गया जी : एक महीने में 918 मालगाड़ी के डिब्बों की मरम्मत, डीडीयू जंक्शन ने बनाया राष्ट्रीय रिकॉर्ड

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मशीन का तस्वीर | Prabhat Khabar Network

मालगाड़ी के डिब्बों की मरम्मत करते रेलकर्मी | Prabhat Khabar Network

DDU Junction National Record : डीडीयू जंक्शन के वैगन केयर सेंटर ने एक महीने में 918 बॉक्सन माल डिब्बों का रूटीन ओवरहॉल (ROH) कर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड स्थापित किया है. यह उपलब्धि भारतीय रेल में सुरक्षित और विश्वसनीय माल परिवहन को और मजबूत बनाएगी.

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DDU Junction National Record : पंडित दीन दयाल उपाध्याय (डीडीयू) मंडल एक बार फिर भारतीय रेल में अपनी तकनीकी दक्षता का लोहा मनवाने में सफल रहा है. डीडीयू जंक्शन स्थित वैगन केयर सेंटर ने जुलाई 2026 में बॉक्सन प्रकार के 918 माल डिब्बों का रूटीन ओवरऑल (आरओएच) पूरा कर भारतीय रेल में एक माह के दौरान सर्वाधिक मासिक आरओएच का नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड स्थापित किया है.

सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर

इस उपलब्धि के साथ मंडल ने दिसंबर 2025 में बनाए गए 905 माल डिब्बों के अपने ही राष्ट्रीय रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है. रेल अधिकारियों के अनुसार, 918 बॉक्सन माल डिब्बों का रूटीन ओवरऑल लगभग 15 क्लोज सर्किट (सीसी) रेकों के अनुरक्षण के बराबर है.

यह उपलब्धि महाप्रबंधक पूर्व मध्य रेल छत्रसाल सिंह के मार्गदर्शन, मंडल रेल प्रबंधक उदय सिंह मीना के नेतृत्व और वरीय मंडल यांत्रिक अभियंता (कैरिज एवं वैगन) नितिन कुमार के निर्देशन में गुणवत्ता, दक्षता और सतत सुधार की कार्यसंस्कृति के कारण संभव हो सकी.

सुरक्षित और विश्वसनीय माल परिवहन की मजबूत कड़ी

रूटीन ओवरहॉल प्रक्रिया के दौरान प्रत्येक माल डिब्बे का विस्तृत तकनीकी परीक्षण किया जाता है. आवश्यक मरम्मत, विभिन्न पुर्जों का रखरखाव और निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप उसकी कार्यक्षमता सुनिश्चित की जाती है.

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इससे माल डिब्बों की विश्वसनीयता, सेवा-योग्यता और उपलब्धता बढ़ती है. यही कारण है कि मालगाड़ियों का संचालन अधिक सुरक्षित, सुचारू और समयबद्ध तरीके से संभव हो पाता है.

370 क्लोज सर्किट रेकों का गठन और बेहतर परिसंपत्ति उपयोग

जुलाई माह के दौरान डीडीयू मंडल के माल डिब्बा परीक्षण यार्ड में 370 क्लोज सर्किट (सीसी) रेकों का गठन भी किया गया.

इन रेकों को 35+5 दिन अथवा 10,000 किलोमीटर तक की विस्तारित ब्रेक पावर प्रमाण-पत्र (बीपीसी) वैधता प्राप्त है. इससे रेकों की उपलब्धता बढ़ी है, परिसंपत्तियों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित हुआ है. पूर्व मध्य रेल के धनबाद मंडल सहित प्रमुख माल लदान क्षेत्रों में समय पर खाली रेक उपलब्ध कराने में उल्लेखनीय सहायता मिली है.

डीआरएम और वरीय मंडल यांत्रिक अभियंता का बयान

मंडल रेल प्रबंधक उदय सिंह मीना ने कहा कि रूटीन ओवरहॉल माल डिब्बों की सुरक्षा, गुणवत्ता और दीर्घकालिक विश्वसनीयता सुनिश्चित करने की सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रिया है.

उन्होंने कहा कि त्वरित तकनीकी परीक्षण, गुणवत्तापूर्ण मरम्मत और निर्धारित मानकों के अनुरूप रखरखाव के माध्यम से प्रत्येक माल डिब्बे को सुरक्षित एवं विश्वसनीय सेवा के लिए तैयार किया जाता है.

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उन्होंने राष्ट्रीय स्तर की इस उपलब्धि पर पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि डीडीयू मंडल अनुरक्षण के प्रत्येक क्षेत्र में उत्कृष्टता, गुणवत्ता और सुरक्षा के सर्वोच्च मानकों को बनाए रखते हुए भारतीय रेल की माल परिवहन प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए प्रतिबद्ध है.

वरीय मंडल यांत्रिक अभियंता (कैरिज एवं वैगन) नितिन कुमार ने इस उपलब्धि का श्रेय यांत्रिक विभाग की पूरी टीम को दिया.

उन्होंने कहा कि समयबद्ध कार्य निष्पादन, गुणवत्तापूर्ण अनुरक्षण प्रक्रिया और सुरक्षा मानकों के प्रभावी अनुपालन के कारण यह राष्ट्रीय रिकॉर्ड संभव हो पाया है. प्रत्येक माल डिब्बे का गहन परीक्षण, आवश्यक मरम्मत और नियमित रखरखाव उसकी विश्वसनीयता को बढ़ाता है और भारतीय रेल की माल परिवहन व्यवस्था को अधिक मजबूत और सक्षम बनाता है.

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Rohit Kumar Singh

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