गयाजी को भी रामायण सर्किट से जोड़ने की मांग, कांग्रेस नेताओं ने केंद्र से की अपील

सांकेतिक तस्वीर
कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार की स्वदेश दर्शन योजना में गयाजी को रामायण सर्किट से बाहर रखने पर नाराजगी जताई है. उन्होंने गयाजी के विश्व प्रसिद्ध सीताकुंड मंदिर और धार्मिक महत्व का हवाला देते हुए इसे सर्किट में शामिल करने की मांग की है.
भारत सरकार की स्वदेश दर्शन योजना के तहत शुरुआती तौर पर नौ राज्यों और नेपाल के कुल 15 मुख्य स्थलों, शहरों, जिलों को चिह्नित किया है, जिसके अंतर्गत बिहार के सीतामढ़ी, बक्सर और दरभंगा को जोड़ा गया है.
गयाजी का नाम न जोड़े जाने पर नाराजगी
गयाजी के नाम के वर्षों पूर्व से रामायण सर्किट के लिए प्रस्तावित होने के बाद भी लिस्ट में नहीं जोड़ना नाइंसाफी होगी. उक्त बातें कांग्रेस पार्टी के विजय कुमार मिट्ठू, बाबूलाल प्रसाद सिंह, राम प्रमोद सिंह और संतोषी पंडा ने कहीं हैं.
गयाजी के धार्मिक महत्व का उल्लेख
इन नेताओं ने कहा कि गयाजी का विश्व प्रसिद्ध सीताकुंड मंदिर, जो माता सीता जी, भगवान रामचंद्र जी, भगवान लक्ष्मण जी द्वारा अपने पिता दशरथ जी के फल्गु नदी में पिंडदान की व्याख्या, किसी से छिपी नहीं है.
बुद्धा सर्किट की तर्ज पर सर्किट विकसित करने की मांग
परंतु बिहार राज्य से झारखंड के विभाजन के बाद बिहार से ही बुद्धा सर्किट की तर्ज पर रामायण सर्किट विकसित करने की सूची में गयाजी का नाम न रहना न्यायसंगत नहीं है. इन नेताओं ने गयाजी को भी देश के रामायण सर्किट से जोड़ने की मांग की है.
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