बिहार: डेंगू मरीजों का आंकड़ा 11 हजार के पार, पटना में मिले रिकॉर्ड 207 नये मरीज, जानिए वजह..

Bihar News: बिहार में डेंगू मरीजों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है. बढ़ते आंकड़ों ने लोगों की चिंता को बढ़ा दिया है. राज्य में 11 हजार डेंगू के मरीज मिले है. वहीं, पटना में रिकॉर्ड 207 नये मरीजों की पुष्टी हुई है.
Bihar News: बिहार में डेंगू मरीजों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है. बढ़ते आंकड़ों ने लोगों की चिंता को बढ़ा दिया है. राज्य में 11 हजार डेंगू के मरीज मिले है. वहीं, पटना में रिकॉर्ड 207 नये मरीजों की पुष्टी हुई है. बताया जा रहा है कि अधिक जांच होने के कारण डेंगू के मरीजों की संख्या में इजाफा देखने को मिला है. राजधानी में 24 घंटे में डेंगू के रिकॉर्ड 207 नये मरीज मिले है. इनमें सबसे अधिक पाटलिपुत्र अंचल में 105, बांकीपुर में 29, नूतन राजधानी में 23, कंकड़बाग में 15, अजीमाबाद में आठ और पटना सिटी में सात नये मरीज मिले हैं. इससे पहले इस सीजन में एक सप्ताह पहले सबसे अधिक 178 नये मरीज पाये गये थे. इसके साथ ही पटना जिले में डेंगू मरीजों का आंकड़ा 4201 तक पहुंच गया है.
पटना में 24 घंटे के अंदर 18 नये मरीजों को संबंधित मेडिकल कॉलेज अस्पताल के अलावा निजी अस्पतालों में भर्ती किया गया है. स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार जिले में अब तक करीब 427 इलाकों व घरों में डेंगू का लार्वा मिला है. वर्तमान में 116 डेंगू मरीज पीएमसीएच, आइजीआइएमएस, एनएमसीएच और पटना एम्स अस्पताल में भर्ती हैं. इनका अस्पतालों में इलाज चल रहा है. पटना में डेंगू मरीजों का आंकड़ा चार हजार के पार जा चुका है.
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इधर, भागलपुर जिले में डेंगू मरीजों के मिलने का सिलसिला जारी है. मंगलवार को सात डेंगू मरीज एलिजा जांच में मिले. सिविल सर्जन कार्यालय के अनुसार सदर अस्पताल में चार और मायागंज अस्पताल में तीन मरीजों की पहचान हुई है. अब तक जिले में 1064 डेंगू मरीज मिल चुके हैं. इनमें से पांच मरीजों की मौत हो चुकी है. मायागंज अस्पताल के हॉस्पिटल मैनेजर सुनील कुमार गुप्ता ने इस मामले में जानकारी दी है. उन्होंने बताया है कि मंगलवार को मायागंज अस्पताल में डेंगू के कुल 29 मरीज भर्ती हुए. 23 मरीज स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज हुए. मायागंज अस्पताल में अब भी कुल 77 मरीजों का इलाज चल रहा है. इनमें फील्ड अस्पताल में 62, एमसीएच में दो, एचडीयू में 11 और पेइंग वार्ड में दो मरीज भर्ती हैं.
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भागलपुर के कहलगांव में शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में डेंगू का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है. अनुमंडल अस्पताल में मंगलवार को 61 लोगों की डेंगू जांच हुई, जिसमें 12 लोग डेंगू पीड़ित पाये गये. अनुमंडल अस्पताल के प्रभारी उपाधीक्षक डॉक्टर आनंद मोहन ने बताया कि अनुमंडल अस्पताल में अब तक 932 लोगों की डेंगू जांच की गयी है. अब तक कुल 160 डेंगू पॉजिटिव पाए गए हैं.
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मुजफ्फरपुर जिले के शहरी इलाके और छह प्रखंडों में अधिक डेंगू मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने दुर्गा पूजा में घर लौटने वालों के लिए अलर्ट जारी किया है. स्वास्थ्य निदेशक ने सूबे के सिविल सर्जन को निर्देश दिया है कि दुर्गा पूजा में दूसरे स्टेट से घर लौटने वाले लोगों को अगर बुखार है और निजी अस्पताल में भर्ती होते हैं, तो उसकी सूचना दें. इसके लिए निजी अस्पतालों के साथ बैठक कर स्थिति के बारे में गंभीरतापूर्वक बातचीत करें. स्वास्थ्य विभाग को आशंका है कि दुर्गा पूजा में डेंगू और मलेरिया के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी देखी जा सकती है. विभाग ने इसके लिए कुछ गाइडलाइंस जारी किया है. उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में इलाज कराने वाले मरीजों में अगर डेंगू की पुष्टि होती है, तो उसकी जानकारी पोर्टल पर डालें. डेंगू-मलेरिया से पीड़ित कोई भी व्यक्ति अगर किसी निजी अस्पताल में भर्ती हैं, तो अस्पताल इसकी सूचना सीएस को दें. इलाज के लिए निजी अस्पतालों में डेंगू प्रोटोकॉल का पालन किया जाये.
मुजफ्फरपुर के एसकेएमसीएच में मंगलवार को जांच के दौरान डेंगू के 10 नये केस की पुष्टि हुई है. वहीं एक मरीज में डेंगू व चिकनगुनिया दोनों मिला है. जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डाॅ सतीश कुमार ने इसकी पुष्टि की है. जिले में इस साल अबतक डेंगू के 281 मरीज मिले हैं. लैब से आयी जांच रिपोर्ट में जिले में कुल दस डेंगू के मरीज मिले हैं. एसकेएमसीएच व निजी अस्पतालों में इलाज के लिए भर्ती मरीजों की मॉनीटरिंग की जा रही है. लार्वा मारने वाली दवा का छिड़काव भी कराया जा रहा है. सभी पीएचसी में दवा छिड़काव की मशीन उपलब्ध है. वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी ने बताया कि शहर के लिए माइक्रोप्लान तैयार किया गया है.
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बता दें कि बरसात के मौसम के बाद डेंगू के फैलने का खतरा अधिक होता है. वहीं, बिहार से अभी कुछ दिनों पहले ही मॉनसून की विदाई हुई है. ऐसे में डेंगू के मरीजों की संख्या में रिकोर्ड बढ़ोतरी देखने को मिल रही है. बचाव और सतर्कता से डेंगू जैसी बीमारी से अपना बचाव किया जा सकता है. मालूम हो कि डेंगू एडीज मच्छर के काटने से होने वाली बीमारी है. डेंगू होने पर तेज बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द होने लगता है. डेंगू में शरीर की प्लेटलेट्स तेजी से गिरने लगती है. मरीज को तुरंत ही अस्पताल में भर्ती कराना चाहिए. तीन दिन से अधिक बुखार के होने पर तुरंत चिकित्सक के पास जाना चाहिए. खुद से इलाज करना जानलेवा साबित हो सकता है. गंभीर स्थिति में ख्याल रखना बेहद जरुरी है. जागरुकता बीमारी से बचने का सबसे अच्छा उपाय है. फिलहाल, राज्य में डेंगू मरीजों का आकड़ा 11 हजार के पार जा चुका है. वहीं, पटना में भी 200 से अधिक संक्रमित पाए गए है. ऐसे में लोगों की चिंता बढ़ चुकी है. ऐसी स्थिति में सावधानी बरतने की जरुरत है.
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