गया पुलिस के जवानों की अब डेहरी के बजाय ओटीए फायरिंग रेंज में ट्रेनिंग

अपराधियों पर नकेल कसने और पुलिसकर्मियों को सटीक निशाना लगाने में माहिर बनाने के लिए गया पुलिस ने एक नयी और विशेष पहल की है.
गया जी. अपराधियों पर नकेल कसने और पुलिसकर्मियों को सटीक निशाना लगाने में माहिर बनाने के लिए गया पुलिस ने एक नयी और विशेष पहल की है. अब गया जिला पुलिस बल के जवानों को फायरिंग के प्रशिक्षण के लिए डेहरी स्थित बीएमपी-दो जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. पुलिसकर्मियों को अब स्थानीय स्तर पर ही सेना के ऑफिसर ट्रेनिंग एकेडमी (ओटीए) के फायरिंग रेंज में अत्याधुनिक हथियारों को चलाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है. इसी कड़ी में रविवार को ओटीए फायरिंग रेंज में 236 प्रशिक्षु सिपाहियों को फायरिंग का कड़ा अभ्यास कराया गया. इस दौरान जवानों को एके-47, इंसास सहित कई अन्य अत्याधुनिक हथियारों के संचालन और सटीक निशाना लगाने की बारीकियां सिखायी गयीं.
सिटी एसपी ने लिया जायजा
प्रशिक्षण के दौरान प्रभारी एसएसपी सह सिटी एसपी कोटा किरण कुमार ने ओटीए फायरिंग रेंज पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया. उन्होंने प्रशिक्षण की गुणवत्ता देखी और सिपाहियों के अनुशासन को परखा. साथ ही मौके पर मौजूद संबंधित पुलिस पदाधिकारियों को अनुशासन बनाए रखने और ट्रेनिंग को गंभीरता से लेने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिये.
सेना के सहयोग से मिली सुविधा
इस नयी व्यवस्था के बारे में जानकारी देते हुए प्रभारी एसएसपी सह सिटी एसपी ने बताया कि स्थानीय स्तर पर पुलिसकर्मियों को बेहतर प्रशिक्षण देने के उद्देश्य से ओटीए के वरीय सैन्य अधिकारियों से संपर्क किया गया था. सैन्य अधिकारियों ने सकारात्मक रुख दिखाते हुए पुलिस को फायरिंग रेंज के इस्तेमाल की अनुमति दे दी है. यह तय हुआ है कि जिस दिन ओटीए के कैडेट्स की ट्रेनिंग नहीं होगी या रेंज खाली रहेगा, उन दिनों में गया पुलिस बल के जवान वहां अभ्यास कर सकेंगे. इस पहल से न केवल पुलिस के समय और संसाधन की बचत होगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर नियमित अभ्यास मिलने से जवानों की मारक क्षमता और दक्षता में भी इजाफा होगा.
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