1339 करोड़ की लागत से जल्द शुरू होगा 'गया इंडस्ट्रियल कॉरिडोर' का निर्माण, 1 लाख से ज्यादा लोगों को मिलेगा रोजगार

Published by : Paritosh Shahi Updated At : 26 Jun 2025 8:11 PM

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सांकेतिक तस्वीर

Gaya News: गया के डोभी प्रखंड में बिहार का सबसे बड़ा औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जा रहा है. अमृतसर-कोलकाता इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के तहत बन रहे इस समेकित विनिर्माण क्लस्टर (IMC) से 16524 करोड़ रुपये निवेश और 1.09 लाख रोजगार की उम्मीद है.

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Gaya News: बिहार के सबसे बड़े इंडस्ट्रियल क्षेत्र का विकास गया के पास डोभी प्रखंड में किया जा रहा है. इसके लिए इस इलाके में 1670 एकड़ जमीन का अधिग्रहण कर लिया गया है. अमृतसर-कोलकाता कॉरिडोर (AIC) प्रोजेक्ट के तहत गया में समेकित विनिर्माण कलस्टर (IMC) का निर्माण कराया जा रहा है.

इस प्रोजेक्ट के डेवलपमेंट को लेकर कुछ दिन पहले मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा के स्तर पर एक समीक्षा बैठक आयोजित की. इसमें यह निर्णय लिया गया कि इसका निर्माण पूरा करने के लिए जुलाई के पहले सप्ताह में संबंधित कंपनी या एजेंसी का चयन करने के लिए टेंडर जारी कर दिया जाएगा. सभी मानकों पर खरा उतरने वाली एजेंसी का चयन इस कार्य के लिए कर लिया जाएगा.

किस तरह के उद्योगों को यहां विकसित किया जायेगा

राष्ट्रीय स्तर का यह प्रोजेक्ट 5 राज्यों से जुड़ा हुआ है. केंद्र सरकार के राष्ट्रीय औद्योगिक कॉरिडोर विकास कार्यक्रम के अंतर्गत ही आईएमसी गया का निर्माण कराया जा रहा है. इसमें एग्रो एवं खाद्य प्रसंस्करण, रेडीमेड गार्मेट और टेक्निकल इंडस्ट्री (ऑटो पार्ट्स, स्टील आधारित उत्पाद, एयरोस्पेश एवं डिफेंस, भवन सामाग्री, फर्नीचर एवं हैंडलूम और हैंडिक्रॉफ्ट) से जुड़े उद्योगों को यहां विकसित कराए जाने की योजना है.

16524 करोड़ रुपये निवेश की संभावना

IMC गया को राज्य के सबसे बड़े औद्योगिक क्षेत्र के तौर पर विकसित किया जा रहा है. इस पूरे प्रोजेक्ट की लागत 1339 करोड़ रुपये है. इससे 1 लाख 9 हजार लोगों के लिए रोजगार मिलने की संभावना है. इस प्रोजेक्ट के लिए 1670 एकड़ जमीन का अधिग्रहण करने पर 462 करोड़ रुपये की लागत आई है. इसके विकसित हो जाने के बाद यहां 16524 करोड़ रुपये के निवेश की संभावना है.

स्टेट ऑफ आर्ट की तर्ज पर विकसित की योजना

इस औद्योगिक स्थान को स्टेट ऑफ आर्ट के तौर पर विकसित करने की योजना है. यहां औद्योगिक इकाईयों को प्लग एंड प्ले की सुविधा भी मुहैया कराई जाएगी. इसके अलावा यहां सड़क, बिजली, पानी समेत अन्य सभी मूलभूत सुविधाओं को विकसित करने की योजना है.

गया के डोभी प्रखंड के पास चिन्हित इस स्थान को एनएच-19 (GT Road) से जोड़ने के लिए एक विशेष सड़क परियोजना को मंजूरी दी गई है. इससे सड़क स्वर्ण चतुर्भूज सड़क योजना से सीधे तौर पर जुड़ जाएगी. इस सड़क के निर्माण को लेकर 16 मई को हुई राज्य मंत्रिमंडल समूह की बैठक में 142 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई थी.

अब तक क्या-क्या हुआ इसमें

गया यूनेस्को के विश्व धरोहर स्थलों की सूची में शामिल है. यहां इस योजना के शुरू होने से इसे एक नई पहचान मिलेगी. इस प्रोजेक्ट को समुचित तरीके से विकसित करने के लिए राज्य सरकार ने इस वर्ष 6 मार्च को स्टांप ड्यूटी में छूट की घोषणा की. 18 मार्च को पर्यावरणीय क्लियरेंस प्रदान की गई. प्रोजेक्ट की मॉनीटरिंग करने के लिए एक कंपनी का चयन कर लिया गया है.

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यह होगा इससे फायदा

इस प्रोजेक्ट के तैयार हो जाने से बिहार राष्ट्रीय स्तर पर औद्योगिक कॉरिडोर के फलक पर मजबूती से उभरेगा. पूर्व के बाजार से जुड़ जाएगा. साथ ही पूर्वोत्तर भारत के राज्यों के अलावा नेपाल, बांग्लादेश और भूटान के बाजार से सीधे तौर पर जुड़ जाएगा.

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परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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