Bihar News: 2 साल से वेतन के लिए गुहार लगा रही है महिला टीचर, भ्रष्टाचार के सामने बेबस, शिक्षा विभाग के कर्मियों पर लगाया गंभीर आरोप
Published by : Paritosh Shahi Updated At : 31 May 2025 8:26 PM
विभा कुमारी
Bihar News: गया में शनिवार को शिक्षा विभाग के परिसर में एक भावुक कर देने वाला दृश्य सामने आया, जब वेतन के इंतजार में मानसिक, शारीरिक और आर्थिक संघर्ष झेल रही महिला टोला सेविका विभा कुमारी कार्यालय में अचानक बेहोश होकर गिर पड़ीं.
Bihar News: गया के जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय परिसर एक मार्मिक दृश्य का साक्षी बना, जब डोभी प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय मनिपर की महिला टोला सेवक विभा कुमारी अचानक चक्कर खाकर गिर पड़ीं. कार्यालय परिसर में मौजूद कर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें कुर्सी पर लिटाया और पानी पिलाया. थोड़ी देर बाद जब विभा कुमारी होश में आयीं, तो वे फूट-फूट कर रोने लगीं और वहां मौजूद अन्य महिला कर्मियों की आंखें भी नम हो गयीं.
विभा ने आरोप लगाया कि शिक्षा विभाग के दो कर्मियों तारिक और नीलेश ने उनके बकाया वेतन भुगतान के बदले में एक माह की सैलरी की मांग की थी. विभा कुमारी ने बताया कि उनका दो वर्षों का वेतन बकाया है. घरवाले भी ताना मारते हैं कि कमा क्या रही हो. बेटा भी पिछले साल जून में जन्म के बाद गुजर गया. एक बेटी के सहारे जीवन चल रहा है. उन्होंने आगे बताया कि कुछ दिन पहले उन्हें ब्लड चढ़ाया गया था और जब डीपीओ साक्षरता से मदद मांगी तो जवाब मिला आपके लिए अलॉटमेंट नहीं है.
डीइओ ने दिखायी सख्ती, जांच के निर्देश
इसी दौरान जिला शिक्षा पदाधिकारी डॉ ओम प्रकाश कार्यालय पहुंचे. जैसे ही उन्हें घटना की जानकारी मिली, उन्होंने विभा को अपने कक्ष में बुलाया. विभा की आपबीती सुनने के बाद डीइओ ने कड़ी नाराजगी जतायी और दोनों संबंधित कर्मियों को फटकार लगाते हुए कहा बिना जेल गये नहीं मानोगे क्या. डीइओ ने बताया कि वेतन भुगतान को लेकर वे पहले ही तीन बार निर्देश दे चुके हैं, फिर भी भुगतान नहीं हुआ. कर्मियों ने जवाब दिया कि मामला ट्रेजरी में अटका है. डीइओ ने तुरंत समाधान का आश्वासन दिया और विभा को घर भेजा.
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पहले भी उठी थी शिकायत
सूत्रों के अनुसार, यह मामला नया नहीं है. विभा कुमारी ने पूर्व में भी कर्मी तारिक के खिलाफ पैसे मांगने की शिकायत की थी, जिस पर शोकॉज जारी किया गया था. लेकिन विभागीय सूत्र बताते हैं कि आज तक उस शोकॉज का जवाब विभाग को नहीं मिला है. मानसिक, पारिवारिक और आर्थिक संकट से जूझ रहीं विभा अब न्याय की आस लगाये बैठी हैं. उन्होंने कहा कि अगर पेमेंट मिलता रहता, तो शायद ये हालात नहीं होते.
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By Paritosh Shahi
परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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