काम करा कर कॉलेज नहीं दे रहा वेतन

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काम करा कर कॉलेज नहीं दे रहा वेतनफाेटाे- सिटी-5 (कॉलेज सचिव डॉ परशुराम मिश्र)मामला संजय गांधी महिला इंटर कॉलेज के एक लैब सहायक से जुड़ा लैब सहायक का आरोप- दूसरे कॉलेज में भी नहीं किया जा रहा तबादलासंवाददाता, गयासंजय गांधी महिला इंटर कॉलेज के एक लैब सहायक ने कॉलेज के सचिव पर कई वर्षों तक […]

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काम करा कर कॉलेज नहीं दे रहा वेतनफाेटाे- सिटी-5 (कॉलेज सचिव डॉ परशुराम मिश्र)मामला संजय गांधी महिला इंटर कॉलेज के एक लैब सहायक से जुड़ा लैब सहायक का आरोप- दूसरे कॉलेज में भी नहीं किया जा रहा तबादलासंवाददाता, गयासंजय गांधी महिला इंटर कॉलेज के एक लैब सहायक ने कॉलेज के सचिव पर कई वर्षों तक कार्य करवा कर वेतन नहीं देने का आरोप लगाया गया है. लैब सहायक मृत्युंजय पांडेय का आरोप है कि शिक्षक व शिक्षकेत्तर कर्मचारी के 2009-10 के वेतन भुगतान के लिए उच्च शिक्षा विभाग ने कॉलेज प्रशासन को 35,97,000 लाख रुपये का अनुदान दिया था. लेकिन, कॉलेज के सचिव द्वारा वेतन नहीं दिया गया. पूछने पर कॉलेज प्रशासन द्वारा वेतन के लिए अनुदान नहीं मिलने का हवाला दिया जाता है. साथ ही, पूर्व से बहाल कर्मचारियों की अनदेखी कर नये कर्मचारियों की बहाली की बात कही जाती है. कॉलेज प्रशासन के व्यवहार से तंग आकर उन्होंने दूसरे कॉलेज में तबादला करने की की मांग की. इस पर भी कोई विचार नहीं किया गया. इससे संबंधित पत्र क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक को दिया हूं. इस संबंध में कॉलेज सचिव डॉ परशुराम मिश्र ने बताया कि मृत्युंजय पांडेय की नियुक्ति 12 दिसंबर, 1988 को कॉलेज के भूगोल विभाग में लैब सहायक के पद पर की गयी थी. बिना सूचना के श्री पांडेय लंबे समय तक अनुपस्थित रहे. वैसे भी एक प्राइवेट कॉलेज से दूसरे प्राइवेट कॉलेज में कर्मचारियों के स्थानांतरण का अधिकार कॉलेज के सचिव के पास नहीं होता है. इस संबंध में कॉलेज प्रशासन ने क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक को पत्र लिख कर पूरे मामले की जानकारी दी गयी है. वेतन भुगतान के लिए आये अनुदान राशि के सवाल पर डॉ मिश्र ने कहा कि कॉलेज में उपस्थिति बनाने के लिए पंचिंग मशीन लगायी गयी है. उपस्थिति के अनुसार ही सभी शिक्षकों व कर्मचारियों को वेतन भुगतान कर उपयोगिता प्रमाणपत्र विभाग को उपलब्ध करा दिया गया है. विभाग को कई मामलों में हस्तक्षेप का अधिकार नहींप्राइवेट कॉलेजों के कई मामलों में हस्तक्षेप का अधिकार शिक्षा विभाग के पास नहीं होता है. समिति द्वारा ही कॉलेज का संचालन किया जाता है. प्राइवेट कॉलेजों के कर्मचारियों का स्थानांतरण किसी भी स्थिति में दूसरे कॉलेज में नहीं हो सकता. मृत्युंजय पांडेय के मामले में कॉलेज ने जवाब भेजा है, जिसकी जांच की जा रही है. कल्याणी कुमारी, क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक.

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