सारण के तरैया में दो माह बाद दोबारा घुसा बाढ़ का पानी, दहशत में लोग

दो माह बाद पुनः बाढ़ का पानी काफी तेज रफ्तार के साथ तरैया में प्रवेश किया. लोग तीन दिनों से बाढ़ की हल्ला सुनकर कर दहशत में जी रहे थे.
तरैया : दो माह बाद पुनः बाढ़ का पानी काफी तेज रफ्तार के साथ तरैया में प्रवेश किया. लोग तीन दिनों से बाढ़ की हल्ला सुनकर कर दहशत में जी रहे थे. प्रखंड के विभिन्न पंचायतों व गांवों के लोगों सोमवार को पोखरेड़ा पहुंच कर स्वयं बाढ़ के पानी का मुआयना कर लौटे व ऊंचे स्थानों पर अपने माल मवेशियों के साथ शरण लेने की जुगाड़ में जुट गये. पोखरेड़ा पंचायत के रामायण मोड़ स्थित छठघाट व पोखरेड़ा नोनिया टोली छठ घाट के समीप से बाढ़ का पानी तेजी के साथ तरैया में प्रवेश कर रहा है. नेपाल के तराई में भारी बारिश होने से बाल्मीकिनगर बराज द्वारा छोड़े गये लगभग चार लाख क्यूसेक बाढ़ का पानी एक बार फिर तरैया में दस्तक दे दिया. बात दें कि विगत 25 जुलाई को सारण – गोपालगंज तटबंध बैकुंठपुर के पकहा में टूटने से बाढ़ का पानी तरैया, पानापुर, अमनौर, मढ़ौरा, मकेर, परसा, दरियापुर प्रखंडों में भारी तबाही मचाया था. उक्त बाढ़ के तांडव के दौरान सड़क व बिजली की व्यवस्था को पूरी तरह से ध्वस्त हो गयी थी. पुनः दो माह बाद पकहा में ही बांध टूटने से दूसरी बार लोगों पर बाढ़ की आफत आ गयी.
तरैया क्षेत्र के माधोपुर व चंचलिया पंचायत के लगभग आधा दर्जन गांव सारण तटबंध के पूर्वी भाग में स्थित सगुनी, शामपुर, जिमदाहा, अरदेवा, बनिया हसनपुर, चंचलिया दियारा समेत अन्य गांव गंडक नदी के बढ़ते जल स्तर व उफान में घिरा हुआ है. गंडक नदी से महज 500 गज की दूरी पर स्थित चंचलिया दियारा में लगभग सैकड़ों घरों के लोग चारों तरफ से पानी से घिरे हुए है. उक्त बस्ती के लोगों को निकलने का कोई साधन नहीं है. तरैया क्षेत्र के 13 पंचायतों के लोग दो माह से बाढ़ की कहर झल रहे है. तरैया के भटगाई व नारायणपुर पंचायत के लोग अभी भी बाढ़ का कहर झेल रहे है. पहले वाले बाढ़ से अभी उबरे हुए नहीं थे कि दूसरी बार बाढ़ आ धमका.
तरैया. तरैया बाजार से सटे खदरा नदी में दूसरी बार बने डायवर्सन बारिश व बाढ़ के पानी में डूबा. डायवर्सन डूबने से प्रखंड मुख्यालय, रेफरल अस्पताल , थाना जाने वाले संपर्क भंग हो गये. वहीं कुछ युवक जान जोखिम में डालकर बाइक व साइकिल से डायवर्सन पार कर रहे है. एक युवक की साइकिल तेजधार में बह गये. डायवर्सन के पूर्वी छोड़ पर तेजधार व अधिक गड्ढे होने के कारण पैदल व साइकिल से पार करना भी अब मुश्किल हो गया. देवरिया हाइस्कूल के रास्ते तीन से चार किमी की दूरी तय करते हुए कोरर होते हुए रेफरल अस्पताल, प्रखंड मुख्यालय , थाना पहुंचा जा सकता है. वहीं बाढ़ के पानी के तेज रफ्तार होने के कारण 24 घंटे के अंदर प्रखंड क्षेत्र के सभी सड़कों पर पानी चढ़ जाने की संभावना लोग जता रहे है.
प्रखंड क्षेत्र में दूसरी बार बाढ़ का पानी प्रवेश करते ही लोगों में दहशत का महौल बना हुआ है. बाढ़ के पानी दूसरी बार आने की खबर पर लोग विश्वास नहीं कर रहे है. बाढ़ का पानी देखने को लेकर तरैया से पोखरेड़ा की तरफ लोगों की भीड़ लगी हुई है. वहीं तरैया बाजार में बाढ़ की खबर सुनकर लोग अपने जरूरत के सामानों की खरीदारी करने में जुटे हुए थे. रसोई गैस सिलिंडर की व्यवस्था को लेकर लोग भाग दौड़ करते रहे. वहीं किराना व दवा दुकानों पर भी भारी भीड़ लगी हुई थी.
posted by ashish jha
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By Prabhat Khabar News Desk
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