कुछ देर की लापरवाही बनी काल, खेलते-खेलते पानी भरी बाल्टी में गिरने से मासूम की मौत

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सांकेतिक तस्वीर

Gaya Ji News: गयाजी जिले के टनकुप्पा प्रखंड अंतर्गत ताजपुर गांव में बुधवार को एक रोंगटे खड़े कर देने वाला घरेलू हादसा सामने आया है. यहां घर में खेल रही ढाई वर्षीय मासूम पुत्री शानवी कुमारी की पानी से भरी बाल्टी में डूबने से दर्दनाक मौत हो गई.

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Gaya Ji News: (टनकुप्प्पा से धर्मपाल सिंह की रिपोर्ट ):
प्रखंड क्षेत्र के ढिबर पंचायत अंतर्गत ताजपुर गांव में बुधवार को एक दर्दनाक हादसे में ढाई साल की मासूम की मौत हो गई. पानी से भरी बाल्टी में डूबने से हुई इस खौफनाक घटना के बाद से ही परिवार में कोहराम मच गया है. वहीं, इतनी छोटी बच्ची की असमय और दर्दनाक मौत से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है. मृतक बच्ची की पहचान ताजपुर गांव निवासी वीरेंद्र कुमार की ढाई वर्षीय पुत्री शानवी कुमारी के रूप में की गई है.

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बाल्टी में झांकने के दौरान बिगड़ा संतुलन, सिर के बल गिरी मासूम

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ढाई साल की शानवी कुमारी बुधवार को रोज की तरह अपने घर के भीतर ही खेल रही थी. इसी दौरान उसकी मां घर के रोजमर्रा के जरूरी कार्यों में व्यस्त हो गई. मां की नजर हटते ही खेलते-खेलते मासूम शानवी घर के कोने में रखी पानी से भरी एक बाल्टी के पास पहुंच गई. बताया जाता है कि बाल्टी में पानी देखकर जैसे ही मासूम ने उसमें झांकने का प्रयास किया, उसका शारीरिक संतुलन पूरी तरह बिगड़ गया. संतुलन खोते ही वह सिर के बल पानी से लबालब भरी बाल्टी के अंदर जा गिरी. बाल्टी संकरी होने के कारण वह खुद को बाहर नहीं निकाल सकी और पानी में दम घुटने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई.

खोजबीन के दौरान सामने आया हृदयविदारक दृश्य, चीख उठे परिजन

कुछ देर तक जब घर में बच्ची की आवाज सुनाई नहीं दी और वह कहीं दिखाई नहीं दी, तो मां और परिजनों ने उसकी खोजबीन शुरू की. इसी दौरान जब परिजन कमरे के कोने में पहुंचे, तो वहां का हृदयविदारक दृश्य देखकर स्वजनों की जोर से चीख निकल गई. परिजनों के रोने-चिल्लाने की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण भी बड़ी संख्या में मौके पर दौड़ पड़े. आनन-फानन में बच्ची को बाल्टी से बाहर निकालकर स्थानीय चिकित्सक के पास ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने गहनता से जांच करने के बाद उसे मृत घोषित कर दिया.

परिजनों ने किया अंतिम संस्कार, गांव में नहीं जला चूल्हा

इस भीषण हादसे के बाद से ही पीड़ित परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है. इकलौती मासूम बेटी को खोने के गम में मां गहरी मानसिक त्रासदी और सदमे में चली गई है, जो बार-बार रोते हुए बेसुध हो जा रही है. ग्रामीणों ने मर्माहत होकर बताया कि इतनी छोटी बच्ची की इस तरह अचानक हुई मौत ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है. बाद में शोकाकुल परिजनों ने गमगीन माहौल के बीच बच्ची के शव का अंतिम संस्कार कर दिया. इस घटना के बाद से गांव का कोई भी चूल्हा नहीं जला है.

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