गया जी: दखिनगांव मध्य विद्यालय में जुलाई माह का परियोजना कार्य, बच्चों ने दिखाई रचनात्मकता

Author Amrendra kumar|Edited by Rajeev Kumar
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मध्य विद्यालय दखिन गांव में अपनी पेंटिंग दिखाती छात्रा | Prabhat Khabar Network

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दखिनगांव मध्य विद्यालय में कक्षा छह से आठ के विद्यार्थियों के लिए गणित एवं विज्ञान विषय पर परियोजना कार्य आयोजित किया गया. बच्चों ने चार्ट और मॉडल के माध्यम से अपनी रचनात्मकता और ज्ञान का प्रदर्शन किया. इस पहल का उद्देश्य बच्चों में व्यावहारिक ज्ञान और आत्मविश्वास बढ़ाना था.

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Gaya ji News : मध्य विद्यालय दखिनगांव में मंगलवार को कक्षा छह से आठ तक के विद्यार्थियों के बीच जुलाई माह का गणित एवं विज्ञान विषय पर आधारित परियोजना कार्य आयोजित किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में व्यावहारिक ज्ञान, सृजनात्मक सोच और आत्मविश्वास का विकास करना था.

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चार्ट और मॉडल के माध्यम से दी वैज्ञानिक जानकारी

विज्ञान विषय के अंतर्गत विद्यार्थियों ने हम और हमारा पौष्टिक आहार, अम्ल एवं क्षार का रचनात्मक उपयोग, आग से बचाव तथा मेरे सपनों का घर विषयों पर चार्ट और मॉडल तैयार कर प्रस्तुति दी. बच्चों ने पौष्टिक भोजन के महत्व और आग लगने की स्थिति में बचाव के उपायों को सरल ढंग से समझाया.

गणितीय आकृतियों से तैयार किए आकर्षक प्रोजेक्ट

गणित विषय में संख्याओं की दुनिया, जनसंख्या जनगणना तथा हमारे सपनों का घर विषय पर प्रोजेक्ट तैयार किए गए. विद्यार्थियों ने घर के नक्शे में त्रिभुज, वर्ग और आयत जैसी ज्यामितीय आकृतियों की पहचान कर उनके उपयोग की जानकारी दी.

खेल-खेल में सीखने से बढ़ता है आत्मविश्वास

प्रधानाध्यापक कृष्ण कुमार ने कहा कि इस तरह के परियोजना कार्य से बच्चों में खेल-खेल में सीखने और स्वयं कार्य करने की क्षमता विकसित होती है. इससे उनकी झिझक दूर होती है और आत्मविश्वास बढ़ता है. इस अवसर पर सुगमकर्ता शिक्षिका ज्योत्सना शाही, फोकल शिक्षक प्रभाकर कुमार, रवि रंजन कुमार और उपेंद्र नाथ कौशल मौजूद रहे. उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों में राखी, चांदनी, सपना, प्रिंस और अनुष्का सहित कई छात्र-छात्राओं को सराहा गया.

सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों के लिए फॉर्मल ड्रेस कोड होगा अनिवार्य

वजीरगंज. सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों और शिक्षिकाओं के लिए जल्द ही फॉर्मल ड्रेस कोड अनिवार्य किया जाएगा. शिक्षा विभाग का मानना है कि एकरूप और शालीन पहनावे से विद्यालयों में अनुशासन बेहतर होगा और विद्यार्थियों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा.

पुरुष शिक्षकों के लिए तय किया गया पहनावा

नए निर्देश के अनुसार पुरुष शिक्षकों को सफेद, हल्के नीले या बेज रंग की प्लेन अथवा हल्की धारी वाली कॉटन शर्ट के साथ काली, नेवी ब्लू या ग्रे रंग की फॉर्मल पैंट पहननी होगी. बैठक और विशेष अवसरों पर ब्लेज़र या मैचिंग कोट-पैंट अनिवार्य रहेगा. फॉर्मल लेदर के जूते, बेल्ट और घड़ी भी निर्धारित ड्रेस का हिस्सा होंगे.

महिला शिक्षिकाओं के लिए भी निर्धारित मानक

महिला शिक्षिकाओं के लिए फॉर्मल शर्ट-पैंट, घुटने तक की पेंसिल स्कर्ट, फॉर्मल ब्लेज़र ड्रेस, शालीन डिज़ाइन की सूती या सिल्क साड़ी तथा फॉर्मल कुर्तियां निर्धारित की गई हैं. जूतों में क्लोज-टो हील्स, फ्लैट्स या फॉर्मल लोफर्स पहनने के निर्देश दिए गए हैं.

अनुशासन और पेशेवर पहचान पर जोर

शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि फॉर्मल ड्रेस कोड से शिक्षकों की पेशेवर पहचान मजबूत होगी और विद्यालयों में अनुशासन का वातावरण विकसित होगा. विभाग द्वारा शीघ्र ही सभी सरकारी विद्यालयों में इस व्यवस्था को लागू किया जाएगा.


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