बिहार: कन्हैया कुमार पर चप्पल फेंकने वाले युवक को फर्जी तरीके से भेजा था जेल, चौंकाने वाला हुआ खुलासा
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 23 May 2023 7:05 AM
बिहार के लखीसराय में छात्र नेता कन्हैया कुमार पर चप्पल फेंकने के बाद चर्चे में आए चंदन गोरे ने एक मामले में जेल की सजा काट ली. लेकिन अब पूरा मामला ही फर्जी निकल गया. चंदन गोरे के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने वाले चुनचुन ने जो जख्म प्रतिवेदन दिया था वह फर्जी था.
Bihar: 14 अक्टूबर 2022 को लखीसराय के तेतरहाट थाना क्षेत्र के शरमा गांव निवासी चुनचुन कुमार ने तेतरहाट थाना में गांव के ही छात्र नेता चंदन कुमार गोरे के खिलाफ मारपीट कर घायल कर दिये जाने का मामला दर्ज कराया था. इसमें 25 फरवरी 2023 को पुलिस ने चंदन गोरे को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. मामले में 16 मई को अपर जिला सत्र न्यायाधीश द्वितीय की कोर्ट में अनुसंधानकर्ता सह तेतरहाट थाना के एएसआइ कपिलदेव प्रसाद गुप्ता ने आवेदन देकर माना था कि चंदन गोरे के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने वाले चुनचुन ने जो जख्म प्रतिवेदन दिया था वह फर्जी था.
जिस कल्याणी नर्सिंग होम के संचालक का जख्म प्रतिवेदन दिया गया है उसके संचालक के द्वारा भी जख्म प्रतिवेदन पर हस्ताक्षर करने वाले चिकित्सक के बारे में अनभिज्ञता जाहिर की गयी व कहा गया था कि इस नाम के चिकित्सक उनके यहां नहीं हैं. जख्म प्रतिवेदन भी उनके यहां के नहीं होने की बात कही. उन्होंने कोर्ट में इस तरह की गलती भविष्य में नहीं होने की बात भी कही. इसके बाद चंदन गोरे को कोर्ट के द्वारा जमानत दे दी गयी तथा 17 मई को चंदन गोरे जेल से बाहर आया.
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इस संबंध में चंदन गोरे ने बताया कि मैंने गांव के विद्यालय में शिक्षा व्यवस्था की बदहाल स्थिति को लेकर आवाज उठाया. इसी को लेकर गलत तरीके से प्राथमिकी दर्ज कर उसे फंसाया गया है. बताया कि इस संबंध में एएसपी को आवेदन देकर कांड के अनुसंधानकर्ता व प्राथमिकी दर्ज कराने वालों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की मांग की है.
पीड़ित चंदन गोरे ने बताया कि 15 अक्टूबर को गांव के विद्यालय की शिक्षा व्यवस्था की बदहाली के खिलाफ समाहरणालय परिसर में धरना भी दिया था. वहीं उसके ठीक एक दिन पूर्व उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी गयी थी. जबकि वे 13 व 14 अक्टूबर को गांव गये ही नहीं थे. इसके साथ ही उन्होंने बताया कि कांड में वर्णित धाराओं के अनुसार उन्हें थाना से ही बेल देना था, लेकिन वह भी नहीं दिया गया.
यहां बता दें कि चंदन कुमार गोरे राष्ट्रीय जन जन पार्टी में पूर्व में राष्ट्रीय युवा उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं. छात्र नेता कन्हैया कुमार के लखीसराय आगमन पर कन्हैया को चप्पल फेंकने के मामले से वे चर्चा में आ गये थे.
एएसपी रौशन कुमार ने बताया कि चंदन गोरे ने आवेदन दिया है. मामले में जांच कर उचित कार्रवाई की जायेगी.
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