'इस्लाम और मुसलमान ज़िन्दाबाद था…' मोदी के मंत्री ने ओवैसी को दिया करार जवाब
Published by : Paritosh Shahi Updated At : 27 Mar 2025 4:34 PM
जीतन राम मांझी
Jitan Ram Manjhi: मोदी कैबिनेट में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री ने कहा कि मेरे रोम-रोम में धर्म निरपेक्षता है. मुझे किसी के सर्टिफिकेट की जरुरत नहीं है.
Jitan Ram Manjhi: बिहार के पूर्व सीएम जीतन राम मांझी ने वक्फ बोर्ड बिल के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले लोगों को कठमुल्ला कहा था. उनके इस बयान पर सभी विपक्षी दलों के नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया दी थी. लेकिन सबसे ज्यादा विरोध AIMIM पार्टी के नेताओं ने किया. अब जीतन राम मांझी ने बताया है कि उन्होंने कठमुल्ला क्यों कहा था.
जीतन मांझी क्या बोले
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जीतन मांझी ने लिखा, “मैंने ओवैसी गैंग को “कठमुल्ला” कहा तो कुछ लोग मुझे ट्रोल करने लगें. वैसे लोगों को मैं स्पष्ट कर दूँ कि जीतन मांझी उनके रहमो करम पर सांसद या मंत्री नहीं बना बल्कि गया जी के जनता मालिक के दम पर बना है और गया जी के जनता मालिक को पता है कि उनका सांसद हर दिन गया के विकास के लिए काम कर रहा है. वैसे मैं कठमुल्ले गैंग को बता देना चाहता हूँ कि जीतन मांझी का रोम-रोम सेक्यूलर है,मुझे किसी के सर्टिफ़िकेट की ज़रूरत नहीं. मुस्लिम भाई,बहनों,अभिभावकों की मैं हमेशा इज़्ज़त करता हूँ पर जो लोग इस्लाम के नाम पर क़ौम को बदनाम करेंगे उन्हें मैं कठमुल्ला ही बोलूँगा. इस्लाम और मुसलमान ज़िन्दाबाद था,ज़िन्दाबाद है और ज़िन्दाबाद ही रहेगा.”
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धरना प्रदर्शन करने वालों को बताया था गलत
जीतन राम मांझी ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि जो लोग वक्फ बोर्ड बिल के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं वो कठमुल्ले हैं. मांझी ने धरना प्रदर्शन को गलत बताते हुए कहा कि ये लोग राजनीति कर रहे हैं. ये लोग धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचा रहे हैं. उनके कठमुल्ला वाले बयान पर सियासत तेज हो गई है और विपक्ष उनके बयान पर खूब सवाल खड़े कर रही है.
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By Paritosh Shahi
परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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