राज्य के किसानों को मिलेगा बिल मिलिंडा गेट्स फाउंडेशन का सहारा
Author : Pritish Sahay Published by : Prabhat Khabar Updated At : 13 Mar 2020 7:36 AM
कृषि विकास के लिए आधुनिक तकनीकी सुविधा और दुनिया भर में कृषि को लेकर हो रहे नये प्रयोग को राज्य के साथ जोड़ने के लिए बिल एंड मेलिंडा गेट्स हाउंडेशन बिहार में काम करेगा.
अनिकेत त्रिवेदी, पटना : कृषि विकास के लिए आधुनिक तकनीकी सुविधा और दुनिया भर में कृषि को लेकर हो रहे नये प्रयोग को राज्य के साथ जोड़ने के लिए बिल एंड मेलिंडा गेट्स हाउंडेशन बिहार में काम करेगा. इसको लेकर फाउंडेशन के प्रतिनिधियों ने कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ पहले दौर की बैठक कर ली है. जानकारी के अनुसार फाउडेंशन तीन प्रोजेक्टों पर बिहार में काम करना चाह रहा है. उसका पहला प्रोजेक्ट एक ऐसे डायस बोर्ड का निर्माण करना है, जिसमें राज्य के प्रत्येक किसान के बारे में पूरी जानकारी रहेगी. दूसरा प्रोजेक्ट डिजिटल फाॅर्मर्स सर्विस और तीसरा विषय क्लामेट चेंज को लेकर है. मूल रूप से फाउंडेशन राज्य के किसानों को ग्लोबल कृषि के साथ जोड़ने पर काम करेगा.
डिजिटल फाॅर्मर्स सर्विस से हर जानकारी : फिलहाल कृषि विभाग का डीपीटी सेल किसानों को किसी भी योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन, निष्पादन से लेकर अन्य सुविधाएं कमोवेश मुहैया कराता है, लेकिन डिजिटल फाॅर्मर्स सर्विस किसानों के लिए कृषि विभाग की ओर से दी जाने वाली सभी सुविधाओं का एक सिंगल विंडो सिस्टम वाला प्लेटफाॅर्म होगा. इस सर्विस के तहत कौन किसान किस योजना की का लाभ कब से ले रहा है? किस योजना की अद्यतन स्थिति किस जिले में कैसी है? किस जगह पर किस प्रकार की खेती की जा रही है से लेकर अन्य सभी जानकारियां रहेंगी.
कृषि विभाग के साथ हो चुकी है बैठक
ग्लोबल एग्रीकल्चर सिस्टम से किसानों को जोड़ने की तैयारी
क्लाइमेट चेज पर 60 करोड़
बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन : क्लाइमेट चेंज को लेकर कृषि में क्या-क्या नये प्रयोग किया जा सकते हैं. दुनिया के देशों में क्लाइमेट चेंज पर कितना काम कर चुके हैं. इसकी जानकारी कृषि विभाग को उपलब्ध करायेगा. इसको लेकर कृषि विभाग जल-जीवन-हरियाली के तहत लिये गये प्रोजेक्टों पर भी काम होंगे. डाॅ राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विवि, बिहार कृषि विवि, बॉरलॉग इंस्टीट्यूट ऑफ साउथ एशिया,भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के तहत मौसम अनुकूल खेती पर शोध व नये प्रोजेक्ट लाने के प्रोजेक्ट पर भी फाउंडेशन कार्य करेगा.
इसके लिए वर्ष 2023-24 तक 60 करोड़ 65 लाख से अधिक राशि स्वीकृत की गयी है. कृषि विभाग के पीपीएम कोषांग के उपनिदेशक सह इस प्रोजेक्ट के लिए बनाये गये नोडल पदाधिकारी अनिल कुमार झा बताते हैं कि फाउंडेशन के प्रतिनिधियों के साथ एक बार बैठक हो चुकी है. डिजिटल फाॅर्मस सर्विस से लेकर अन्य प्रोजेक्टों पर जल्द- से -जल्द काम शुरू किये जायेंगे.
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By Pritish Sahay
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