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Padma Shri Award 2021 : बर्तन मांजकर सीखी मधुबनी पेंटिंग, अब राष्ट्रपति देंगे पद्म श्री सम्मान, पढ़िए दुलारी देवी के बारे में

Updated at : 25 Jan 2021 8:17 PM (IST)
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Padma Shri Award 2021 : बर्तन मांजकर सीखी मधुबनी पेंटिंग, अब राष्ट्रपति देंगे पद्म श्री सम्मान, पढ़िए दुलारी देवी के बारे में

padma shri award 2021 list : बिहार के मधुबनी जिले के रांटी गांव निवासी दुलारी देवी को पद्म श्री सम्मान से सम्मानित किया जाएगा. 26 जनवरी के पूर्व गृह मंत्रालय द्वारा इस बाबत दुलारी देवी को फोन कर सूचना दी गई है. यह तीसरा मौका है, जब मधुबनी जिले के रांटी गांव के किसी व्यक्ति को पद्य सम्मान से नावाज जाएगा.

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padma shri award 2021 : बिहार के मधुबनी जिले के रांटी गांव निवासी दुलारी देवी को पद्म श्री सम्मान से सम्मानित किया जाएगा. 26 जनवरी के पूर्व गृह मंत्रालय (MHA) द्वारा इस बाबत दुलारी देवी को फोन कर सूचना दी गई है. यह तीसरा मौका है, जब मधुबनी जिले के रांटी गांव के किसी व्यक्ति को पद्य सम्मान से नावाज जाएगा.

मिली जानकारी के अनुसार आज गृह मंत्रालय से दुलारी देवी को पद्म श्री सम्मान (padma shri award) के लिए फोन आया है. फोन के बाद ही गांव में जश्न का माहौल है. दुलारी देवी (Dulari Devi) से पहले गांव के और दो लोगों को यह सम्मान मिल चुका है.

संघर्षपूर्ण रहा है जीवन- दुलारी देवी का जीवन संघर्षपूर्ण रहा है. मल्लाह जाति से आने वाली दुलारी देवी की शादी 12 वर्ष में ही हो गई, जिसके बाद वे ससुराल आ गईंं. इसी दौरान वे मशहूर और ख्यातिलब्ध कलाकार कर्पूरी देवी के घर झाड़ू-पोंछा का काम करने लगी. दुलारी देवी बताती हैं कि इस दौरान फुर्सत के समय में अपने घर-आंगन को माटी से पोतकर, लकड़ी की कूची बना कल्पनाओं को आकृति देने लगी.

एपीजे अब्दुल कलाम भी थे पेंटिंग के मुरीद– दुलारी देवी के पेंटिंग के मुरीद पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम आजाद भी थे. 2012-13 मेंं राज्य सरकार द्वारा भी दुलारी देवी को सम्मानित किया जा चुका है. बताते चलें कि दुलारी देवी अब तक 7000 से अधिक पेंटिंग बना चुकी हैं.

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महासुंदरी देवी ने पेंटिंग बनाने के लिये किया प्रेरित- महासुन्दरी देवी ने हमको पेंटिंग बनाने के लिये प्रेरित किया. उसके बाद मैं इस कला को अपने जीवन का एक अहम हिस्सा बना लिया. दुलारी देवी पर एक के बाद एक विपदा का पहाड़ टूटता रहा. जब वह छोटी थी उसी समय उनकी शादी हो गयी. शादी के कुछ ही महीने के बाद उनके पति का देहांत हो गया. तब वह अपने मायके में पिता स्वर्गीय मुसहर मुखिया के साथ रहने लगी. आज तक वह अपने मायके में ही रहती हैं.

Posted By : Avinish kumar mishra

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