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बिहार में गंगा नदी पर पांच पुलों का हो रहा निर्माण, देर होने से बढ़ गयी 24 सौ करोड़ रुपये लागत

Updated at : 13 Oct 2022 6:21 AM (IST)
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बिहार में गंगा नदी पर पांच पुलों का हो रहा निर्माण, देर होने से बढ़ गयी 24 सौ करोड़ रुपये लागत

बिहार में गंगा नदी पर कई बड़े पुल का निर्माण किया जा रहा है. लेकिन इन सभी पुलों के निर्माण कार्य में विलंब होने की वजह से इन पुलों की लागत 24 सौ करोड़ रुपये त बाद गई है.

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बिहार में पांच बड़े पुलों के निर्माण में करीब एक से तीन साल की देरी होने से इनकी निर्माण लागत करीब 24 सौ करोड़ रुपये बढ़ गयी है. ये सभी पुल गंगा नदी पर बन रहे हैं. इनमें कच्ची दरगाह-बिदुपुर पुल, अगवानी घाट-सुल्तानगंज पुल, राजेंद्र सेतु के समानांतर सिमरिया में रेल-सह-सड़क पुल, बख्तियारपुर-ताजपुर और बक्सर से भोजपुर के बीच पुल बन रहे हैं.

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार अगवानी घाट-सुल्तानगंज पुल का निर्माण दो मई 2015 को करीब 859 करोड़ रुपये की लागत से शुरू हुआ, इसे एक नवंबर 2019 को बनकर तैयार होना था, लेकिन इसमें विलंब हुआ. इसके निर्माण की समय सीमा बढ़ाकर 30 जून 2022 की गई, लेकिन हाल ही में तेज आंधी से इस पुल का सुपर स्ट्रक्चर गिर गया. अब इसे 30 मार्च 2023 तक बनने की संभावना है. इसकी लागत करीब 1212.8 करोड़ रुपये हो गई. इस पुल के बनने से उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच की दूरी घट जाएगी. वहीं पुल पर आवागमन शुरू होने से सावन के समय जलाभिषेक के लिए देवघर जाने वाले कावरियों को भी सुविधा होगी.

कच्ची दरगाह-बिदुपुर

कच्ची दरगाह-बिदुपुर के बीच करीब 5000 करोड़ रुपए की लागत से छह लेन का पुल बन रहा है. 9.76 किमी लंबा यह पुल केबल पर टिका हुआ बिहार का सबसे बड़ा पुल होगा. यह पुल 16 जनवरी 2017 को बनना शुरू हुआ था और इसे 2020 में बनने की समय सीमा तय थी. हालांकि विलंब होने की वजह से इसे 2024 तक बनकर तैयार होने की संभावना है.

सिमरिया रेल-सह-सड़क पुल

इसके अलावा उत्तर और दक्षिण बिहार को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण पुल परियोजना राजेंद्र सेतु के समानांतर सिमरिया में रेल-सह-सड़क पुल का निर्माण 1491 करोड़ रुपए की लागत से 2016 में शुरू हुआ था. इसे 2019 तक बनने की संभावना थी, लेकिन इसमें विलंब हुआ. इसे 2023 तक तक बनने की संभावना है. इसकी लागत करीब 2500 करोड़ रुपये अनुमानित है.

बख्तियारपुर-ताजपुर

बख्तियारपुर-ताजपुर पुल 5.52 किमी की लंबाई में करीब 1599 करोड़ रुपये की लागत से 30 नवंबर 2011 से बनना शुरू हुआ था. 31 जुलाई 2019 इसका लक्ष्य रखा गया था लेकिन इसके निर्माण कार्य में देरी हो गई है. अब इसे 2024 तक बनने की संभावना है. इसकी लागत करीब 2500 करोड़ रुपये अनुमानित है.

बक्सर-भोजपुर पुल

बक्सर से भोजपुर के बीच करीब ढाई किलोमीटर लंबे पुल का निर्माण 14 मई 2018 में शुरू हुआ था, इसे 2021 में बनकर तैयार होना था लेकिन अब इसमें भी देरी हुई है. इसे 2023 तक बनने की संभावना है. इसकी लागत करीब 900 करोड़ रुपये थी, लेकिन इसे करीब 1000 करोड़ रुपये होने का अनुमान है.

कच्ची दरगाह-बिदुपुर के बीच अलग-अलग पीपा पुल

पथ निर्माण मंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव ने पिछले दिनों सड़क और पुल परियोजनाओं की समीक्षा की थी और तय समय पर परियोजनाओं को पूरा करने का निर्देश दिया था. इसी दौरान उन्होंने कच्ची दरगाह-बिदुपुर के बीच बरसात खत्म होते ही आने-जाने के लिए अलग-अलग पीपा पुल बनाने का अधिकारियों को निर्देश दिया है. इन पुलों को नवंबर के अंत तक बनने की संभावना है. पहले आने-जाने के लिए गंगा नदी में एक ही पीपा पुल होता था.

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