों के ग्राफ में यदि कमी आयी, तो शासन-प्रशासन द्वारा मेले के आयोजन की तैयारी शुरू होने की उम्मीद की जा सकती है. यदि मेले का आयोजन तब एक लाख से अधिक तीर्थयात्रियों के पहुंचने की उम्मीद पंडा समाज के लोगों द्वारा की जा रही है.

कोरोना के बावजूद पिंडदानियों की आस्था नहीं हुई कम

गया जिला सहित बिहार में फैली वैश्विक महामारी व कोरोना मरीजों की संख्या में लगातार हो रही वृद्धि के बावजूद तीर्थयात्रियों की आस्था में कोई कमी नहीं दिख रही है. राज्य में लॉकडाउन के बाद भी राज्य के मुजफ्फरपुर, हाजीपुर, छपरा सहित विभिन्न जिलों से आये करीब 100 तीर्थयात्रियों ने रविवार को फल्गु नदी की रेत में बैठ कर पिंडदान किया. तीर्थयात्रियों ने अपने कुल पंडा के निर्देशन में पिंडदान, श्राद्धकर्म व तर्पण किया. तीर्थयात्रियों ने बताया कि निजी वाहन से सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन का पालन करते हुए यहां आये हैं. दशकर्म पर पिंडदान करने की परंपरा रहने के कारण आना जरूरी पड़ा. इन यात्रियों ने अपने पितरों के मोक्ष प्राप्ति की कामना के निमित्त पिंडदान व श्राद्ध कर्म संपन्न किया.

posted by ashish jha

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