गया में आदमखोर लकड़बग्घों का तांडव: बुजुर्ग को नोच-नोच कर मार डाला, एक अन्य ग्रामीण लहूलुहान, गांव में दहशत

Published by :PRANJAL PANDEY
Published at :05 May 2026 6:15 PM (IST)
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गया में आदमखोर लकड़बग्घों का तांडव: बुजुर्ग को नोच-नोच कर मार डाला, एक अन्य ग्रामीण लहूलुहान, गांव में दहशत

गेहलौर थाना क्षेत्र के करजनी महादलित टोले में जंगली जानवरों का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है. यहां शौच के लिए निकले 65 वर्षीय विशुनधारी मांझी पर दो लकड़बग्घों ने जानलेवा हमला कर दिया, जिससे उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई.

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अतरी. गेहलौर थाना क्षेत्र के करजनी महादलित टोले में जंगली जानवरों का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है. यहां शौच के लिए निकले 65 वर्षीय विशुनधारी मांझी पर दो लकड़बग्घों ने जानलेवा हमला कर दिया, जिससे उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई. इस दौरान पास खड़े उसी गांव के शिवा मांझी पर भी लकड़बग्घों ने झपट्टा मारा. शिवा मांझी के पैर में गहरे घाव आये हैं. उसने किसी तरह शोर मचाते हुए वहां से भागकर अपनी जान बचाई. शिवा की चीख-पुकार सुनकर जब तक ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर घटनास्थल की ओर दौड़े, लकड़बग्घे शव को छोड़कर पहाड़ की तरफ भाग निकले. घटना की सूचना तुरंत गेहलौर थाना पुलिस को दी गयी. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए मगध मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल, गया भेज दिया है.

पहाड़ की तलहटी में होने का खामियाजा भुगत रहे ग्रामीण

करजनी महादलित टोला पहाड़ की तलहटी में बसा हुआ है, जिसके कारण यहां हमेशा हिंसक पशुओं के हमले का डर बना रहता है. दहशत में जी रहे गांव वालों ने बताया कि लकड़बग्घों का यह पहला हमला नहीं है. पिछले सप्ताह ही जंगली जानवरों ने एक गाय पर हमला कर उसे मार डाला था. इसके बावजूद वन विभाग और प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किये गये.

प्रशासन की बेरुखी से परिजनों में आक्रोश

विशुनधारी मांझी की मौत के बाद से उनके घर में कोहराम मचा हुआ है. मृतक के बेटे छोटू मांझी ने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए बताया कि इस दुखद घटना के बाद भी प्रखंड स्तर के किसी भी अधिकारी ने न तो सुध ली है और न ही अब तक कोई सरकारी सहायता राशि मुहैया करायी गयी है. घटना के बाद से पूरे महादलित टोले में दहशत का माहौल है और ग्रामीण शाम ढलते ही घरों में कैद होने को मजबूर हैं.

रिपोर्ट : दिलीप

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