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Darbhanga News: वरिष्ठ नागरिकों के भरण पोषण की जिम्मेदारी संपत्ति के वारिसों की

Updated at : 17 Nov 2025 9:50 PM (IST)
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Darbhanga News: वरिष्ठ नागरिकों के भरण पोषण की जिम्मेदारी संपत्ति के वारिसों की

Darbhanga News:आरती कुमारी ने पेंशनर समाज से कहा कि वरिष्ठ नागरिकों एवं स्वयं का भरणपोषण करने में असमर्थ माता-पिता की जिम्मेवारी उनके वयस्क पुत्र-पुत्री अथवा ऐसे रिश्तेदारों पर है, जो भविष्य में उनकी संपत्ति के वारिस होंगे.

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Darbhanga News: दरभंगा. जिला विधिक सेवा प्राधिकार सचिव आरती कुमारी ने पेंशनर समाज से कहा कि वरिष्ठ नागरिकों एवं स्वयं का भरणपोषण करने में असमर्थ माता-पिता की जिम्मेवारी उनके वयस्क पुत्र-पुत्री अथवा ऐसे रिश्तेदारों पर है, जो भविष्य में उनकी संपत्ति के वारिस होंगे. यह प्रावधान माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों के भरण पोषण एवं कल्याण अधिनियम 2007 में उपबंधित है. कहा कि बुजुर्गों के भरणपोषण संबंधी मामलों की सुनवाई एवं आदेश के लिए अनुमंडल स्तर पर ट्रिब्यूनल का गठन किया गया है. पीड़ित व्यक्ति के आवेदन पर 90 दिनों के अंदर सुनवाई कर संबंधित पुत्र-पुत्री अथवा रिश्तेदार को दस हजार रुपये तक मासिक भत्ता देने का आदेश पारित किया जा सकता है. कहा कि यदि किसी बुजुर्ग ने इस आशय के साथ अपनी संपत्ति दान की है, कि उसका भरणपोषण दान प्राप्तकर्ता करेगा, परंतु यदि वह ऐसा नहीं करता है, तो दान शून्य घोषित किया जाएगा. माना जाएगा कि ऐसा दान कपट, पीड़न एवं अनावश्यक प्रभाव में किया गया है. जिला विधिक सेवा प्राधिकार सचिव ने बताया कि प्रावधान के अनुसार यदि किसी बुजुर्ग को अपने शरीर या संपत्ति पर खतरा हो, तो इसकी सूचना जिला पदाधिकारी को दे सकते हैं. साथ ही नालसा योजना 2016 के तहत कानूनी सहायता के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकार से संपर्क कर सकते हैं या फिर नालसा के टॉल फ्री नंबर 15100 की मदद ले सकते हैं. पेंशनर समाज द्वारा आयोजित कार्यक्रम में पुरुषोत्तम कुमार, विरेंद्र कुमार झा, राजीव कुमार ने भी जानकारी साझा की. मौके पर पेंशनर समाज के अमर कुमार झा, अरुण कुमार, शिव कुमार आदि मौजूद थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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